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दो माह से डिपो में तेल नहीं, अब जागे अफसर, तीन महीने का करेंगे टेंडर

राजधानी शिमला के डिपो में मार्च महीने से तेल का स्टॉक नहीं आया है। लोग दो महीने में कई बार डिपो में तेल के लिए चक्कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:10 AM IST

राजधानी शिमला के डिपो में मार्च महीने से तेल का स्टॉक नहीं आया है। लोग दो महीने में कई बार डिपो में तेल के लिए चक्कर लगा चुके हैं लेकिन जनता के दिए टैक्स से सैलरी पाने वाले अफसर दो महीने से तेल की सप्लाई पहुंचाने का इंतजाम नहीं कर सके हैं। लोगों का सवाल ये है कि डिपो में सरसों का तेल कब आएगा तो अफसर ये कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं कि अब डिपो में आने वाले तेल के लिए तीन महीने की सप्लाई एक साथ करने के लिए एक साथ तीन महीने का टेंडर करेंगे।

55 डिपो में मार्च से नहींं है तेल

राजधानी शिमला में लगभग 55 डिपो है, किसी भी डिपो में मार्च माह से लेकर अभी तक को कोई भी तेल की सप्लाई नहींं पहुंची है। वहीं अब तो मई महीना भी शुरु हो चुका है। राशनकार्ड धारक भी अब उलझन में है कि उन्हें मार्च, अप्रैल और मई तीन महीने का कोटा इकट्ठा मिलेगा या किस्तों में मिलेगा। लेकिन जवाब न डिपुओं में मिल रहा है और न ही अफसर दे पा रहे हैं। इस बारे में मंगलवार को राजधानी शिमला के बाजार के डिपो और उपनगरों के डिपो का जब जायजा लिया गया तो तेल किसी भी डिपो में नहीं पहुंचा था। डिपो संचालक मार्च माह से लेकर अभी तक तेल कोटे के इंतजार में बैठे हैं।

ये भी पता नही कितना तेल मिलेगावहीं बसस्टैंड डिपो के थोक गोदाम के कार्यालय में जहां डिपो संचालकों के समान को लेकर बिलिंग होती है और सामान मल्याणा शनान गोदाम भेजा जाता है लेकिन इस ऑफिस में भी मार्च माह के तेल की बिलिंग डीयू है। तेल का स्टॉक आने पर ही तय होगा कि किस डिपु को कितना तेल मिलेगा। उसी हिसाब से डिपो संचालकों को इस कार्यालय से बिलिंग की जाएगी। इसके बाद मल्याणा शनान गोदाम से तेल की सप्लाई मिलेगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

राज्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक एसएस गुलेरिया कहते है कि पहले हर महीने टेंडर प्रक्रिया होती थी। लेकिन अब हर तीन महीने के इकट्ठे टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए सरकार से अनुमति ले ली गई है। इस तरह की टेंडर प्रक्रिया से आने वाले दिनों में गोदामों में पहले से एडवांस कोटा रहेगा। इससे डिपो में राशनकार्ड धारकों को भी कोई दिक्कत नहीं आएगी।

अफसर भी नींद से अब जागेडिपो में मार्च से लेकर अभी तक तेल न मिलने के कारण उपभोक्ता महंगे दामों में तेल खरीदने को मजबूर है। लेकिन अफसरों की नींद अब टूटी है। अब तीन महीने के टेंडरइकट्ठे किए जाएंगे लेकिन अगर ये अफसर पहले टेंडरप्रक्रिया शुरु कर देते ये दिक्कत नहीं आती। खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारियों का दावा है कि गाड़ी की सप्लाई मंगलवार को शनान गोदाम में शाम तक पहुंच जाएगी। डिपो में उपभोक्ताओं को सरसों का तेल व रिफाइंड का तेल एक दो दिन के अंदर उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं विभाग की ठियोग व अन्य जगह के लिए भी तेल व रिफाइंड के स्टॉक को लेकर गाड़ी भेजी जा चुकी है।

अप्रैल की चीनी भी नहीं मिलीवहीं शहर के अधिकतर डिपो में उपभोक्ताओं को अभी तक अप्रैल माह का चीनी का कोटा भी नहीं मिला है। जबकि कुछ डिपो संचालक उपभोक्ताओं को बैकलॉग से चीनी का कोटा उपलब्ध करा रहे है।

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