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ड्राइवर सड़क में पड़े गड्ढों से बस को बचा रहा था इतने में जोर से अावाज अाई और बस लुढ़क गई

सिरमौर जिला के राजगढ़ उपमंडल के नेईनेटी के समीप हुए निजी बस हादसे में घायल 13 लोगों को सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 02:10 AM IST
ड्राइवर सड़क में पड़े गड्ढों से बस को बचा रहा था इतने में जोर से अावाज अाई और बस लुढ़क गई
सिरमौर जिला के राजगढ़ उपमंडल के नेईनेटी के समीप हुए निजी बस हादसे में घायल 13 लोगों को सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में लाया गया। इनमें से एक चार वर्षीय बच्चे थानादार निवासी चार वर्षीय आस्तिक की अस्पताल पहुंचने से पहलेे ही मौत हो चुकी, जबकि कशमली निवासी 45 वर्षीय नारदा देवी की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल सुरजीत को आईजीएमसी शिमला व देशराज को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। हादसे में घायल 9 लोगों का सोलन अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही सोलन अस्पताल में घायलों का डाक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया।

राजगढ़ के रिटब गांव निवासी राजेंद्र हाब्बी (59) ने बताया कि वह बस से सोलन की ओर आ रहे थे। सोलन से पझौता जाने वाली सड़क खस्ताहाल है और यही हादसे का कारण भी बनी। उन्होंने बताया कि रविवार को बस जब नेईनेटी के समीप पहुंची तो सड़क में पड़े गड्ढे को बचाते हुए अनियंत्रित हो गई। शायद बस के अगले पट्टे टूटे होंगे जोर की आवाज के साथ बस ने चार-पांच पलटे खाए और एक खेत में जाकर उल्टी होकर रुकी।

घायलों को लेकर सोलन पहुंचे नेईनेटी लोग

हादसे के बाद घायलों को सोलन लेकर आए नेईनेटी गांव निवासी शिवराम, देवीराम और विनोद ने बताया कि यह हादसा करीब 8.50 बजे हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही सारे लोग घटनास्थल पर पहुंचे। जिनके पास गाड़ियां थी वह घायलों को लेकर सोलन की ओर चल पड़े। हादसा दर्दनाक था और अभी तक वह भी इससे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि निजी बस सड़क से करीब 200 मीटर तक लुढ़कती रही।

लुढ़कती बस की सीट पकड़े रहे बस हादसे में घायल यूपी के चंदूसी, जिला संबल निवासी धर्मवीर (25) और 15 वर्षीय पप्पू ने बताया कि वह एक सप्ताह पहले ही यूपी से मजदूरी का काम करने इस क्षेत्र में आए थे। पांच दिन काम करके रविवार को वापस लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि अचानक बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़कने लगी। बस हमने तो अपनी सीट को कसके पकड़े रखा लास्ट तक। वह शुक्र मना रहे हैं कि इतने बड़े बस हादसे में उनकी जान बच गई।

ग्रामीणों ने मिलकर बस को हल्का सा उठाया और घायलों को निकालने में जुटे रहे।

हर कोई दौड़ा सोलन अस्पताल की ओर हादसे की सूचना रविवार सुबह सोलन में आग की तरह फैल गई, जिसे पता लगा वह सोलन अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा। अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सोलन में घायलों के पहुंचने के साथ ही एडीसी सोलन विवेक चंदेल, नायब तहसीलदार सोलन चंद्रमोहन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों को 6-6 हजार रुपए और मृतकों को 10-10 हजार रुपए की फौरी राहत दी। बाद में तहसीलदार राजगढ़ भी सोलन अस्पताल पहुंचे। पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यप भी सोलन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सांसद वीरेंद्र कश्यप ने भी घायलों का कुशलक्षेम पूछा। दोपहर बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर भी सोलन अस्पताल पहुंचे।

2018ः १३३ दिन, ७२१ सड़क हादसे, ३४२ की मौत

अनिल ठाकुर| शिमला. नूरपुर हादसे के जख्म अभी भरे ही नहीं थे कि रविवार को सिरमौर और शिमला के ठियोग में हुए दो सड़क हादसों में 14 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस साल जनवरी माह से लेकर 13 मई के बीच राज्य में 272 सड़क हादसे हुए हैं। इन 133 दिनों के भीतर 272 सड़क हादसों में 342 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1241 लोग सड़क हादसों में जख्मी हुए हैं। जनवरी महीने में 240 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 89 लोगों की मौत हुई है और 375 लोग जख्मी। फरवरी माह में 217 सड़क हादसों में 85 की मौत हुई है और 371 लोग जख्मी। मार्च महीने में 264 हादसों में 93 की मौत हुई है। अप्रैल महीने में नुरपूर में सबसे बड़ा हादसा हुआ। जिसमें 25 मासूम बच्चों सहित 3 अन्य की मौत हुई थी। 16 अप्रैल को कुल्लू में कार गिरने से 4 की मौत हुई थी। 20 अप्रैल को ऊना, 19 अप्रैल को नेरवा में हुए हादसे में 6-6 लोगों की मौत हुई थी। 10 सालों में 10,782 लोगों की हुई है सड़क हादसों में मौत। जबकि 52,214 लोग हादसों में जख्मी हुए हैं।

राजगढ़ उपमंडल के नईनेटी में हुए निजी बस हादसे के घायलों का सोलन अस्पताल में हाल पूछते सांसद वीरेंद्र कश्यप और पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यय।

बस कंडक्टर वीरेंद्र को किया पीजीआई रेफर राजगढ़ उपमंडल के नेईनेटी निजी बस हादसे में घायल बस कंडक्टर को रविवार शाम पीजीआई रैफर कर दिया है। 35 वर्षीय वीरेंद्र धामला चंदोल गांव का रहने वाला है। इस हादसे में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।

कोई हल्दी वाला दूध लेकर तो कोई गाड़ी लेकर पहुंचा मौके पर राजेद्र हाब्बी ने बताया कि निजी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने कहा कि किसी को भी ठंडा पानी न दें और कोई पिला सकता है तो हल्दीवाला गर्म दूध दे। स्थानीय ग्रामीण रमेश और शमशेर सहित 50 महिला व पुरुष मौके पर आए और राहत व बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने घायलों को हल्दी वाला दूध भी पिलाया और बस से बाहर निकालने का कार्य भी किया।

ट्रामा सेंटर की खली कमी सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के नेईनेटी में रविवार को निजी बस दुर्घटना के बाद घायलों को लाया गया। यहां ट्रामा सेंटर की कमी खली। घायलों को उपचार के लिए सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। सोलन में एक दशक से ट्रामा सेंटर की मांग चल रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई अतिवादी कदम नहीं उठाया गया। हादसा होने पर यहां परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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