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एचआरटीसी से आॅनलाइन टिकट बुकिंग करानी है तो जेब में भी रखे एडवांस पैसे

दीपाली ने बुधवार शाम पालमपुर के लिए के लिए तीन टिकटें ऑनलाइन बुक करवाई। एकाउंट से करीब 902 रुपए भी कट गए अौर सीट नंबर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 11, 2018, 02:10 AM IST

एचआरटीसी से आॅनलाइन टिकट बुकिंग करानी है तो जेब में भी रखे एडवांस पैसे
दीपाली ने बुधवार शाम पालमपुर के लिए के लिए तीन टिकटें ऑनलाइन बुक करवाई। एकाउंट से करीब 902 रुपए भी कट गए अौर सीट नंबर 27,28 और 29 भी बुक हो गई। लेकिन स्टेटस आया फैलियर। थोड़ी देर बाद यात्री के पास मैसेज आया कि आपकी सीटें बुक नहींं हुई है लेकिन बताया गया कि उनको 7 से 9 दिन के बाद पैसे रिफंड होंगे। अकेले दीपाली ही नही बल्कि उनके जैसे कई यात्रियों से ऑनलाइन टिकट बुक करने पर पैसे तो कट रहे हैं लेकिन टिकटें बुक नहीं हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग के भरोसे बैठे यात्रियों को शाम के बाद बुकिंग कैंसिल होने पर टिकट बुक करवाने का विकल्प भी नहीं बचता। साथ में जेब से खाते से पैसे कटने के बाद 7 से 8 दिनों में वापस मिलने का मैसेज देकर एचआरटीसी के पास कोई जवाब नहीं है। इन हालात में अगर किसी यात्री के पास पैसों की दिक्कत होगी तो वह दोबारा से अपनी टिकट बुक नहीं करवा पाएगा।

पर्यटन सीजन शुरू हाेने के साथ ही इन दिनों बाहरी राज्य से पर्यटक शिमला और प्रदेश के दूसरे हिल स्टेशनों आ रहे हैं। वापसी से पहले ज्यादातर पर्यटक ऑनलाइन टिकटें एचआरटीसी की वेबसाइट से बुक करवाते हैं। लेकिन एचआरटीसी की वेबसाइट पर बुकिंग करते हुए यात्रियों के पैसे कटने के बाद भी टिकट बुक नहीं हो पा रही। पैसों के रिफंड के लिए पर्यटकों को भी इंतजार करना पड़ रहा है।

एचअारटीसी की वेबसाइट से ऑनलाइन जेनरेट डिटेल। इसमें पैसे तो काट लिए लेकिन स्टेटस फेलियर दिखाया गया है।

एक हफ्ते से है प्राॅब्लम लेकिन कुछ नहीं किया

यात्रियों का अारोप है कि पिछले कुछ दिनों चल रही दिक्कत काफी आफत बनी हुई है। टिकटों के पैसे का जोड़ भी गलत निकल रहा है। मजबूरी में पर्यटकों और प्रदेश के लोगों को निजी बसों में तय किराए से ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। निगम प्रबंधन कह रहा है कि सॉफ्टवेयर में दिक्कत चल रही है। टिकटों से निगम की लाभ की बात करें तो एक दिन में निगम की डेढ़ करोड़ की कमाई साधारण आैर वॉल्वो बसों से होती हैं। 75 लाख ऑनलाइन बुकिंग के तहत कमाई होती है। लेकिन ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया को ठीक नहीं किया जा रहा है। इससे हजारों यात्री हर दिन परेशान हो रहे है क्योंकि ऑनलाइन बुकिंग से लोगों को काफी सुविधा घर बैठे ही मिल जाती थी।

जोगेंद्र शर्मा | शिमला

दीपाली ने बुधवार शाम पालमपुर के लिए के लिए तीन टिकटें ऑनलाइन बुक करवाई। एकाउंट से करीब 902 रुपए भी कट गए अौर सीट नंबर 27,28 और 29 भी बुक हो गई। लेकिन स्टेटस आया फैलियर। थोड़ी देर बाद यात्री के पास मैसेज आया कि आपकी सीटें बुक नहींं हुई है लेकिन बताया गया कि उनको 7 से 9 दिन के बाद पैसे रिफंड होंगे। अकेले दीपाली ही नही बल्कि उनके जैसे कई यात्रियों से ऑनलाइन टिकट बुक करने पर पैसे तो कट रहे हैं लेकिन टिकटें बुक नहीं हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग के भरोसे बैठे यात्रियों को शाम के बाद बुकिंग कैंसिल होने पर टिकट बुक करवाने का विकल्प भी नहीं बचता। साथ में जेब से खाते से पैसे कटने के बाद 7 से 8 दिनों में वापस मिलने का मैसेज देकर एचआरटीसी के पास कोई जवाब नहीं है। इन हालात में अगर किसी यात्री के पास पैसों की दिक्कत होगी तो वह दोबारा से अपनी टिकट बुक नहीं करवा पाएगा।

पर्यटन सीजन शुरू हाेने के साथ ही इन दिनों बाहरी राज्य से पर्यटक शिमला और प्रदेश के दूसरे हिल स्टेशनों आ रहे हैं। वापसी से पहले ज्यादातर पर्यटक ऑनलाइन टिकटें एचआरटीसी की वेबसाइट से बुक करवाते हैं। लेकिन एचआरटीसी की वेबसाइट पर बुकिंग करते हुए यात्रियों के पैसे कटने के बाद भी टिकट बुक नहीं हो पा रही। पैसों के रिफंड के लिए पर्यटकों को भी इंतजार करना पड़ रहा है।

वेबसाइट पर लोड से प्रॉब्लम: गुप्ता|एचआरटीसी के जनरल मैनेजर एचके गुप्ता कहते हैं कि हम रोजाना ऑनलाइन बुकिंग से करीब 75 लाख की टिकटें हर रोज बुक कर रहे हैं। वेबसाइट में लोड ज्यादा होने के कारण कई बार टिकटें नहीं बन पाती है। इसलिए इस तरह की प्रॉब्लम आ जाती है। इसे दुरूस्त करने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों के पैसे उनके अकाउंट में वापस आ जाते हैं, इसमें कोई दिक्कत नहीं हैं।

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