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अाज सैहब कर्मियों के हित में फैसला नहीं अाया तो छोड़ेंगे नौकरी, फिर नहीं उठेगा कूड़ा

सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म हुए अभी 10 दिन ही गुजरे हैं और ऐसे में आउटसोर्सिंग के टेंडर निकलने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 02:10 AM IST

सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म हुए अभी 10 दिन ही गुजरे हैं और ऐसे में आउटसोर्सिंग के टेंडर निकलने के बाद यूनियन फिर से आंदोलन के मूड में आ गई है। सैहब कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि वीरवार को उनकी ओर से हाईकोर्ट में रखे गए उनके पक्ष पर हाईकोर्ट का फैसला अाना है। सोसाइटी ने हाईकोर्ट में बताया है कि कि निगम की ओर से न तो उन्हें सैलरी समय पर मिलती है और नहीं उनका ईपीएफ समय पर काटा जाता है। इसके अलावा उनके लिए वर्दी और जूतों का भी प्रावधान नहीं है। जिस पर हाईकोर्ट अाज फैसला सुनाएगा। यह फैसला सैहब कर्मचारियों के पक्ष में नहीं आता है तो सभी सैहब कर्मचारी एक साथ काम छोड़ देंगे। सैहब यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम की ओर से डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन को लेकर जो टेंडर निकाले गए हैं वे इसका विरोध करते हैं। इसके अलावा आज हाईकोर्ट से भी उनके हक में फैसला नहीं आता है तो वे अपनी सेवाएं ही खत्म कर देंगे।

असरः सैहब के 500 कर्मचारियों के एक साथ काम छोड़ने से शहर में एक बार फिर 34 वार्डों के 40 हजार उपभोक्ताओं का कूड़ा नहीं उठेगा

दस दिन पहले कोर्ट के आदेशों के बाद ही लौटे थे सैहब कर्मचारी भाजपा के 10 माह के कार्यकाल में पांच बार सैहब कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं। अभी हाल ही में दस दिन पहले ही सैहब कर्मचारियों ने एक सप्ताह तक हड़ताल की थी और हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ही काम पर लौटे थे। ऐसे में अब परमानेंट जॉब छोड़ने की वजह से शहर के हालात खराब हो सकते हैं। वहीं निगम के रेगुलर सफाई कर्मचारी भी प्रशासन से मांगे न माने जाने को लेकर नाराज चल रहे हैं तो ऐसे समय में सफाई कर्मचारी भी हड़ताल में जा सकते हैं इससे हालात और अधिक बत्तर हो सकते हैं।

नगर निगम वर्कर्स फैडरेशन ने भी प्रशासन को दिया अाज तक का अल्टीमेटम

लंबे समय से देनदारियों का भुगतान न करने पर नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने भी निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर निगम वर्कर्स फैडरेशन आज निगम कार्यालय के बाहर धरना देगी। फैडरेशन के सचिव बलवीर सिंह ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों की लीव इन कैशमेंट और मृत्यु पश्चात मिलने वाले अनुदान का भुगतान नहीं हुआ है। अकेले स्वास्थ्य शाखा में ही ऐसे 41 मामले लंबित पड़े हैं। इस संबंध में कई बार नगर निगम को अवगत करवाया जा चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 17 मई तक निगम कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं करता है तो वीरवार को निगम कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। आयुक्त को सात सूत्रीय मांग पत्र भी दिया हुआ है।

पहले डंपर पर फेंका जाता था कूड़ा, नहीं था हड़ताल का झंझटशहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था से पहले विभिन्न स्थानों में कूड़ा डालने के लिए डंपर रखे हुए होते थे। लोग इन डंपरों पर कूड़ा डालते थे और नगर निगम के कर्मचारी इन डंपर को कूड़ा संयंत्र में निष्पादन के लिए ले जाया करते थे। इसके बाद निगम प्रशासन ने वर्ष 2009 में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की व्यवस्था को शुरू किया था और शहर के ज्यादातर हिस्सों से डंपर को हटा दिया गया।

सफाई व्यवस्था के लिए चार टिप्पर हायर करेगा निगमशहर में सफाई व्यवस्था को सही रखने और कूड़े को भरयाल प्लांट तक पहुंचाने के लिए निगम प्रशासन 4 बड़े टिप्पर को किराए पर लेगा। इसके लिए निगम प्रशासन ने टेंडर जारी कर दिए हैं और इच्छुक व्यक्ति इसके लिए 1 जून तक आवेदन कर सकता है। प्रशासन दो वर्षों के लिए टिप्पर को ठेके पर लेगा।

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