अब है पॉल्यूशन सर्टिफिकेट का डर तो अब 12 दिन में एक हजार ने बना डाले

Shimla News - आमतौर लोग अपनी गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट ( पीयूसी) नहीं बनवाते। आमतौर पर लोग इसको गंभीरता से नहीं लेेते। अगर...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:26 AM IST
Shimla News - now there is fear of pollution certificate now in 12 days one thousand have made it
आमतौर लोग अपनी गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट ( पीयूसी) नहीं बनवाते। आमतौर पर लोग इसको गंभीरता से नहीं लेेते। अगर पकड़े भी गए तो जुर्माना भी कम था। लेकिन अब जबकि प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है तो वाहन मालिक अब अपनी गाड़ियों पीयूसी बनाने के लिए प्रदूषण जांच केंद्र की ओर दौड़ रहे हैं। पीयूसी न होने पर पहले जुर्माना मात्र एक हजार था जो कि अब दस हजार कर दिया गया है।

हालांकि नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 अभी हिमाचल में लागू नहीं हुआ है लेकिन अभी से इसका खौफ लोगों में देखने को मिल रहा है। लोग अपनी गाड़ियों के साथ अब प्रदूषण जांच केंद्रों में पहुंच रहे हैं। इससे प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों पर भी भीड़ लगने लगी है। शिमला की बात करें तो यहां प्रदूषण जांच केंद्र सर्टिफिकेट बनाने वाली गाड़ियों की संख्या इस माह दुगने से भी ज्यादा हो गई है। शिमला शहर में अभी दो प्रदूषण जांच केंद्र काम कर रहे हैं। इनमें एक नंदा प्रदूषण जांच केंद्र विकासनगर में तो दूसरा कनलोग में राजवीर ऑटो प्रदूषण जांच केंद्र है। इन दोनों केंद्रों पर शहर ही नहीं बल्कि उपरी इलाकों से भी गाडिय़ां प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने के लिए पहुंच रही हैं।



वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण गाड़ियों से निकलने वाला धुआं

वाहनों के धुएं से निकलने वाली कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी घातक गैसों के अलावा हानिकारक कण निकलते हैं जो कि खतरनाक हैं। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर गाड़ियों की जांच करना जरूरी होता है ताकि ये प्रदूषण न फैलाएं। लोगों को अपनी गाड़ियों की नियमित जांच करवानी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए की इनसे हानिकारक धुआं न निकले। सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में पीयूसी न होने पर जो भारी जुर्माने का प्रावधान किया है वे सही है, इससे वाहन मालिक गाड़ियों की समय रहते जांच करवाएंगे जिससे पता चल सकेगा कि गाड़ी किस मात्रा तक धुअां निकाल रही है। अगर ये तय मात्रा से ज्यादा हो तो गाड़ी को मैकेनिक को भी दिखा पाएंगे।

सुरेंद्र शांडिल एन्वायर्नमेंटल इंजीनियर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड



प्रदेश में एक्ट लागू होने से पहले जागरूक होने लगे लोग

कनलोग सेंटर

कनलोग स्थित राजवीर ऑटो प्रदूषण जांच केंद्र में भी अब प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने वाले गाड़ियों की तादाद दुगनी हो गई है। पहले इस सेंटर में रोजाना 10 से 15 गाडिय़ां आती थीं, वहीं अब 20 से 25 गाडिय़ां रोजाना पहुंच रही हैं। सेंटर में बीते 12 अगस्त तक 150 गाडिय़ां पहुंची थी तो इस माह इसी तारीख तक 300 गाडिय़ां प्रदूषण जांच करवाने आ चुकी थीं। राजवीर ऑटो सेंटर के एमडी अपर्ण सूद कहते हैं कि पहले लोग पीयूसी के बारे में गंभीर नहीं थे। लेकिन अब लोगों में भी पीयूसी बनाने के लिए तत्परता देखी जा रही है।


150 ने बनाया

300 ने बनाया

12 अगस्त तक

12 सितंबर तक

300 ने बनाया

700 ने बनाया

बाईपास पर विकासनगर स्थित प्रदूषण जांच केंद्र पर इन दिनों गाड़ियों की लाइनें लग रही हैं। यहां पर रोजाना 60 से 70 गाड़ियां इन दिनों पहुंच रही हैं, जबकि बीते अगस्त माह में यहां पर 25 से 30 गाड़ियां प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने आती थीं। बीते माह 12 अगस्त तक इस सेंटर पर 300 गाड़ियां प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने के लिए आई थीं तो इसी माह 12 सितंबर तक यहां 700 गाड़ियां सर्टिफिकेट बनाने आईं। प्रदूषण जांच केंद्र के अंकित रोंगटा कहते हैं कि जब से नया एक्ट लागू हुआ है तब से अधिक संख्या में गाड़ियां जांच केंद्र आ रही है‌।


विकासनगर सेंटर

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