एमसी स्टाफ गया था शिकायतंे सुनने नहीं मिला हल ताे भड़क गई जनता

Shimla News - शहर की जनता गारबेज की ऑनलाइन सुविधा से हाल ही में जाेड़ा गया है। लेकिन अभी भी अधिकतर लाेगाें काे इसके बारे में...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:21 AM IST
Shimla News - mc staff went to hear the complaints the solution flared up
शहर की जनता गारबेज की ऑनलाइन सुविधा से हाल ही में जाेड़ा गया है। लेकिन अभी भी अधिकतर लाेगाें काे इसके बारे में जानकारी ही नहीं है। वहीं लाेग निगम में अाकर भी बार-बार इसकी शिकायत कर रहे हैं। शनिवार काे भी इन्हीं समस्याअाें के निपटारे के लिए नगर निगम के टुटू अाैर मज्याठ वार्ड में एमसी की हेल्थ ब्रांच की टीम काे भेजा गया था। लेेकिन कर्मचारियाें ने साफ ताैर किसी भी प्रकार की शिकायत सुनने से मना कर दिया। लाेग जब कूड़े की व्यवस्था काे ऑनलाइन िकए जाने की विराेध कर रहे थे ताे उनकी एक नहीं सुनी गई। कर्मचारियाें ने कहा कि टीम केवल ये बताने अाई है कि गारबेज फीस काे उपभाेक्ता ऑनलाइन कैसे जमा कर सकते हैं। इस दाैरान वहां कुछ देर के लिए हंगामा भी हुअा।

स्थानीय निवासी दुर्गादत ने बताया कि एमसी की टीम काे वार्ड के लाेग इस गारबेज व्यवस्था के बारे में कुछ सुझाव भी देना चाहते थे लेकिन अधिकारी कुछ सुनने काे ही तैयार नहीं थे। मकानमालिक का िकराएदार यदि कमरा छाेड़ कर जाता है ताे एमसी की टीम ये कैसे वेरिफाई करेगी कि अब कमरा खाली हाे चुका है। उसके लिए तर्क दिया जा रहा है कि सुगम सुविधा केंद्र में जाकर एप्लीकेशन देकर वहां उक्त मकान मालिक काे ही वेरिफाई करवाना हाेगा। यानि साै रूपए का िबल चुकाने काे 50 रुपए खर्च कर उपभाेक्ता खुद अपनी जानकारी देने पहुंचेगा। उसके बाद सुपरवाइजर अाकर इसकी वेरिफिकेशन करेगा। यानि इस प्रकिया में लंबा समय लगना तय है।

जैसे बाकी बिल घर अाते हैं, कूड़े का भी अाए मज्याठ वार्ड के हेमराज ने बताया कि एमसी ने इस व्यवस्था काे थाेप ताे दिया लेकिन इसे पटरी पर लाना अासान नहीं। पानी अाैर प्राॅपर्टी के टैक्स जैसे घर बैठे अाते हैं उसके लिए लाेग पे करते हैं उसी तरह गारबेज िबल भी घर बैठे मिलने चाहिए। एमसी इसके लिए तर्क दे रहा है कि फील्ड से कलेक्शन पूरी नहीं अा रही थी जिसके चलते इस सिस्टम का अपनाया गया। लेकिन यह प्रशासन का अपना फॉल्ट है अाम जनता इसमें क्याें भुगते। इस दाैरान सैकड़ाें लाेगाें काे िबल जमा करवाने के िलए सुविधा ताे मिल गई लेकिन उनकी समस्याअाें का समाधान नहीं हाे पाया।

नगर निगम की हेल्थ ब्रांच की टीम शनिवार को टुटू वार्ड में पानी के िबलाें के ऑनलाइन कैसे जमा करें की जानकारी देने अाई थी। लेकिन लोगों ने दूसरी समस्याएं रख दी।

जिसका रिकॉर्ड नहीं उसके लिए ये है विकल्प नगर निगम के अानलाइन साफ्टवेयर में यदि अापका नाम, नंबर या अाईडी जैनरेट नहीं है ताे उपभाेक्ता काे एक सादे कागज में एमसी कार्यालय में अाकर एप्लीकेशन देनी हाेगी। उसके बाद रजिस्टर में देखकर पता िकया जाएगा कि उपभाेक्ता का पुराना रिकार्ड क्या है। उसके बाद ही कूड़े का िबल जैनरेट हाे सकेगा। शहर में करीब सात हजार उपभाेक्ता एेसे हैं जिनका एमसी में काेई रिकार्ड ही नहीं है। इन सभी उपभाेक्ताअाें के लिए यही विकल्प रखा गया है। निगम दाव कर रहा है कि साफ्टवेयर में 55 हजार उपभाेक्ताअाें का डाटा एंटर है लेकिन लाेगाें काे अानलाइन भुगतान की जानकारी न हाेने के चलते दिक्कत अा रही है।

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