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गुड़िया का हत्यारोपी जेल में, पहले पकड़े गए पांच युवक नहीं किए केस से डिस्चार्ज, दो अभी भी जेल में

सीबीआई ने गुड़िया रेप एवं हत्या केस को तो सुलझा लिया, लेकिन इसी मामले में पुलिस एसआईटी की ओर से पहले पकड़े गए युवक अभी...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 02:10 AM IST
सीबीआई ने गुड़िया रेप एवं हत्या केस को तो सुलझा लिया, लेकिन इसी मामले में पुलिस एसआईटी की ओर से पहले पकड़े गए युवक अभी भी संदेह के घेरे में ही हैं। वजह यह है कि सीबीआई ने उन्हें इस केस से अभी मुक्त यानि डिस्चार्ज नहीं किया। सीबीआई को लिखकर देना होगा कि गुड़िया केस से इन युवकों का लेना देना नहीं है, तभी ये कोर्ट से आरोप मुक्त होंगे। लेकिन अभी तक सीबीआई ने कोर्ट में यह लिखकर दिया नहीं है कि पुलिस एसआईटी ने जो युवक पकड़े थे, वे निर्दोष हैं। मामले में सीबीआई ने 13 अप्रैल को जिला कांगड़ा के पुलिंग गांव के अनिल कुमार को अरेस्ट किया। 25 अप्रैल को हाईकोर्ट में सीबीआई ने अंतिम स्टेटस रिपोर्ट सौंपी। सीबीआई ने दावा किया है कि 11 जुलाई से पहले आरोपी के खिलाफ निचली अदालत में चालान दायर करेगी। अनिल इस केस में मुख्य आरोपी है।

यह सीबीआई गिरफ्तारी के दिन ही दावा कर चुकी है। सवाल यह है कि जब सीबीआई खुद दावा कर रही है कि गुड़िया रेप और मर्डर केस सॉल्व हो गया है, तो फिर पहले पकड़े युवक केस से डिस्चार्ज क्यों नहीं किए गए। आखिर सीबीआई किसका इंतजार कर रही है।

तीन युवक जमानत पर, दो कंडा जेल में

पुलिस की एसआईटी ने गुड़िया मामले में 12 और 13 जुलाई को एक लोकल समेत छह युवक गिरफ्तार किए थे। इनमें से एक की 18 जुलाई की रात को कोटखाई पुलिस थाना के लॉकअप में मौत हो गई। सूरज नामक युवक की इंटेरोगेशन के दौरान मौत हुई। बाकी बचे पांच युवकों में से तीन युवक बेल पर हैं। इनमें आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह और सुभाष बिष्ट शामिल हैं। जबकि दीपक और लोकजन उर्फ छोटू अभी तक कंडा जेल में है। अक्टूबर महीने में कोर्ट ने युवकों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। अदालत ने सभी को 10-10 लाख के जमानती बांड भरने के आदेश भी दिए थे। तीन को तो जमानती मिल गए, लेकिन इन दोनों की जमानत किसी ने नहीं दी। ये दोनों अब सीबीआई की राह देख रहे हैं। क्योंकि सीबीआई की ओर से केस से डिस्चार्ज होने के बाद ही दोनों जेल से बाहर आ सकेंगे।

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