Hindi News »Himachal »Shimla» बीबीएन में ठोस कचरा प्रबंधन पर फंसी सरकार, नहीं मिल रही कंपनियां

बीबीएन में ठोस कचरा प्रबंधन पर फंसी सरकार, नहीं मिल रही कंपनियां

शिमला|औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन (बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़) क्षेत्र में कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए सरकार और शहरी...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 06, 2018, 02:10 AM IST

शिमला|औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन (बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़) क्षेत्र में कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए सरकार और शहरी विकास विभाग फंस गए है। यहां पर कूड़े को ठिकाने लगाने के लिए कंपनियों ने कोई रुझान नहीं दिखाया है। शहरी विकास विभाग को पांच महीने बाद सिर्फ एक ही कंपनी का आवेदन प्राप्त हुआ है। सिंगल टेंडर ने विभाग की मुश्किलों को बढ़ा दिया है, एेसा इसलिए क्योंकि सिंगल टेंडर पर विभाग अपने स्तर पर कोई निर्णय नहीं ले सकता है। अब विभाग सिंगल टेंडर के मामले को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजेगा। मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद ही विभाग कंपनी को प्लांट स्थापित करने की परमिशन देगा।

इस प्लांट के स्थापित हो जाने से यहां पर तीन शहरी निकायों बद्दी, नालागढ़ और परवाणु सहित यहां की 42 पंचायतों के कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाया जाना था। विभाग ने यहां पर प्रति दिन 60 से 70 टन कूड़े को उचित प्रबंधन के लिए प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की है। लेकिन अधिक कंपनियों के आगे न आने की वजह से विभाग का यह प्रोजेक्ट तब तक के लिए टल गया है, जब तक सरकार सिंगल बिड पर अपना कोई अंतिम निर्णय नहीं ले लेती।

शहरी विकास विभाग के निदेशक डीके गुप्ता ने कहा कि बीबीएन में कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए सिर्फ एक ही कंपनी का आवेदन प्राप्त हुआ है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

केवल एक आवेदन िमला

सरकार से परमिशन मिलने तक यहां पर खुले में ही कूड़े को ठिकाने लगाया जाएगा। एनजीटी और प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद शहरी विकास विभाग यहां पर प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की। इसके लिए आवेदन मांगे लेकिन विभाग को सिर्फ एक ही आवेदन प्राप्त हुआ। यह आवेदन विभाग ने जनवरी में मांगा था

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×