Hindi News »Himachal »Shimla» उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर दी जमीन ट्रांसफर करना हुआ आसान

उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर दी जमीन ट्रांसफर करना हुआ आसान

उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर दी गई जमीन को स्थानांतरण करना आसान हो गया। उद्योग विभाग ने इसके लिए नियमों में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 02:10 AM IST

उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर दी गई जमीन को स्थानांतरण करना आसान हो गया। उद्योग विभाग ने इसके लिए नियमों में बदलाव कर इसे लागू कर दिया है। इसके तहत प्रदेश में वह उद्यमी जिन्होंने उद्योग विभाग की अनुमति से अपनी जमीन लीज पर दे रखी है और वह अब जमीन को छोड़ना चाहते हैं या उसका स्थानांतरण करना चाहते हैं तो विभाग द्वारा वसूली जाने वाली प्रीमियम की राशि को विभाग ने पहले के मुकाबले काफी कम कर दिया है। अनर्जित प्रीमियम की राशि को घटा कर विभाग ने 10 और 5 प्रतिशत कर दिया है। विभाग के इस फैसले से प्रदेश में करीब एक हजार निवेशकों को लाभ होगा।

पांच साल तक के प्रोडक्शन वाले से वसूला जाएगा 5 प्रतिशत तक प्रीमियम : प्रदेश में जिन उद्यमियों को प्रोडक्शन करते हुए पांच साल या इससे कम समय हुआ है विभाग उनसे कम प्रीमियम की राशि वसूलेगा। जिस औद्योगिक इकाई को प्रोडक्शन करते हुए पांच साल का समय हो गया है उससे विभाग पहले 20 प्रतिशत और पांच साल से कम के प्रोडक्शन वाले औद्योगिक इकाई से 30 प्रतिशत की दर से प्रीमियम वसूला जाता था। यह अब 5 प्रतिशत की दर से वसूला जाएगा। हालांकि विभाग के इस निर्णय से सरकार को तो थोड़ा आर्थिक नुकसान होगा लेकिन विभाग ने निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए नियमों को सरल बनाया है। विभाग के ऐसा करने का मकसद अधिक निवेशकों को रिझाना है ताकि प्रदेश में निवेश को बढ़ाया जा सके।

उद्योग स्थापित करने के लिए लीज पर दी गई जमीन स्थानांनतरण करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। उद्यमियों से वसूले जाने वाले अनर्जित प्रीमियम की दर को घटा कर 10 और 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

राजेश शर्मा, निदेशक उद्योग विभाग

अभी 50 से 20 प्रतिशत तक वसूला जा रहा था प्रीमियम

पुराने नियमों के तहत उद्योग विभाग निवेशकों से जमीन स्थानांतरण की एवज में 50 से 20 प्रतिशत की दर से प्रीमियम वसूल रहा था। यह निवेशकों के लिए काफी महंगा सौदा साबित हो रहा था। इसमें ऐसे कई उद्यमी थे जिन्होंने विभाग से लीज पर जमीन तो ले ली है लेकिन वहां पर कोई काम शुरु नहीं किया है। ऐसे निवेशकों से विभाग अनर्जित प्रीमियम का 50 प्रतिशत वसूल रहा था। हर साल जमीन की कीमत बढ़ने के साथ प्रीमियम की यह रकम भी बढ़ती जा रही थी जिसे चुकता करना निवेशक के लिए आसान नहीं हो राह था। ऐसे निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए विभाग ने उन्हें बढ़ी राहत प्रदान की है। इसे घटा कर दस प्रतिशत कर दिया है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×