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बासाधार में 700 बीघा जमीन पर बन सकता है एयरपोर्ट: जवाहर

मंडी जिला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के लिए स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया जोरों पर है। सोमवार को...

Danik Bhaskar | May 07, 2018, 02:10 AM IST
मंडी जिला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के लिए स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया जोरों पर है। सोमवार को दिल्ली से हवाई अड्डा प्राधिकरण की टीम भी मंडी जिला के चिन्हित 5 स्थानों का हवाई सर्वेक्षण करने जा रही है। हवाई अड्‌डे को लेकर विधायकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में हवाई अड्‌डा बनाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। द्रंग में प्रस्तावित दो साइटों के लिए स्थानीय विधायक ने भी राजस्व अधिकारियों के साथ दौरा कर अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए सभी दस्तावेज पूरे करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी प्रक्रिया में द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर ने रविवार को मौके पर जाकर राजस्व अधिकारियों के साथ जायजा लिया।

जवाहर ठाकुर का कहना है द्रंग विधान सभा क्षेत्र में त्रयांबली व कटिंडी राजस्व मुहाल के बीच स्थित बासाधार में हवाई अड्डे की संभावना प्रबल है। यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान आईआईटी की दूरी मात्र 2 से 3 किमी ही रह जाएगी। जबकि पहाड़ की टेकरी से आईआईटी संस्थान साफ नजर आता है। यहां पर देश के बाहरी राज्यों से जहां छात्र आते हैं वहीं पर विदेशों से भी छात्र और शिक्षकों सहित आते रहते हैं। जिनके लिए बासाधार हवाई अड्डा वरदान साबित होगा। यही नहीं यहां पर बासा राजस्व मुहाल की साढ़े 700 बीघा जमीन उपलब्ध है। जिसमें 576 बीघा सरकारी और 173 बीघा के करीब निजी जमीन है। जबकि इतनी ही जमीन इसके साथ लगते बरनाला मुहाल की भी है। जिससे यहां पर तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनने की संभावना है। वहीं पर इसकी चौड़ाई भी पांच सौ मीटर तक होने की संभावना है। जहां पर हवाई जहाज के रनवे के अलावा पर्यटकों के ठहराव, गार्द, अग्निशमन केंद्र व अन्य संस्थान भी स्थापित किए जा सकते हैं।

दावा


हवाई पट्टी के निर्माण से लोगों का विस्थापन भी नाममात्र

रविवार को विधायक जवाहर ठाकुर ने अफसरों के साथ बासाधार में हवाई अड्डे की साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बासाधार में हवाई पट्टी के निर्माण से लोगों का विस्थापन नाममात्र का ही होगा। यहां पर आबादी बहुत ही कम है। आबादी इससे दोनों ओर नीचे की ओर है जहां इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। वहीं पर घासणियां होने की वजह से यहां पर पेड़ों का कटान भी नहीं होगा। जबकि यहां पर कटिंग कर इसे और विस्तार देने की भी संभावनाएं है। बासाधार से बरोट व पराशर जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों के लिए हेलिटेक्सी सेवा भी आसानी से शुरू की जा सकती है। इसे कुल्लू-शिमला व धर्मशाला तक विस्तार दिया जा सकता है। वहीं पर मंडी और आईआईटी के लिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा ब्रोगला, बनाला, कटिंडी, घोघरधार आदि क्षेत्रों में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सकता है। द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर का कहना है कि बासाधार आईआईटी के सबसे करीब है। वहीं पर यहां अगर हवाई पट्टी बनती है तो लोगों को विस्थापित नहीं होना पड़ेगा और पेड़ों का कटान भी कम होगा। इससे क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का तो महत्व बढ़ेगा ही। वहीं पर प्रदेश के दूसरे हिस्सों के लिए भी हेलिटेक्सी सेवा शुरू की जा सकती है।