शिमला

  • Hindi News
  • Himachal Pradesh News
  • Shimla News
  • पूर्व मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के अारोपों की जांच करेगी विजिलेंस
--Advertisement--

पूर्व मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के अारोपों की जांच करेगी विजिलेंस

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 02:10 AM IST

भास्कर न्यूज | शिमला

विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट तैयार की थी। इसमें सीएम वीरभद्र सिंह कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। अब सत्ता संभालने के करीब चार महीनों बाद भाजपा सरकार ने आरोपों की जांच का निर्णय लिया और चार्जशीट विजिलेंस को सौंप दी है। सरकार के निर्देश पर अब विजिलेंस एक-एक मामले में पहले प्रारंभिक इन्क्वायरी करेगा और आरोप साबित होने के बाद प्राथमिकी दर्ज होगी। पूर्व मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों पर लगाए गए आरोपों की जांच विजिलेंस की स्पेशल यूनिटें करेगी। विजिलेंस में इस तरह के मामलों की जांच के लिए दो एसआईयू गठित है। जयराम सरकार ने चार्जशीट पर पहले विभागीय जांच करवाई थी, इसलिए विजिलेंस को चार्जशीट देरी से सौंपी गई है। चार्जशीट में वीरभद्र सिंह के अलावा विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, सुधीर शर्मा, जीएस बाली समेत कई विधायकों पर आरोप लगाए गए हैं। भाजपा ने 24 दिसंबर 2016 को कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सौंपी थी।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अौर अन्य उनके पूर्व मंत्रियों पर आरोप

पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह पर आय से अधिक संपत्ति व भ्रष्टाचार के मामले में आढ़ती चुनी लाल को पहले उन्होंने राज्य कृषि विपणन बोर्ड का निदेशक बनाया। फिर कांगड़ा सहकारी बैंक शाखा जरी (कुल्लू) द्वारा 1 करोड़ 30 लाख का कर्ज बैंक के नियमों को ताक पर रख कर दिलवाया गया। राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेश डा. एचएस बवेजा को उन पर लगे तमाम भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद नहीं हटाया। हॉलीलोज में गेस्ट हाउस निर्माण के लिए सरकार ने हरे पेड़ काटने की अनुमति दी। ब्रेकल कारपोरेशन घोटाला, सोरंग हाईड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट घोटाला, लोक निर्माण विभाग में अनियमितताएं, सड़क निर्माण में घोटाले के भी आरोप।


इन पर अच्छे पंपों और मीटरों को घटिया पंपों से बदलने का आरोप है। टैंकों की सफाई के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए लेकिन सभी स्कीमों के बने टैंकों की सफाई नहीं करवाई गई।


अवैध खनन को बढ़ावा देने, बिना औपचारिकताएं पूरी किए स्टोन क्रशरों को मंजूरी दिलवाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।

प्रकाश चौधरी ने बाद में जनरल इंडस्ट्रीयल कारपोरेशन (जी0आई0सी0) को संसारपुर टैरेस स्थित सूरज गुप्ता की फैक्ट्री से ईएनए खरीदने के आदेश दे दिए। इसके अलावा भाजपा ने चार्जशीट में सुभाष आहलुवालिया, डीएसपी पदम ठाकुर समेत कई अन्य अधिकारियों और विधायकों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। पूर्व सीएम, मंत्रियों और अन्य पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह अब विजिलेंस जांच के बाद ही तय होगा।


कौल सिंह पर आशा वर्कर भर्ती में घोटाले के आरोप हैं। इसके अलावा टेस्ट लैब घोटाले, आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की मशीनें बेकार कर टेस्टिंग का ठेका आउटसोर्स करने के भी आरोप हैं।


एलईडी बल्ब बेचने के आरोप के साथ लोगों को नकली बीज दिए जाने का आरोप है, इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।


खरीदी गई 800 बसों का निर्माण कार्य ऐसी कंपनी से करवाने का आरोप लगाया है जो पहाड़ी क्षेत्रों पर नहीं चल सकती। 300 करोड़ की खरीदी गई बसों के ऊपर सामान रखने का कोई प्रावधान नहीं किया गया।


इन पर बिल्डरों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। इसके अलावा पैराग्लाइडिंग घोटाला, अपने रिश्तेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने समेत कई आरोप हैं।


भरमौरी पर वन माफिया को संरक्षण देने, अवैध कटान मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। साथ ही तारादेवी में काटे गए 477 देवदार के पेड़ के मामले को रफा-दफा करने का भी उन पर आरोप लगाया गया है।


शराब माफिया को बढ़ावा देने का आरोप है। बाटलिंग प्लांट आबंटन घोटाले का भी आरोप है। सूरज गुप्ता फैक्टरी की खातिर बीयर पर आयात शुल्क बढ़ाने का आरोप।

X
Click to listen..