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52 साल पहले बना था पाली शानन स्कूल, बरसात के चलते दीवार हुई धराशाई, बच्चों पर मंडराया खतरा

8 क्लासें चलती थी दो कमरों के भवन में, वह भी हुआ अब बंद, अस्थाई जुगाड़ कर चलानी होगी अब कक्षाएं

dainikbhaskar.com | Last Modified - Aug 11, 2018, 05:46 PM IST

  • 52 साल पहले बना था पाली शानन स्कूल, बरसात के चलते दीवार हुई धराशाई, बच्चों पर मंडराया खतरा
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    पाली शानन स्कूल

    मंडी। 52 साल पहले बने पाली शानन स्कूल भवन की दीवार धराशाई हो गई है। स्कूल भवन की दीवार के क्षतिग्रस्त हो जाने से स्कूल में कक्षाएं बैठाने खतरे से खाली नहीं है। पहले से ही जर्जर हो चुके भवन की दिवारों ने अब भवन का साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। जिससे स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 52 बच्चों के सामने संकट पैदा हो गया है। स्कूल मंडी जिला के शिक्षा खंड द्रंग-1 के तहत आता है।

    एसएमसी करे अस्थाई व्यवस्था

    सरकारी व्यवस्था के गिरते स्तर के चलते शिक्षा विभाग ने समस्या का त्वरित हल निकालने के बजाएं स्कूल प्रबंधन समिति को अस्थाई तौर पर कमरों का प्रबंध करने को कहा है। इस स्कूल के भवन का निर्माण निर्माण 1965 में हुआ है। भवन मेंं स्थित तीन कमरों में से एक में प्राथमिक स्कूल की 5 कक्षाओं के 23 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं तो एक अन्य कमरे में मिड़ल बिंग के 29 छात्र जैसे तैसे पढ़ रहे है। सरकार के शिक्षा को प्राथमिकता के दावों की सच्चाई का यहीं पर सामने आ जाती है। लेकिन बरसात ने एक कमरे की दीवार को गिरा दिया। जिससे बच्चें अब सड़क पर आ गए है। कोई त्वरित हल नहीं होने पर बच्चों को छुटी देकर घर भेज दिया गया। अब सोमवार को कहीं जुगाड़ हुआ तभी ही पाली शानन स्कूल हरकत में आ पाएगा।

    प्रबंधन समिति पहले ही लगा रही थी गुहार

    प्राथमिक तथा मिडल दोनों ही बिंग की स्कूल प्रबंधन समिति ने पहले ही विभाग को पत्र लिख कर इस स्कूल की जर्जर स्थिति से विभाग को अवगत कराते हुए स्कूल को अनसेफ घोषित करने का आग्रह करते हुए नया भवन बनाने की गुहार लगाई थी लेकिन जैसा कि अन्य सरकारी कार्यों का हश्र होता है यहां भी वैसा ही हुआ तथा शिक्षा विभाग की करीब एक कनाल भूमि मौजूद होने के बावजूद नए भवन के निर्माण की फाइल औपचारिकताओं के भंवर में फंसी रही।

    अधिकारी भी कर चुके हैं निरीक्षण

    खंड शिक्षा अधिकारी लेख राज व बीआरसीसी विजय बरवाल ने दो दिन पहले ही इस भवन का सयुंक्त रूप से निरीक्षण किया था तथा इसे बच्चों के बैठने के योग्य नहीं पाया था। जिसके बाद स्कूल प्रबंधन समिति को अपने तौर पर अस्थाई रूप से कमरों का इंतजाम करने को कहा गया तथा इसी बीच यह भवन धराशाई हो गया। स्कूल के दीवार के क्षतिग्रस्त होने से बड़ा हादसा होने से टल गया। अन्यथा प्रदेश का शिक्षा विभाग एक और बदनुमा दाग का बोझ ढ़ोने को मजबूर हो जाता। जानकारी के अनुसार प्रबंधन समिति ने पंजाब विद्युत कार्पोरेशन के अधिकारियों से शानन में खाली पड़े भवनों में अस्थाई तौर पर स्कूल के लिए स्थान मुहैया करवाने की गुहार लगाई है।

    नए भवन की फाइल काफी समय पहले भेजी जा चुकी है

    "दो दिन पहले ही स्कूल का निरीक्षण किया था। स्कूल छात्रों के लिए सेफ नहीं पाने पर स्कूल प्रबंधन समिति को अस्थाई प्रबंध करने का आग्रह किया था। नए भवन की फाइल काफी समय पहले उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। नए सिरे से वास्तुस्थिति से अधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है।"

    - लेखराज, खंड शिक्षा अधिकारी द्रंग-1

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    बारिश के चलते स्कूल की दीवार को नुकसान हो गया है
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