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कंडा जेल में अब ४३ सीसीटीवी कैमरों से भी कैदियों पर नजर दिसंबर में जेल की सलाखें काटकर फरार हो गए थे तीन कैदी

मॉडर्न जेल कंडा में जेल प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं। कैदियों को वार्डरों के भरोसे न छोड़ते हुए जेल...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:10 AM IST
मॉडर्न जेल कंडा में जेल प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं। कैदियों को वार्डरों के भरोसे न छोड़ते हुए जेल प्रशासन अब खुद भी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कैदियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है। जेल प्रशासन ने जेल के कोने-कोने में 43 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए हैं। जेल में सुरक्षा के लिहाज से कैमरे पहली बार लगाए गए हैं। पिछले साल 5 दिसंबर की रात को हत्या और रेप केस में अंडरट्रायल कैदी लीलाधर, प्रेम बहादुर और प्रताप सिंह बैरक की सलाखों को काटकर फरार हो गए थे। इसलिए जेल में कैमरे लगाने की जरूरत पड़ी है। हालांकि, जेल से भागने के बाद पुलिस ने 48 घंटों के भीतर ही तीनों कैदियों को पकड़ लिया था, मगर कैदियों के भागने के मामले को जेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीजी जेल सोमेश गोयल के निर्देशानुसार कंडा जेल में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया गया। जोकि अब पूरा हुआ। जेल के अंदर कैमरे लगने के बाद अब जेल प्रशासन के लिए कैदियों की हर गतिविधि पर नजर रखना आसान हो गया है। जेल सुपरिंटेंडेंट सुशील ठाकुर ने बताया कि जेल में 43 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। अब कैमरों से भी कैदियों की निगरानी हो रही है।

जेल में हैंड मैटल और डोर मैटल डिटेक्टर भी स्थापित किए हैं। जेल से अंडरट्रायल कैदियों को अदालत में पेश करने के लिए ले जाना पड़ता है। पेशी के बाद कैदी अपने साथ जेल के अंदर तेजधार हथियार समेत अन्य वस्तुएं न ले जाए, यह पकड़ने के लिए हैंड मेटल और डोर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं।

जेल में सुरक्षा के लिहाज से कैमरे पहली बार लगाए गए हैं, हैंड मेटल और डोर मेटल डिटेक्टर भी स्थापित

सीसीटीवी कैमरे लगाने से होगा यह लाभ जेल में बैरक के बाहर समेत हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे लगाने से कैदियों की गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहेगी। कैदी कुछ गलत तो नहीं कर रहे, यह भी कैमरों के माध्यम से पता चलेगा। पिछले साल दिसंबर माह में कैदियों ने फरार होने के लिए बैरक को ब्लेड से काटा था। बैरक के अंदर ब्लेड कैसे पहुंचा, उसको कैसे काटा, इसके बारे में स्टाफ को पता नहीं चला। पर अब इस तरह की गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। बैरक से अंदर बाहर आते जाते कैदियों की गिनती समेत चेकिंग बराकर हो रही है या नहीं, यह भी पता चलेगा।

साढ़े चार सौ कैदी हैं कंडा जेल में आदर्श जेल में करीब 450 कैदी हैं। इनमें हत्या, रेप और अन्य संगीन वारदातों के सजायाफ्ता और अंडरट्रायल कैदी हैं। देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में कुल्लू जिले से पकड़ा गया आईएसआईएस एजेंट आबिद खान भी इसी जेल में है। कैदियों की सेवा सुरक्षा में आदर्श जेल में करीब 120 से अधिक का स्टाफ तैनात है।

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