Hindi News »Himachal »Shimla» घरों से कूड़ा नहीं उठा, कई जगह पानी नहीं, सीएम हाउस में टैंकर से सप्लाई, हॉस्टलों में रात में कतार

घरों से कूड़ा नहीं उठा, कई जगह पानी नहीं, सीएम हाउस में टैंकर से सप्लाई, हॉस्टलों में रात में कतार

शहर की पब्लिक प्रॉपर्टी टैक्स लेकर पानी और गारबेज कलेक्शन का भुगतान इस उम्मीद में करती है कि शहर की पब्लिक को...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:10 AM IST

  • घरों से कूड़ा नहीं उठा, कई जगह पानी नहीं, सीएम हाउस में टैंकर से सप्लाई, हॉस्टलों में रात में कतार
    +2और स्लाइड देखें
    शहर की पब्लिक प्रॉपर्टी टैक्स लेकर पानी और गारबेज कलेक्शन का भुगतान इस उम्मीद में करती है कि शहर की पब्लिक को ज्यादा नहीं तो कम से कम काम चलाने लायक सुविधाएं तो मिल जाएं। लेकिन शहर का हाल ये है कि एक बार फिर 40 हजार घरों से कूड़ा नहीं उठा है तो गर्मियां आने से पहले ही कई इलाकों में आठवें दिन पानी आ रहा है।

    मुख्यमंत्री आवास में पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए टैंकर बुलाने पड़ रहे हैं तो एचपी यूनिवर्सिटी में पेपरों की तैयारी करने की बजाय छात्राओं को रात में उठकर पानी भरने के लिए लाइनें लगानी पड़ रही है। शहर के ये हाल 500 गारबेज कलेक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के जाने से हुआ है। दूसरी तरफ पानी का संकट इसलिए पैदा हुआ क्योंकि पॉवर कट लगने से पंपिंग प्रभावित हुई तो मंगलवार को शहर की 4 करोड़ लीटर पानी की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 2 करोड़ 70 लाख लीटर पानी ही मिल पाया। शहर में 40 एमएलडी पानी की जगह सिर्फ 27 एमएलडी पानी आने से कई क्षेत्रों में पानी नहीं मिल पाया है।

    जनता वैकल्पिक प्रबंधों के हवाले शहर में कूड़ा उठाने के लिए किए गए वैकल्पिक प्रबंधों में 34 वार्डों में 177 गारबेज कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। कूड़ा उठाने वाले वाहन के पहुंचने पर लोगों को सीटी बजाकर सूचित किया जाएगा। कूड़ा उठाने के लिए 36 वाहनों की तैनाती की है। आमतौर पर शहर में से रोजाना 70 से 80 टन तक कूड़ा निकलता है लेकिन पिछली बार सितंबर में जब हड़ताल हुई थी तब कलेक्शन सेंटर से 40 टन के करीब ही कूड़ा उठ पाया था।

    कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, खुद छोड़ना होगा कलेक्शन सेंटर तक कूड़ा

    गाड़ी न आए तो इन नंबरों पर करें फोन

    वार्ड एक, चार, 17 रजनीश बराड़ 9418038021

    वार्ड 5 से 11 सोहनलाल 9418090195

    वार्ड नंबर 12 से 16 भारत भूषण 94180-14593

    वार्ड 18 से 25 लायकराम वर्मा 9418016782

    वार्ड 26 से 34 रामसिंह 9418029908

    निगम हेल्थ ऑफिसर डॉ. हरिराम ठाकुर 94187-77675

    मुख्यमंत्री अावास में मंगवाना पड़ा पानी का टैंकर

    मुख्यमंत्री निवास ओक ओवर में भी मंगलवार को पानी के टैंकर आया। मंगलवार को शिमला शहर के लिए बल्क में केवल 27 एमएलडी पानी ही मिल पाया है। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि बल्क में पानी की सप्लाई में कमी आने की वजह से शहर में पानी की सप्लाई करने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पावर कट की वजह से पंपिंग प्रभावित होने से शहर में पानी की व्यवस्था थोड़ी प्रभावित हो रही है।

    कुफटाघार के शनान में सड़क पर फैला कूड़ा।

    आउटसोर्स करने पर भी विचार नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था के काम को आउटसोर्स करने के बारे में भी विचार रहा है। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि दो वार्ड के काउंसलरों ने लिखित में वार्डों में सफाई व्यवस्था को आउटसोर्स करने की मांग की है। इसलिए इसपर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आए दिन कर्मचारियों की हड़ताल से प्रशासन परेशान हो चुका है इसलिए इस बारे में स्पेशल हाउस पर भी फैसला लिया जाएगा। दो दिनों के भीतर स्पेशल हाउस किया जाएगा। गारबेज कलेक्शन फीस और कर्मचारियों के हड़ताल के बारे में चर्चा की जाएगी।

    बार-बार परेशान जनता के लिए मेयर के पास सिर्फ अपील

    नगर निगम प्रशासन ने पिछली बार ही सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की सभी मांगे मान ली थी इसके बावजूद भी ये कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं। हड़ताल पर जाने से पहले यूनियन ने पहले प्रशासन को लिखित में जानकारी भी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि सैहब कर्मियों की हड़ताल पर क्या निर्णय किया जाना है इसके बारे में स्पेशल हाउस पर चर्चा करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग निगम के बनाए गारबेज कलेक्शन सेंटरों में कूड़ा छोड़े। कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम शिमला

    एचपीयूः किताबों की जगह हाथ में खाली बाल्टियां

    गर्मियां आने से पहले ही शहर में जल संकट गहरा गया है। गाहन, नेरीधार सहित भट्टाकुफर वार्ड के कई एरिया में पिछले आठ दिनों से पानी नहीं आया है। समरहिल, सांगटी, टुटू, मझयाठ और टूटीकंडी एरिया में भी पानी न आने मुश्किलें बढ़ गई हैं। समरहिल में एचपीयू के गर्ल हॉस्टल में हालत यह है कि लड़कियों को रात के समय हास्टल के बाहर हाथों में बाल्टियां लेकर लंबी कतारों में देखी गई। लड़कों के हॉस्टल में भी यही हाल है।

    आश्वासन कब तक सहेंगे हम: जसवंत सिंह

    नगर निगम प्रशासन की ओर से सैहब कर्मचारियों को पिछले कई वर्षों से केवल आश्वासन दिया जा रहा है। जबकि हकीकत में प्रशासन की ओर से स्थाई नीति बनाए जाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। इसलिए अबकी बार प्रशासन जब तक स्थाई नीति नहीं बनाता है तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। जसवंत सिंह, सैहब सोसायटी वर्करज यूनियन प्रधान

  • घरों से कूड़ा नहीं उठा, कई जगह पानी नहीं, सीएम हाउस में टैंकर से सप्लाई, हॉस्टलों में रात में कतार
    +2और स्लाइड देखें
  • घरों से कूड़ा नहीं उठा, कई जगह पानी नहीं, सीएम हाउस में टैंकर से सप्लाई, हॉस्टलों में रात में कतार
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Shimla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×