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शिमला को स्मार्ट बनाने से पहले जाना पड़ेगा एनजीटी के ही पास

स्मार्ट सिटी मिशन के लोअर बाजार और कृष्णानगर रि डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर कंपनी को राहत मिल सकती है। इसके लिए एनजीटी...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:11 AM IST
स्मार्ट सिटी मिशन के लोअर बाजार और कृष्णानगर रि डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर कंपनी को राहत मिल सकती है। इसके लिए एनजीटी की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है और यह कमेटी प्रोजेक्ट को देखते हुए बड़ी राहत प्रदान कर सकती है। बुधवार को शिमला स्मार्ट सिटी कंपनी की बीओडी में अधिकारियों ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बताया कि एनजीटी के फैसले से प्रभावित होने वाले प्रोजेक्टों को लेकर मामला एनजीटी के सामने लाया गया था और इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। बीओडी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ही लोगों की सुविधा देने के लिए डीडीयू अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस खरीदी जाएंगी। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गारबेज कैपेस्टर, और ई टॉयलेट शहर के विभिन्न स्थानों में लगाए जाएंगे। बुधवार को शिमला स्मार्ट सिटी मिशन की दूसरी बीओडी में फैसला लिया गया है कि जब तक कंसल्टेंट कंपनी को हायर नहीं किया जाता तब तक शहरवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छोटे प्रोजेक्टों में काम किया जाएगा। बीओडी ने चार पार्किंग को जल्द ही ऑनलाइन करके शुरू करने को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा गीले कचरे के निपटारे के लिए कंपोस्ट प्लांट लगाने को भी मंजूरी दे दी गई है। कंपनी के चेयरमैन डॉ सुनील चौधरी ने कहा कि यह कंपनी एक कॉरपोरेट कंपनी की तरह काम करेगी। मेयर कुसुम सदरेट भी बैठक में मौजूद रहीं।


दिसंबर से पहले कंसल्टेंट कंपनी की जाएगी हायर शिमला स्मार्ट सिटी का काम देने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी को हायर किया जाएगा। यह पीएमसी ही स्मार्ट सिटी मिशन के लिए डीपीआर तैयार करने का काम करेगी। शिमला स्मार्ट सिटी कंपनी के एमडी पंकज राय ने बताया कि पीएमसी को हायर करने की प्रक्रिया जारी है और इसके लिए जल्द ही टैंडर जारी करके दिसंबर से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा।


स्मार्ट सिटी कंपनी की बाओडी की बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन डॉ सुनील चौधरी ने की।

20 करोड़ मिल चुके हैं स्मार्ट सिटी मिशन के लिए सरकार की ओर से शिमला स्मार्ट सिटी कंपनी को 20 करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है। इसमें से 18 करोड़ रुपए प्रोजेक्टों के लिए जबकि दो करोड़ रुपए स्टाफ और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जारी किए गए हैं।