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निगम कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

सैहब कर्मचारियों के बाद अब नगर निगम के स्थाई कर्मचारियों ने भी निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को फैडरेशन...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:15 AM IST
निगम कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
सैहब कर्मचारियों के बाद अब नगर निगम के स्थाई कर्मचारियों ने भी निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को फैडरेशन ने निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के उपर कर्मचारियों की ओर ध्यान न देने का आरोप लगाया।

फैडरेशन के सचिव बलवीर सिंह ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों की लीव इन कैशमेंट और मृत्यु पश्चात मिलने वाले अनुदान का भुगतान नहीं हुआ है। स्वास्थ्य शाखा में ही अकेले ऐसे 41 मामले लंबित पड़े हैं। मृत्यु पश्चात कर्मचारियों के अनुदान राशि का कोई प्रावधान नहीं है। इस संबंध में कई बार नगर निगम को अवगत करवाया जा चुका है। प्रशासन को विभिन्न मंचों में मांगपत्र भी सौंपा गया है लेकिन नगर निगम प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन ही दे रहा है। जिसके चलते अब कर्मचारियों को हड़ताल पर उतरना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को दोबारा कर्मचारी एकत्रित होकर गेट मीटिंग करेंगे।

इस गेट मीटिंग में भी प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो फेडरेशन ने आगे अपने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। फैडरेशन में में निगम की स्वास्थ्य, वाटर ब्रांच, स्टेट ब्रांच और आरएंडबी ब्रांच से संबंधित कर्मचारी शामिल हैं । यदि फैडरेशन आंदोलन पर उतरकर काम बंद कर देती है तो इससे निगम की विभिन्न शाखाओं में काम प्रभावित होगा। जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पड़ेगा।

कर्मचारियों की मुख्य मांगे: रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र रेगुलर कर्मचारियों की भर्ती करना, मृत्यु पश्चात कर्मचारियों को अनुदान देना, कर्मचारियों की लीव इन कैशमेंट, ग्रेज्युटी एरियर, ईपीएफ का भुगतान मेडिकल बिलों की तुरंत अदायगी स्वास्थ्य शाखा में खाली पदों को भरना।

डीसी ऑफिस के बाहर नगर निगम कर्मचारी महासंघ के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए।

सिटी रिपोर्टर | शिमला

सैहब कर्मचारियों के बाद अब नगर निगम के स्थाई कर्मचारियों ने भी निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को फैडरेशन ने निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के उपर कर्मचारियों की ओर ध्यान न देने का आरोप लगाया।

फैडरेशन के सचिव बलवीर सिंह ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों की लीव इन कैशमेंट और मृत्यु पश्चात मिलने वाले अनुदान का भुगतान नहीं हुआ है। स्वास्थ्य शाखा में ही अकेले ऐसे 41 मामले लंबित पड़े हैं। मृत्यु पश्चात कर्मचारियों के अनुदान राशि का कोई प्रावधान नहीं है। इस संबंध में कई बार नगर निगम को अवगत करवाया जा चुका है। प्रशासन को विभिन्न मंचों में मांगपत्र भी सौंपा गया है लेकिन नगर निगम प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन ही दे रहा है। जिसके चलते अब कर्मचारियों को हड़ताल पर उतरना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को दोबारा कर्मचारी एकत्रित होकर गेट मीटिंग करेंगे।

इस गेट मीटिंग में भी प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो फेडरेशन ने आगे अपने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। फैडरेशन में में निगम की स्वास्थ्य, वाटर ब्रांच, स्टेट ब्रांच और आरएंडबी ब्रांच से संबंधित कर्मचारी शामिल हैं । यदि फैडरेशन आंदोलन पर उतरकर काम बंद कर देती है तो इससे निगम की विभिन्न शाखाओं में काम प्रभावित होगा। जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पड़ेगा।

कर्मचारियों की मुख्य मांगे: रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र रेगुलर कर्मचारियों की भर्ती करना, मृत्यु पश्चात कर्मचारियों को अनुदान देना, कर्मचारियों की लीव इन कैशमेंट, ग्रेज्युटी एरियर, ईपीएफ का भुगतान मेडिकल बिलों की तुरंत अदायगी स्वास्थ्य शाखा में खाली पदों को भरना।

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