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आज तक कितने आए पॉक्सो के केस, क्या कार्रवाई हुई,शिक्षा सचिव ने तलब की रिपोर्ट

Bhaskar News Network | Last Modified - May 06, 2018, 02:10 AM IST

शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने उक्त शिक्षक की सेवाएं हमेशा के लिए कीं समाप्त

सिटी रिपोर्टर | शिमला

शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों से छेड़छाड़ के केसों की रिपोर्ट तलब की है। शिक्षा सचिव डॉ. अरुण शर्मा ने डायरेक्टर हायर एजुकेशन और डायरेक्टर एलीमेंट्री को निर्देश देते हुए जल्द मामलों की रिपोर्ट मांगी है। शिमला के सरकारी स्कूल में 26 अप्रैल को छठी कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। स्कूल के ही टीचर पर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप है।

छेड़छाड़ समेत पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज करके पुलिस ने टीचर को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने उक्त शिक्षक की सेवाएं हमेशा के लिए समाप्त कर दी। इस टीचर के खिलाफ छेड़छाड़ की पहले भी कई शिकायतें आई थीं। प्रदेश के अन्य स्कूलों में पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़छाड़ के कितने मामले आए हैं। इन मामलों में क्या कार्रवाई अमल में लाई गई और अगर कार्रवाई नहीं की तो इसके कारण क्या रहे, इसके बारे में शिक्षा सचिव ने निदेशकों से रिपोर्ट मांगी है।

पॉक्सो एक्ट में छेड़छाड़ या रेप के आरोप की शिकायत की स्कूल प्रशासन को तुरंत पुलिस को शिकायत देनी होती है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक पुलिस को भी ऐसे मामलों में सीधे केस दर्ज कर छानबीन करनी होती है, अगर रिकॉर्ड में यह पाया गया कि छेड़छाड़ के मामले पहले दबाए गए, तो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

शिमला में एक स्कूल में हुए छेड़छाड़ मामले के बाद हरकत में विभाग

जांच के दायरे में स्कूल की हेड टीचर भी

इधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के जांच के दायरे में उस स्कूल की हेड टीचर भी है, जिस स्कूल के शिक्षक को छेड़छाड़ मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि आरोपी शिक्षक ने इसी स्कूल में पहले भी एक छात्रा से छेड़छाड़ की थी। हेड टीचर ने मामला सामने आने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया था। जबकि हेड टीचर को पहले ही छेड़छाड़ के मामले की पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी।

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