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1134 करोड़ रुपए के बागवानी प्रोजेक्ट में नपेंगे अफसर, मंत्री ने तलब किया रिकाॅर्ड

शिमला| विश्व बैंक के 1134 करोड़ रुपए के बागवानी प्रोजेक्ट में एक नया खुलासा हुआ है। बागवानी विभाग ने विश्व बैंक की तय...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 02:10 AM IST

शिमला| विश्व बैंक के 1134 करोड़ रुपए के बागवानी प्रोजेक्ट में एक नया खुलासा हुआ है। बागवानी विभाग ने विश्व बैंक की तय शर्तों के अनुरूप सेब के पौधों का आवंटन न करके उसे अपनी मर्जी से लोगों को बांटे हैं। ऊंची पहुंच को देखते हुए पौधे बांटे गए हैं। इस मामले में मंत्री ने पूरा रिकार्ड तलब किया है। मंत्री ने 22 मई को अधिकारियों को प्रोजेक्ट की पूरी रिपोर्ट के साथ बुलाया है। इसी दिन प्रोजेक्ट की समीक्षा करेंगे। इसमें सचिव से लेकर निचले स्तर तक के सभी अधिकारियों को रिपोर्ट देनी होगी।

मंत्री ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि पूर्व की सरकार ने इटली से सेब के पौधे किस आधार पर मंगवाए जबकि इस प्रोजेक्ट के लिए न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों को कंसल्टेंसी के लिए चुना गया है।

मंत्री ने विश्व बैंक के ध्यान में भी लाया मामला

क्लस्टर के बाहर पौधों के आबंटन का मामला मंत्री ने विश्व बैंक के ध्यान में भी लाया है। अधिकारियों को बताया गया कि पूर्व में इस प्रोजेक्ट के तहत जो काम हुआ है उसमें तय मानकों को फॉलो नहीं किया गया है। न क्लस्टर बने है और न ही टैंकों का निर्माण किया गया है। मंत्री ने विश्व बैंक के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया है कि इस मामले में पूरी जांच करने के बाद नए सिस्टम से काम होगा। सरकार प्रोजेक्ट के लिए शीघ्र क्लस्टर बनाने का टारगेट तय करेगी। बागवानों की मांग के अनुरूप पौधे वितरीत किए जाएंगे। बाहर से पौधे मंगवाने की बजाए विभाग अपने स्तर पर नई वैरायटी के पौधे तैयार करेगा। इसके लिए नौणी विवि को खास निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

पौधे बांटने का है आरोप

विश्व बैंक ने पौधों के आबंटन से पहले क्लस्टर बनाने की शर्त रखी है। तीस हैक्टेयर के एक क्लस्टर में 10 हैक्टेयर क्षेत्र में पौधों को लगाया जाना है। वहां पर पानी के टैंक के निर्माण के साथ क्षेत्र की फेंसिंग की जानी है।

राज्य में विश्व बैंक के बागवानी प्रोजेक्ट का पूरा रिकार्ड मंगवाया है। इस प्रोजेक्ट की कई शिकायतें मिली हैं। हर मसले की गहनता से जांच होगी। इसमें यदि किसी भी तरह की कोताही पाई जाती है तो सरकार नियमानुसार कार्रवाई करेगी। -महेंद्र सिंह, आईपीएच एवं बागवानी मंत्री

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