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प्राइवेट संस्थान बढ़ा रहे हैं एचएम के कोर्स, यहां एचपीयू ने इस सत्र से कर दिया बंद

निजी संस्थान जहां होटल मैनेजमेंट कोर्स करवाकर लाखों रुपए फीस छात्रों से ले रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 09, 2018, 02:10 AM IST

निजी संस्थान जहां होटल मैनेजमेंट कोर्स करवाकर लाखों रुपए फीस छात्रों से ले रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी इस कोर्स को बंद कर रही है। इस वर्ष एचपीयू में न तो हाेटल मैनेजमेंट की प्रवेश परीक्षा होगी और न ही इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि सुविधाएं न होने के कारण इस बार बेचलर आॅफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) कोर्स में एडमिशन नहीं होगी। विवि प्रशासन का कहना है कि इस कोर्स को पढ़ाने के लिए कोई भी रेग्युलर प्रोफेसर नहीं है। गेस्ट फैकल्टी के भरोसे संस्थान चल रहा है। ऐसे में इस बार एडमिशन नहीं करवाई जा सकती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि बिना सुविधाओं के एचपीयू ने यह कोर्स कैसे शुरू किया। एचपीयू में इस कोर्स के होने के बाद भी प्रदेश के छात्रों को निजी संस्थानों से लाखों रुपए फीस देकर कोर्स करना पड़ रहा है।

हैरानी, पिछले चार वर्ष में लैब तक नहीं बना पाएबेचलर आफ होटल मैनेजमेंट कोर्स की बात करें तो इसमें थ्योरी का ज्यादा महत्व नहीं रहता हैं। ऐसे में यहां 100 में से 60 फीसदी प्रैक्टिकल और सिर्फ 40 फीसदी थ्योरी की पढ़ाई होती है। हैरानी की बात यह है कि जिस प्रैक्टिकल वर्क का ज्यादा महत्व रहता है, इसके लिए एचपीयू के बीएचएम संस्थान के पास अपनी लैब ही नहीं है। लैब में जहां शैफ का काम सिखाया जा सकता था, वहीं छात्रों को शहर के कुछ होटलों में ले जाकर मात्र औपचारिकताएं पूरी की जा रही थी। ऐसे में अब यह कोर्स बंद हो गया है।

कैसे मिलेगा रोजगार, प्रोफेशनल

कोर्स बंद हो रहे

बीएचएम कोर्स तीन साल का शुरू किया गया था। फीस सालाना 60 हजार थी। एचपीयू में 40 सीटें हैं, अब बंद कर रहे हैं।

कोर्स के लिए न तो शिक्षक है और न ही बैठने के लिए कमरे, दाे क्लास रुम दिए गए हैं।

अभी तक गेस्ट फेकल्टी के भरोसे कोर्स चलाया गया।

कोर्स में छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए लैब की जरूरत होती है, लेकिन एचपीयू में नहीं है।

पर्यटन कारोबार में देखें तो होटल टूरिज्म में अधिक संभावनाएं है, ऐसे में छात्र बिना प्रैक्टिकल के कैसे सफल हो पाएंगे।

बड़े होटलों में छात्रों को तभी प्लेसमेंट मिल पाएगी, जब उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव होगा।

एेसी लापरवाही से छोड़ना पड़ता है हिमाचलपर्यटन व होटल टूरिज्म में हिमाचल में रोजगार के कई अवसर मिलते हैं। एचपीयू और कुफरी ही ऐसे सरकारी संस्थान है, जहां बीएचएम कोर्स को चलाया जा रहा है। जबकि अब एचपीयू ने इसे इस सत्र में बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में साफ है कि निजी संस्थानों की ओर छात्र ज्यादा जाएंगे। यही नहीं, प्रदेश से बाहर खुले संस्थानों में होटल इंडस्ट्री की पढ़ाई के लिए मजबूरन छात्रों को जाना पड़ रहा है।

एेसी अजीब वजह से बंद किया कोर्स

हमारे पास भवन नहीं है, भवन बनने में अभी समय लगेगा।

कम छात्र एडमिशन के लिए आ रहे हैं, इसलिए इस सत्र में इस कोर्स को बंद किया जाएगा।

रेगुलर टीचर नहीं है, इसलिए भी कोर्स में छात्रों की एडमिशन नहीं करवा सकते।

छात्रों को अगले सत्र 2019-20 में फिर से प्रवेश दिया जाएगा।

इस सत्र बीएचएम कोर्स में एडमिशन नहीं होगी। हमने इसे बंद नहीं किया है, अगले सत्र 2019-20 में इसे फिर शुरू किया जा सकता है। हमारे पास अभी भवन व इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं। ऐसे में छात्रों को सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए एडमिशन नहीं करवाई जा रही है। प्रो. चंद्रमोहन परशिरा, चेयरमैन, वोकेशनल स्टडी सेंटर, एचपीयू

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