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सरकार ने स्कूलों से मांगा रिकार्ड तो पता चला दर्ज हैं पॉक्सो के 300 केस, अभी तक क्या कार्रवाई की, डायरेक्टर देंगे रिपोर्ट

Shimla News - पिछले दिनों शिमला में एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छठी की छात्रा से छेड़छाड़ के बाद सरकार ने स्कूलों से पॉक्सो एक्ट...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:10 AM IST
सरकार ने स्कूलों से मांगा रिकार्ड तो पता चला दर्ज हैं पॉक्सो के 300 केस, अभी तक क्या कार्रवाई की, डायरेक्टर देंगे रिपोर्ट
पिछले दिनों शिमला में एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छठी की छात्रा से छेड़छाड़ के बाद सरकार ने स्कूलों से पॉक्सो एक्ट के केसों की रिपोर्ट मांगी थी। अब ये रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि प्रदेश के स्कूलों में पॉक्सो एक्ट के 300 केस इस समय दर्ज है।

इनमें से रेप और छेड़छाड़ के केस कितने है, ये जानकारी भी अभी जुटाई जा रही है। अब सरकार ने डायरेक्टर हायर एजुकेशन और डायरेक्टर एलीमेंट्री को निर्देश दिए हैं कि छेड़छाड़ और रेप के केसों को अलग-अलग कर जल्द रिपोर्ट दें। छेड़छाड़ और रेप के कितने मामलों में आरोपियों के कार्रवाई की गई और उसका स्टेटस क्या है, इसके बारे में भी निदेशकों को सरकार को बताना होगा। दोनों तरह के केसों में शिक्षकों की संलिप्तता की भी अच्छी खासी संख्या बताई जा रही है। हालांकि, रिपोर्ट आने पर ही यह साफ होगा कि केसों में कितने शिक्षक संलिप्त हैं और कितने दूसरे आरोपी।

निदेशकों से सरकार ने यह भी जवाब मांगा है कि छेड़छाड़ और रेप के केसों में कितने शिक्षक फंसे हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाई गई। जिनके खिलाफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है, उसके क्या कारण रहे, इस संबंध में भी जवाब मांगा है। दरअसल, हाल ही में शिमला में जिस शिक्षक ने छात्रा से छेड़छाड़ की थी, वह इस तरह के मामलों में पहले भी संलिप्त रहा है। इसी स्कूल में रहते हुए शिक्षक ने पहले भी कई छात्राओं से छेड़छाड़ की, पर स्कूल प्रशासन ने मामला दबा दिया। इसीलिए सरकार ने ऐसे मामलों की रिपोर्ट मांगी है, जिसमें छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद समझौतों से केस दबाए गए। पॉक्सो एक्ट में साफ है कि छात्रा के छेड़छाड़ की शिकायत करने के बाद स्कूल प्रमुख को तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस थाना में देना होती है और पुलिस को भी समय गंवाए बिना सीधे केस दर्ज कर छानबीन शुरू करनी होती है।

खुलासा

छेड़छाड़ या रेप के हैं ये केस अभी इनकी जानकारी जुटाई जा रही, रिपोर्ट अाने पर पता चलेगा कितने शिक्षक और अन्य

पॉक्सो एक्ट में अब यह है सजा का प्रावधान

बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे यौन शोषण के मामलों को देखते हुए सरकार ने 2012 में पॉक्सो एक्ट लाया था। हाल ही में केंद्र सरकार ने इसमें संशोधन किया। अब 12 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप मामले में दोषी के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। यही सजा गैंगरेप में भी है। 12 साल से अधिक और 16 साल की कम उम्र की बच्ची से रेप मामले में सजा 10 से 20 साल और गैंगरेप में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। रेप के मामलों की जांच दो माह में पूरी करनी होगी। रेप के मामलों के ट्रायल को दो माह में पूरा किया जाएगा। 12 साल से अधिक और 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप और गैंगरेप मामले में आरोपियों को अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है।

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