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स्कूल वाहनों की चैकिंग को बनेगी कमेटी

नूरपुर में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। सोमवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
नूरपुर में हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। सोमवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस मामले में मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। बैठक में स्कूल वाहनों की चैकिंग के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह कमेटी जिला और राज्य स्तर पर अलग अलग गठित की जाएगी। जिला स्तर की कमेटी संबंधित जिला के उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित होगी। इसमें एसपी, एसडीएम, आरटीओ और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल किए जाएंगे। हर 3 महीने बाद कमेटी की बैठक होगी। तीन महीनों में किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कमेटी स्कूल वाहनों की रूटीन मॉनिटरिंग करेगी। औचक निरीक्षण कर इन वाहनों की चैकिंग भी की जाएगी। सरकार स्कूल वाहनों में नियमों की अवहेलना को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

बसों के बाहर लगानी होगी ग्रिल : बसों में आगे व पीछे दोनों ओर स्कूल बस लिखा जाएगा जिसमें केवल स्कूली छात्र ही सफर कर सकेंगे।

बसें चलाने वाले चालक के पास पांच वर्ष पुराना हैवी व्हीकल लाइसेंस होना भी अनिवार्य है जिससे वह बच्चों को सुरक्षात्मक तरीके से स्कूल छोड़ सके। बसों के बाहर भी हॉरीजेंटल ग्रिल भी लगाई जाएगी। इस संबंध में निगम प्रबंधन ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

बसों में लिखा होगा स्कूल नाम व नंबर : स्कूल चलने वाली सभी बसों में स्कूल प्रबंधन का नाम लिखना अनिवार्य किया गया है इसके साथ ही जिस स्कूल के लिए बस चल रही है उसकी नेम प्लेट भी बस के दोनों और लगाई जाएगी जिससे स्कूल जाने वाले छात्रों को आसानी के साथ अपनी बसों की पहचान हो सकेगी।

एचआरटीसी की बसों में लगाने होंगे अटैंडेंट

नियमों के तहत एचआरटीसी की स्कूलों में चलने वाली सभी बसों में स्कूल प्रबंधन को अटैंडेंट लगाने होंगे। निगम की स्कूल की डिमांड पर चलने वाली सभी बसों में परिचालक तो होगा ही साथ ही बच्चों को आराम से बसों में चढ़ाने व उतारने का कार्य अटैंडेंट करेंगे। इसके साथ ही बसों की स्पीड पर नियंत्रण रखने के लिए बसों में स्पीड गवर्नर भी लगाए जाएंगे। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार अब बसों मेंं अब फस्ट एड बॉक्स सहित अन्य सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

टैक्सियों के लिए ये नियम होंगे लागू

स्कूली बच्चों को छोड़ने और वापस घर तक पहुंचाने के लिए टैक्सियों के लिए नियम तय हुए हैं। अब स्कूल से टैक्सियां अटैच हाेनी चाहिए, यानि की स्कूल से ये पंजीकृत हो। यलो रंग की टैक्सियां हो और इसके चारों तरफ जालियां लगाई गई हो। टैक्सी चालक के अलावा एक अटेंडेंट में भी इसमें होना जरूरी है। जो बच्चों की देखरेख करें। टैक्सी में ओवरलोड किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं, सिर्फ 5 ही बच्चे एक टैक्सी में बिठाए जाएं। बच्चों की पूरी डिटेल टैक्सी चालक के पास हो।

ग्राम विद्या उपासकों को पीटीए की तर्ज पर मिलेगा 21500 रुपए का मानदेय

शिमला. राज्य सरकार प्रदेश में ग्राम विद्या उपासकों के लिए स्थानांनतरण नीति तैयार करेगी। सरकार ने छूटे हुए 153 ग्राम विद्या उपासकों को प्राथमिक सहायक अध्यापकों की तर्ज पर प्रतिमाह 21,500 रुपये का मानदेय, तीन प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश और 10 दिनों का चिकित्सा अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। सोमवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सड़क निधि के तहत सलापड़-ततापानी सड़क को चौड़ा करने के कार्य में तेजी लाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 9 पदों को भरने की भी मंजूरी प्रदान की है। मंडी जिले के कांगु (सलापड़) में लोनिवि के उपमंडल की एक नई परियोजना कार्यान्वयन इकाई के सृजन का निर्णय लिया। केंद्र ने इस सड़क के लिए 219 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। मंडी के थूनाग स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अतिरिक्त कमरों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई।