Hindi News »Himachal »Shimla» आयुर्वेदिक अस्पताल में भी होगा थायोराइड का टेस्ट और फिर मिलेगा इलाज, 300 रुपए में होगा यहां ये टेस्ट

आयुर्वेदिक अस्पताल में भी होगा थायोराइड का टेस्ट और फिर मिलेगा इलाज, 300 रुपए में होगा यहां ये टेस्ट

थायोराइड रोग से जूझ रहे रोगियों के लिए राहत की खबर है। आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला में अब न केवल उनका इलाज हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 06, 2018, 02:10 AM IST

थायोराइड रोग से जूझ रहे रोगियों के लिए राहत की खबर है। आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला में अब न केवल उनका इलाज हो सकेगा, बल्कि इसका टेस्ट भी यहीं पर होगा। अभी तक ये टेस्ट आईजीएमसी, केएनएच, डीडीयू और एसआरएल में ही होते हैं।

थायाेराइड की सुविधा मिलने से लोगों को कम रेट पर ये टेस्ट करवाने का एक अौर विकल्प मिल गया है। थायोराइड का टेस्ट निजी लैब में 1300 रुपए तक में किया जाता है लेकिन सरकारी अस्पतालों की लैब में यह 300 तक होता है। शनिवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य व आयुर्वेद मंत्री विपिन परमार ने ये सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल की लेबोरेटरी में भी स्टॉफ बढ़ाने के लिए हामी भरी। लैब टेक्नीशियन व सहायकों की कमी के कारण मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पपरोला से वैकल्पिक व्यवस्था करने को भी कहा।

अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे आयुर्वेद मंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

क्षारसूत्र-पंचकर्मा के लिए भी अाएंगे स्पेशलिस्ट|मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय आयुर्वेद अस्पताल शिमला में क्षारसूत्र व पंचकर्मा जैसे विशिष्ट चिकित्सा उपचार और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों के खाली पदों को भरने का मामला मुख्यमंत्री से उठाया जाएगा। यह अस्पताल बहुत बड़े क्षेत्र को कवर करता है। आयुर्वेद में 200 चिकित्सकों की भर्ती शीघ्र ही की जा रही है। अब राज्य के मुख्य अस्पतालों में चिकित्सक उपलब्ध हो जाएंगे। इसके अलावा हाल ही में 250 आयुर्वेद फार्मासिस्ट भरे गए हैं और इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्ति दी गई है। 2000 पैरा मेडिकल स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। उन्होंने चिकित्सकों को क्षारसूत्र व अन्य विशेषज्ञ प्रशिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।

बैठक कर ली जानकारी |इस दौरान आयुर्वेद निदेशक संजीव भटनागर व ओएसडी केके शर्मा के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में सालाना 50 हजार के करीब ओपीडी तथा 10 हजार आईपीडी है, जबकि 4800 से अधिक मरीजों का पंचकर्म पद्धति से उपचार किया गया। यह भी मांग की गई कि अस्पताल में आपातकाल चिकित्सा, ऑर्थो तथा स्त्री रोग उपचार सुविधाएं होना जरूरी है। इसके लिए मंत्री ने अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने अस्पताल में नई रोगी कल्याण समिति के गठन की बात भी कही। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के लिए कहा।

सफाई व्यवस्था भी जांची |इससे पूर्व आयुर्वेद मंत्री ने अस्पताल के प्रत्येक कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में विशेषकर सफाई व्यवस्था को देखा और इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि वह राज्य के मेडिकल कालेजों सहित सभी बड़े अस्पतालों का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण करने का उद्देश्य किसी में भय उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर इनमें सुधार लाना है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×