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पांच वार्डों में अब कंपनी उठाएंगी कूड़ा कूड़ा न उठा तो कंपनी का कटेगा पैसा

पिछले एक साल से कई बार हो चुकी कूड़ा उठाने वालों की हड़ताल से जूझ रहे पांच वार्डों के लोगों को कम से कम कुछ हद तक राहत...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 02:10 AM IST

पिछले एक साल से कई बार हो चुकी कूड़ा उठाने वालों की हड़ताल से जूझ रहे पांच वार्डों के लोगों को कम से कम कुछ हद तक राहत मिलने जा रही है। अब निगम प्रशासन ने शहर के पांच वार्डों में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के काम को आउटसोर्स करने का फैसला ले लिया है। नगर निगम ने सोमवार को शहर के पांच वार्डों टुटू, मझयाठ, बालूगंज, कच्चीघाटी और टूटीकंडी वार्ड में कूड़ा उठाने की व्यवस्था को सैहब सोसायटी से लेकर प्राइवेट कंपनी को ठेके पर देने के लिए 6 जून तक टेंडर मांगे हैं। कूड़ा उठाने वाले से लोगों को किसी तरह की दिक्कत से बचाने के लिए इस कंपनी के कामकाज की लगातार माॅनिटरिंग भी की जाएगी। कंपनी के कर्मचारी अगर लोगों के घरों से कूड़ा नहीं उठाते हैं तो इसकी शिकायत मिलने पर कंपनी के उस पर पैनल्टी लगाएगी। पैनल्टी की ये राशि कंपनी की जमा की गई सिक्योरिटी से काटी जाएगी। डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले गारबेज कलेक्टरों का आईडी कार्ड और वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है। टेंडर की शर्तों के मुताबि कंपनियां सोमवार 6 जून सुबह 10:30 बजे तक टेंडर भर सकती हैं। इसी दिन 11 बजे टेंडर खोले जाएंगे।

गारबेज उठाने वाली कंपनी के लिए शर्तें

कंपनी को 200 घरों के लिए एक गारबेज कलेक्टर रखना जरूरी होगा।

सभी घरों से कूड़ा उठाना जरूरी होगा ऐसा न किया तो कार्रवाई की जाएगी।

घरों से आने वाले गीले-सूखे कचरे को सेग्रिगेट यानी अलग अलग करना होगा।

लोगों को गीले-सूखे कचरे के लिए हरे-नीले डस्टबिन दिए जाएंगे।

घरों से होने वाली कलेक्शन की डिटेल हर महीने निगम को देनी जरूरी।

ट्रांसपोर्टेशन का काम कंपनी ही करेगी, गाड़ियों में जीपीएस लगाने होंगे।

गारबेज कलेक्टरों-सुपरवाइजरों की पूरी डिटेल निगम को देना अनिवार्य।

घरों से सुबह 6 से 10 बजे के बीच ही कूड़ा उठाना होगा।

3 घंटे में शिकायत नहीं निपटाई तो 500 रुपए की पेनल्टी।

घोटालेबाज सैहब सुपरवाइजरों को निगम का फाइनल नोटिस

शिमला | निगम शिमला की डोर टू डोर योजना में काम करने वाले घोटालेबाज सैहब सुपरवाइजरों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। निगम की जांच के आधार पर करीब 13 सैहब सुपरवाइजरों पर कूड़ा फीस कलेक्शन में घोटाले के आरोप साबित हुए हैं। इन सभी सुपरवाइजरों को आखिरी नोटिस भेजकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन्हें सात दिन में जवाब देने का निर्देश दिया है उसके बाद इन सुपरवाइजरों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। निगम प्रशासन ने घोटालेबाज सुपरवाइजरों से रिकवरी का प्रावधान भी रखा है। मेयर कुसुम सदरेट ने बताया कि सदन में वार्ड पार्षद के सवाल के बाद न्यू शिमला एरिया में सैहब सुपरवाइजर और गारबेज कलेक्टर मिलकर निगम को हर महीने हजारों रुपए का चूना लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि गारबेज फीस की जो पर्ची निगम पांच हजार की काट रहा था उसकी जगह सैहब सुपरवाइजर मात्र 50 रुपए जमा कर रहा था जिससे निगम को लाखों रुपए का चुना लग रहा था। उन्होंने बताया कि सैहब सोसायटी हर माह लगभग 23 लाख रुपए के घाटे में चल रही थी जो अब दोगुना हो गई है ।

निगम की तय दरों पर ही उठेगा कूड़ाःडोर टू डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था को ठेके पर देने के बाद लोगों को बेहतर सेवाएं तो मिलेंगी लेकिन लोगों के पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। लोगों से निगम की आेर से तय की गई दरें ही वसूल की जाएंगी और इसकी रसीद भी दी जाएगी। अभी नगर निगम प्रशासन की ओर से केवल पांच वार्डों में कलेक्शन का काम आउटसोर्स किया जा रहा है। मॉडल सही चलता है अन्य वार्डों में भी लागू होगा।

कंपनी पर पेनल्टी का भी प्रावधानःकंपनी को काम ठेके पर देने के बाद कंपनी के पर पेनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है। कोई नागरिक कूड़ा न उठने की शिकायत करता है और इसके तीन घंटे के भीतर उसका निवारण नहींं होगा तो कंपनी 500 रुपए पेनल्टी लगाई जाएगी। कंपनी की ओर से नगर निगम के पास 10 लाख रुपए सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा रहेंगे।

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