ट्राइबल हॉस्टल में दस बजे के बाद दाखिल नहीं होने दिए जा रहे छात्र

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:26 AM IST

Shimla News - एचपीयू के शहीद भगत सिंह हॉस्टल के छात्रों को रात दस बजे के बाद दाखिल नहीं होने दिया जा रहा। इस कारण हॉस्टल के छात्र...

Shimla News - students not being allowed to enter triple hostel after 10 o39clock
एचपीयू के शहीद भगत सिंह हॉस्टल के छात्रों को रात दस बजे के बाद दाखिल नहीं होने दिया जा रहा। इस कारण हॉस्टल के छात्र देर रात तक लाइब्रेरी में नहीं पढ़ पा रहे। छात्र कई बार इस मामले को एचपीयू प्रशासन के सामने उठा चुके हैं, लेकिन आरोप है कि प्रशासन देर रात को हॉस्टल में आने की इजाजत देने की बजाए उनको उल्टे धमका रहा है। ऐसे में छात्र इस मामले को अब ट्राइबल कमीशन के सामने उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

एचपीयू में लड़कों के अन्य हॉस्टलों के छात्रों को जहां दस बजे के बाद भी एंट्री की इजाजत दी गई है, वहीं एक मात्र जनजातीय हॉस्टल के छात्रों को इसके बाद एंटर नहीं करने नहीं दिया जा रहा। एसएफआई के कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा है कि प्रशासन ने यह तय कर रखा है कि हॉस्टल के जो छात्र दस बजे बाद लाइब्रेरी में पढ़ना चाहते हैं उनको इसके लिए बाकायदा अनुमति लेनी होगी। एचपीयू में मौजूदा समय में लड़कों के चार हॉस्टल हैं। इनमें से वाईएस परमार, टैगोर और श्रीखंड हॉस्टल के छात्रों को दस बजे बाद भी वहां एंट्री करने की इजाजत दी गई है। लेकिन शहीद भगत सिंह हॉस्टल के छात्रों को रात दस बजे के बाद हॉस्टल आने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इस कारण इस हॉस्टल के छात्र चौबीस घंटों लाइब्रेरी नहीं जा पा रहे।

उन्होंने कहा कि बीते दिनों सभी हॉस्टलों के परफेक्ट चीफ वार्डन से इस मामले को लेकर मिले थे और मांग की थी हॉस्टलों के गेट को चौबीस घंटे खुला रखा जाए ताकि छात्रों को लाइब्रेरी आने जाने में दिक्कत न हो। हालांकि बाकी हॉस्टलों के छात्रों को इसकी इजाजत दी गई, लेकिन मौखिक रूप से सिर्फ जनजातीय हॉस्टल के लिए यह फरमान जारी किया गया कि चाहे इसकी अनुमति ले भी ले, फिर भी उनको दस बजे के बाद लाइब्रेरी नहीं जाने दिया जाएगा।

छात्रों को प्रशासन को दे रहा धमकी : एसएफआई के कैंपस अध्यक्ष विक्रम ठाकुर ने कहा है कि छात्र जब चीफ वार्डन से इस बारे में बात कर रहे हैं तो उनको सहयोग करने के बजाय धमकाया जा रहा है। हाल ही में एक छात्र जब इस बारे में चीफ वार्ड से बात करनी चाहिए तो उसको धमकाया गया कि अगर ज्यादा आवाज उठाई तो घर से आपके अभिभावकों को बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक और तो प्रशासन अपनी पीठ इसलिए थपथपा रहा है कि विश्वविद्यालय में चौबीस घंटे खुले रहने वाली लाइब्रेरी है, वहीं जब दूर दराज क्षेत्रों के छात्र इसमें पढ़ने के लिए जाना चाहते हैं तो उन्हें पुलिस और प्रशासन द्वारा धमकाया जा रहा है।

विवि अपना रहा नकारात्मक रवैया: एसएफआई के संयुक्त सचिव पंकज वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का हर बार नकारात्मक रवैया देखने को मिल रहा है। बेहतर होता कि प्रशासन बेहतरीन एकेडमिक माहौल प्रदान करने के लिए छात्रों को हरसंभव सहयोग करता, इसके विपरीत मौजूदा सुविधाओं से भी छात्रों को वंचित करने का काम किया जा रहा है। ऐसे में छात्र प्रताड़ना सहने को मजबूर हैं, क्योंकि एक ओर उस पर अपने भविष्य का दबाव है, दूसरी ओर प्रशासन छात्रों को धमका कर उन्हें तंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मामले को ट्राइबल कमीशन के समक्ष रखा जाएगा।

स्टूडेंट्स परेशान : एसएफआई ने बीते दिनों भी इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किया था, लेकिन अब भी प्रशासन गहरी नींद सोया है। इस वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है। आगामी बीस तारीख से इसका आगाज किया जाएगा और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।

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