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फॉरेस्ट गार्ड ने आत्महत्या की थी या हुई थी हत्या, पांच महीने में जान नहीं पाई सीबीआई

शिमला| 9 जून 2017 में करसोग के गरजूब जंगल में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह का शव पेड़ से लटका मिला था। पहले पुलिस और फिर...

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 02:10 AM IST
शिमला| 9 जून 2017 में करसोग के गरजूब जंगल में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह का शव पेड़ से लटका मिला था। पहले पुलिस और फिर सीआईडी ने मामले की जांच की। पुलिस, सीआईडी ने इसे आत्महत्या का मामला करार दिया। लोग पुलिस और सीआईडी की जांच से संतुष्ट नहीं थे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 सितंबर को मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए। कोर्ट के आदेशों के बाद 27 अक्टूबर 2017 को सीबीआई ने एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला ब्रांच में केस दर्ज किया और जांच शुरू की गई। मामले की जांच को बनी तीन सदस्यीय एसआईटी ने तब से लेकर अब तक 10 से 12 पुलिस कर्मियों समेत 50 लोगों से पूछताछ की है। हाल ही में सीबीआई टीम ने मौके पर क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया, लेकिन फॉरेस्ट गार्ड की मौत कैसे हुई, इस पहेली से पर्दा नहीं उठ पाया। पांच महीनों की जांच में सीबीआई अभी तक यह पता नहीं लग पाई कि फॉरेस्ट गार्ड की हत्या हुई थी या फिर आत्महत्या का मामला ही है। ऐसे में लोग जांच से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। लोगों को आशंका है कि गार्ड की हत्या वन माफिया ने की है। फिलहाल कोर्ट भी सीबीआई की अभी तक की जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। पिछले महीने ही इस मामले में जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीबीआई ने कोर्ट में सौंपी थी। कोर्ट ने फटकार लगाकर सीबीआई को गहन जांच के आदेश दिए। मामले की जांच को लेकर कोर्ट ने सीबीआई को दो महीने का वक्त दिया है। जून महीने के दूसरे हफ्ते में सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।