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रूसा ताे नहीं हट पाएगा लेकिन हटेगा सेमेस्टर सिस्टम

करीब पांच साल बाद अब रूसा की खामियों को हटाने का ध्याना आया है। जून में शुरू होने वाले सेशन से पहले ही न सिर्फ रूसा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 02:10 AM IST

करीब पांच साल बाद अब रूसा की खामियों को हटाने का ध्याना आया है। जून में शुरू होने वाले सेशन से पहले ही न सिर्फ रूसा की खामियां हटेंगी बल्कि रूसा केे मौजूदा ढांचे को बदलने के लिए सरकार भी मंजूरी दे देगी। रूसा में बदलाव के बाद छात्रों के लिए अब सेमेस्टर सिस्टम के बजाए पुराने एनुअल सिस्टम को बहाल किया जाएगा। रूसा के मौजूदा प्रावधानों में बदलाव का पता लगाने के लिए गठित कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी सभी पहलुओं पर चर्चा करके ये पता लगाने की कोशिश की है कि किस तरह रूसा के मौजूदा प्रावधानों से छात्रों और शिक्षकों को राहत दी जा सकती है। कमेटी ने यूजीसी से रूसा के नियमों में बदलाव के प्रावधानों का पता किया है। कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए प्राे. सुनील कुमार गुप्ता ने दावा किया है कि वे मई माह के आखिर तक इस पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर लेंगे और सरकार को मंजूरी के लिए भेज देंगे।

कांग्रेस पर आरोप, करोड़ों के लिए अपनाई प्रणालीः रूसा प्रणाली को लागू करने के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार पर कई आरोप लगे हैं। बिना तैयारियों के मात्र करोड़ों रुपए के बजट की लालच के लिए एचपीयू ने सीबीसीएस सिस्टम को अपना लिया। खामियां अाई तो सवाल उठे।

रूसा की मौजूदा खामियों में एेसे अाएगा बदलाव

काॅलेजों में शिक्षकों कमी से छात्रों को गिने चुने विषय ही पढ़ने को मिल रहे हैं। लेकिन बदलाव के बाद एनुअल सिस्टम में छात्राें से दबाव हटेगा। शिक्षकों की कमी भी नहीं महसूस होगी। सिलेबस एक साल में पूरा करने में दिक्कत नहीं आएगी।

प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए हर छह माह बाद परीक्षाएं करवाना आसान नहीं है चंबा, लाहौल स्पीति जैसे दुर्गम क्षेत्रों को देखते हुए सेमेस्टर सिस्टम वार्षिक होगा।

सीबीसीएस सिस्टम के तहत कालेजों में एक सेमेस्टर में टीचिंग डेज 90 दिन रह गए हैं लेकिन अब टीचिंग डेज 180 दिन हो जाएंगे।

सीबीसीएस सिस्टम में तय नियमों का एक दस्तावेज बनाना बेहद जरूरी है लेकिन अब रूसा सिस्टम के लिए विशेष दस्तावेज बनेगा, जिसे विवि की ईसी मंजूरी देगी।

साल में दो बार पेपर चेक करके परीक्षाओं परिणाम बनाने की वजह से रिजल्ट समय पर घोषित नहीं हो रहे है लेकिन बदलाव होने पर एनुअल सिस्टम में एक ही बार पेपर चेक करने के लिए विवि प्रशासन को टाइम मिलेगा।

रूसा कमेटी के अध्यक्ष प्रो. सुनील गुप्ता बाेले, हर हाल में बदलेगा रूसा का मौजूदा ढांचा

पांच वर्ष बाद भी दिक्कतें बरकरार रूसा में किसी तरह की कोई खामी नहीं है लेकिन इसके क्रेडिट बेस्ड च्वाइस सिस्टम में कई तरह की दिक्कतें पांच वर्ष बीतने के बाद भी आ रही हैं। एचपीयू की ओर से इस प्रणाली के लिए अभी तक नियमों पर आधारित कोई डाक्यूमेंट ही तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में इस प्रणाली के तहत किसकी क्या जिम्मेदारियां हैं, अभी तक यही स्पष्ट नहीं हो पाया है। परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं।

रूसा सिस्टम सही है, लेकिन इसमें जो कमियां है उसे दूर करना है। 13 व 14 मई को भी बैठक होनी है। इसके बाद हम 26 मई तक रिपोर्ट पूरी तैयार कर देंगे। जून सत्र से छात्रों को रूसा बदला हुआ मिलेगा। हम सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे, आखिरी निर्णय सरकार ही लेगी। मुख्य सेमेस्टर सिस्टम को वार्षिक सिस्टम में ही बदलना है। प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, अध्यक्ष रूसा कमेटी व पूर्व वीसी एचपीयू

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