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12 साल बाद जन्मी 7 साल की मासूस की मौत, मां हॉस्पिटल के बाहर कर रही थी दुआएं...

हिमाचल में स्कूल बस का पहला इतना बड़ा हादसा, 23 बच्चों समेत 27 की मौत

Dainik Bhaskar

Apr 10, 2018, 01:00 AM IST
7 साल की मृतक रीया। 7 साल की मृतक रीया।

नूरपुर (कांगड़ा)/पठानकोट. नूरपुर के वजीर राम सिंह पठानिया हाई पब्लिक स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 27 लोगों की मौत हो गई। इनमें 23 बच्चे (13 लड़के, 10 लड़कियां) दो टीचर, एक ड्राइवर व एक महिला शामिल है जिसने लिफ्ट ली थी। बस में कुल 37 लोग थे। सोमवार को लगभग 4.30 बजे स्कूल से छुट्टी होने के बाद निजी स्कूल की बस बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। चेली गांव के समीप संकरे रास्ते में एक मोटरसाइकिल वाले को साइड देते हुए बस अनियंत्रित हो गई और 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में बस ड्राइवर सेवानिवृत सैनिक मदन सिंह सहित 22 लोगों की मौके पर मौत हो गई जबकि बाकी को गंभीर हालत में नूरपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

मां दुआएं मांग रही थी हॉस्पिटल के बाहर

बस हादसे में 7 साल की रिया की मौत हो चुकी थी और अमनदीप अस्पताल में बैठी उसकी मां लीला देवी बेटी की सलामती के लिए तीन घंटे तक दुआएं करती रहीं। बाद में जब उन्हें पता चला तो वह चीखने लगी। रोते हुए बोली, 12 साल बाद जाकर बेटी ने जन्म लिया था और एक ही झटके में उनकी सारी खुशियां चली गई। हिमाचल के सुल्याली गांव निवासी लीला देवी ने बताया कि रिया पहली क्लास में पढ़ती थी। शाम को 4 बजे अस्पताल से उन्हें फोन आया कि आपकी बेटी एडमिट है। किसी तरह वह गांव के लोगों के साथ अस्पताल पहुंची। लोगों ने उन्हें बेटी के ठीक होने की जानकारी दी। वह लॉन में बेटी की सलामती के लिए दुआएं करती रही। शाम साढ़े सात बजे अस्पताल की मोर्चरी में शव को पहचानने के लिए उसे बुलाया गया तो बेटी को देखकर उसकी चीखें निकल आई। पिता रघुबीर सिंह दिहाड़ी लगाकर परिवार चलाते हैं, परिजनों ने बताया कि पहले बच्चा नहीं होने पर सभी भगवान की इच्छा मानते थे और 12 साल बाद जब बेटी हुई तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

बेटे का इंतजार करती रही कार्तिक की मां

हिमाचल के सुल्याली निवासी कार्तिक गुलेरिया की मां सीमा घर दोपहर ढाई बजे तक घर के गेट पर बेटे का इंतजार कर रही थी। उन्हें पता ही नहीं था कि बेटे की मौत हो चुकी है। शाम सात बजे अस्पताल में उन्हें बताया गया कि बेटा ठीक है और उसका इलाज आईसीयू में चल रहा था। शाम सात बजे रिश्तेदार पहुंचे तो मौत की जानकारी मिली। रात 7 बजे उन्हें बताया गया कार्तिक नहीं रहा।

गंभीर रूप से घायल 6 छात्रों का इलाज अमनदीप हॉस्पिटल पठानकोट में चल रहा है जबकि चार घायल छात्रों का उपचार नूरपुर हॉस्पिटल में चल रहा है जिनमें मनीष, कनिका ईशांत व रणवीर शामिल हैं। कुल 10 बच्चों को पठानकोट भेजा गया था जिनसे से इलाज के दौरान 3 की मौत हो गई थी। हादसे की खबर अभिभावकों को शाम चार बजे मिली। हादसे के बाद अमनदीप अस्पताल पहुंचे लोग बच्चों की सलामती के लिए दुआएं मांगने में लगे रहे। एसडीएम इंदौरा गौरव महाजन की ड्यूटी घायलों के उपचार कराने में लगाई गई है। हादसे में जख्मी छात्रा 15 वर्षीय कनिका ने बताया कि जब बस खाई में जाने लगी तो भीतर बैठे बच्चों ने चीखें मारने शुरू कर दी। कुछ बड़े बच्चों ने बस की साइड ग्रिल को पकड़ लिया और जैसे ही बस खाई में पलटी तो छोटे बच्चे नीचे की तरफ लुढ़क गए। इसके बाद काफी देर तक सभी चीखते रहे। हादसे के बारे में जानकारी देने के बाद में वह भी बेहोश हो गई।

7 साल की बेटी की भी हुई मौत

बस हादसे में 7 साल की रिया की मौत हो चुकी थी और अमनदीप अस्पताल में बाहर बैठी उसकी मां लीला देवी बेटी की सलामती के लिए तीन घंटे तक दुआएं मांगती रहीं। बाद में जब उन्हें पता चला तो वह चीखने लगी। रोते हुए बोली, ‘12 साल बाद जाकर बेटी ने जन्म लिया था और एक ही झटके में उनकी सारी खुशियां चली गई।’ हिमाचल के सुल्याली गांव निवासी लीला देवी ने बताया कि रिया पहली क्लास में पढ़ती थी।शाम को 4 बजे अस्पताल से उन्हें फोन आया कि आपकी बेटी एडमिट है। किसी तरह वह गांव के लोगों के साथ अस्पताल पहुंची।

बेटी को जिंदा देखकर मिलीं राहत

जख्मी बेटी को देखकर अवानी की मां सरला देवी को कुछ राहत हुई, लेकिन उनकी भतीजी का कुछ अता पता नहीं चला है। सरना देवी ने बताया कि उनकी बेटी चौथी की छात्रा है। चार बजे गांव के पंचायत मैंबर ने बताया कि खाई में बस पलट गई है और सारे बच्चे खाई में गिरे हैं। अवानी समेत भतीजे भी बस में थी। शाम को सात बजे उन्हें आईसीयू में भर्ती बेटी को दिखाया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका है।

2015 मॉडल की थी स्कूल बस

निजी स्कूल प्रशासन के प्रबंधक बिट्‌टू ने बताया कि बस का मॉडल 2015 का था जिसकी पासिंग30अप्रैल तक वैध थी। बस की इंश्योरेंस मार्च2018 में ही करवाई गई थी। बस ड्राइवर मदन सिंह (60) निवासी सुल्याली पिछले 13 वर्षों से स्कूल बस चला रहा था। इससे पूर्व वह सेना से सेवानिवृत होकर घर आया था। घर आते ही उसने स्कूल बस चलाने की नौकरी कर ली थी। 35स्टूडेंट्स जोकि चक्की दरिया के कुठेड़ा, संगोता,कयोड़ा व ठेहड़ा गांव के रहने वाले थे। इनमें से अधिकतर छात्र सोमवार को पहली बार स्कूल गए थे।

तीन घंटे बाद जब रिश्तेदारो ने मोचयरी में जाकर रीया का शव देखा तो उनकी आंखो से फूट-फूट कर आंसू निकले तीन घंटे बाद जब रिश्तेदारो ने मोचयरी में जाकर रीया का शव देखा तो उनकी आंखो से फूट-फूट कर आंसू निकले
हॉस्पिटल के बाहर मृतक की फैमिली। हॉस्पिटल के बाहर मृतक की फैमिली।
अस्पताल में 3 घंटे बाद बच्ची रीया की मौत के बारे में पता चलने पर रोती बिलखती मां लीला देवी और उसे संभालते परिजन अस्पताल में 3 घंटे बाद बच्ची रीया की मौत के बारे में पता चलने पर रोती बिलखती मां लीला देवी और उसे संभालते परिजन
घायल हार्दिक गुलेरिया की मां सीमा को सांत्वना देते रिश्तेदार घायल हार्दिक गुलेरिया की मां सीमा को सांत्वना देते रिश्तेदार
अमनदीप अस्पताल के इमरजेंसी में घायल बच्चों के ट्रीटमेंट में जुटे डाक्टर व स्टाफ नर्स अमनदीप अस्पताल के इमरजेंसी में घायल बच्चों के ट्रीटमेंट में जुटे डाक्टर व स्टाफ नर्स
हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल स्टूडेंट। हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल स्टूडेंट।
हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई टिन की चादर पड़ी है। हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई टिन की चादर पड़ी है।
हादसे के बाद लोग बच्चों को बस से बाहर निकालने के लिए पहुंच गए। हादसे के बाद लोग बच्चों को बस से बाहर निकालने के लिए पहुंच गए।
हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल की स्टूडेंट। हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल की स्टूडेंट।
हॉस्पिटल में एडमिट घायल बच्चा। हॉस्पिटल में एडमिट घायल बच्चा।
यहां से गिरी थी बस। यहां से गिरी थी बस।
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7 साल की मृतक रीया।7 साल की मृतक रीया।
तीन घंटे बाद जब रिश्तेदारो ने मोचयरी में जाकर रीया का शव देखा तो उनकी आंखो से फूट-फूट कर आंसू निकलेतीन घंटे बाद जब रिश्तेदारो ने मोचयरी में जाकर रीया का शव देखा तो उनकी आंखो से फूट-फूट कर आंसू निकले
हॉस्पिटल के बाहर मृतक की फैमिली।हॉस्पिटल के बाहर मृतक की फैमिली।
अस्पताल में 3 घंटे बाद बच्ची रीया की मौत के बारे में पता चलने पर रोती बिलखती मां लीला देवी और उसे संभालते परिजनअस्पताल में 3 घंटे बाद बच्ची रीया की मौत के बारे में पता चलने पर रोती बिलखती मां लीला देवी और उसे संभालते परिजन
घायल हार्दिक गुलेरिया की मां सीमा को सांत्वना देते रिश्तेदारघायल हार्दिक गुलेरिया की मां सीमा को सांत्वना देते रिश्तेदार
अमनदीप अस्पताल के इमरजेंसी में घायल बच्चों के ट्रीटमेंट में जुटे डाक्टर व स्टाफ नर्सअमनदीप अस्पताल के इमरजेंसी में घायल बच्चों के ट्रीटमेंट में जुटे डाक्टर व स्टाफ नर्स
हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल स्टूडेंट।हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल स्टूडेंट।
हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई टिन की चादर पड़ी है।हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसा लग रहा था जैसे कोई टिन की चादर पड़ी है।
हादसे के बाद लोग बच्चों को बस से बाहर निकालने के लिए पहुंच गए।हादसे के बाद लोग बच्चों को बस से बाहर निकालने के लिए पहुंच गए।
हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल की स्टूडेंट।हॉस्पिटल में एडमिट स्कूल की स्टूडेंट।
हॉस्पिटल में एडमिट घायल बच्चा।हॉस्पिटल में एडमिट घायल बच्चा।
यहां से गिरी थी बस।यहां से गिरी थी बस।
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