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पढ़ाई से लेकर, मिड-डे मील तक का काम देखने वाला डेपुटेशन पर तैनात टीचर भी बदला, टेंपरेरी टीचर के सहारे नेरी कलां स्कूल

हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने दावे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में खोखले...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:10 AM IST
पढ़ाई से लेकर, मिड-डे मील तक का काम देखने वाला डेपुटेशन पर तैनात टीचर भी बदला, टेंपरेरी टीचर के सहारे नेरी कलां स्कूल
हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने दावे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में खोखले साबित हो रहे हैं। स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के विधानसभा क्षेत्र कसौली के प्राइमरी स्कूल नेरी कलां में कोई भी टीचर नहीं है। इससे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों का भविष्य अधर में है। स्कूल में एक वर्ष से कोई नियमित टीचर नहीं है। एक टीचर को यहां डेपुटेशन पर नियुक्त किया था, जिसका तीन दिन पहले तबादला हो गया है। यहां पढ़ने वाले बच्चे अब राम भरोसे हैं। ऐसे में नेरी कलां प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा कैसी होगी इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है। : प्राइमरी स्कूल नेरी कलां की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने ब्लॉक प्राइमरी एजूकेशन ऑफिसर (बीपीईओ) धर्मपुर को एक पत्र भेजा है। एसएमसी के प्रधान घनश्याम के अलावा अभिभावक मुलखराज, विरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, लेखराज, आशाराम, लीला दत्त, महेंद्र लाल, पूर्णचंद, बलबीर, रामदत्त, चिंतराम व लेखराज ने मांग की है कि स्कूल के स्थाई अध्यापक की नियुक्ति की जाए अन्यथा वह स्कूल भवन में तालाबंदी कर देंगे।

अभिभावकों ने बीपीईओ धर्मपुर को लिखा पत्र, रेगुलर टीचर नहीं आए तो स्कूल में लगाएंगे ताला

बिना अध्यापक के प्राइमरी स्कूल नैरी कलां

स्कूल में अध्यापकों के दो पद स्वीकृत हैं और दोनों पद रिक्त पड़े हैं, यहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य का क्या होगा

अभिभावकों ने कहा कि यह उनके बच्चों के भविष्य का सवाल है। इसमें से स्कूल के स्थाई अध्यापक की नियुक्ति करने की मांग की है। बीपीईओ धर्मपुर को लिखे पत्र में एसएमसी व ग्रामीणों ने कहा कि प्राइमरी स्कूल नेरीकलां पिछले एक वर्ष से बिना अध्यापकों के चल रही है। इस स्कूल में अध्यापकों के दो पद स्वीकृत हैं और दोनों पद रिक्त पड़े हैं। एक वर्ष से यहां एक अध्यापक प्रतिनियुक्ति पर था, लेकिन अब वह भी स्थानांतरित हो गया है। यह स्कूल अब फिर से खाली हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द उनकी जायज मांग पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो उनके पास तालाबंदी के अलावा कोई ओर चारा नहीं।

एक टीचर मार्च 2017 में, दूसरा टीचर जुलाई 2017 में ट्रांसफर हो गया, डेपुटेशन पर टीचर पढ़ा रहा था

प्राथमिक स्कूल नेरी कलां में जेबीटी अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। एक टीचर मार्च 2017 में यहां से ट्रांसफर हो गई थी और दूसरा टीचर भी जुलाई 2017 में यहां से ट्रांसफर हो गया। इसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अभी तक कोई भी नियमित अध्यापक नहीं आया। यहां एक अध्यापक को डेपुटेशन पर भेजा गया था। वह कार्यालय का काम निपटाकर जो समय बचता उसमें एक अध्यापक पांच कक्षाओं को पढ़ा रहा था। इसके अलावा ऑफिस का कार्य और मिड डे मील का हिसाब भी रखना पड़ता है।

शिमला और सोलन के लगा चुके चक्कर

नेरी कलां प्राथमिक पाठशाला के अभिभावक संघ के प्रधान घनश्याम ने बताया कि नेरी कलां प्राथमिक स्कूल में सेरी, नेरी खुर्द, चाउल, असंधला व संधाड़ी गांव के बच्च शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इस प्राथमिक स्कूल में 22 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वह स्कूल में शिक्षकों के पद भरने की मांग को लेकर तीन बार शिक्षा निदेशालय शिमला और 6 बार डिप्टी डॉयरेक्टर कार्यालय सोलन में प्रतिनिधिमंडल के साथ मिला। हर बार उन्हें रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। एक साल से अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर नियमित टीचर की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद कोई नहीं सुन रहा है।




अभी की यह है स्थिति

22 बच्चे पढ़

रहे स्कूल में

ब्लॉक प्राइमरी एजूकेशन ऑफिसर धर्मपुर जिया लाल ने बताया कि नेरीकलां ने डेपुटेशन पर तैनात जेबीटी टीचर का तबादला प्राथा सेंटर के प्राइमरी स्कूल कमलोग में किया गया। नेरीकलां स्कूल में वीरवार को एक अध्यापक को डेपुटेशन पर भेजा गया था। इस स्कूल में 22 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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