• Hindi News
  • Himachal
  • Shimla
  • Shimla News that is why there are crowds in hospitals many phcs like kainik tutu have machines no one running

इसलिए रहती है अस्पतालाें में भीड़ क्याेंिक टुटू जैसी कई पीएचसी में मशीनें ताे हैं, चलाने वाला काेई नहीं

Shimla News - शहर के बड़े अस्पतालाें में इसलिए भीड़ रहती है क्याेंकि सरकार उपनगराें के पीएचसी में सुविधाएं नहीं देती। वहां पर...

Feb 15, 2020, 07:21 AM IST
Shimla News - that is why there are crowds in hospitals many phcs like kainik tutu have machines no one running

शहर के बड़े अस्पतालाें में इसलिए भीड़ रहती है क्याेंकि सरकार उपनगराें के पीएचसी में सुविधाएं नहीं देती। वहां पर मशीनें ताे लगा दी जाती है फिर उसे चलाने वाला ही नहीं हाेता। जिससे लाेगाें काे सुविधाअाें से महरूम रहना पड़ता है। अगर सरकार पीएचसी में टेस्ट की सुविधाएं जारी रखें ताे बड़े अस्पतालाें में भीड़ खुद ही कम हाेती जाएगी। क्याेंकि बड़े अस्पतालाें में वही लाेग अाएंगे, जिन्हें पीएचसी या सीएचसी से रेफर किया जाएगा।

एेसा ही मामला उपनगर टुटू का है, जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अाॅटाेमेडिट एनालाइजर अाैर एक्सरे मशीन लगाई गई है। इस मशीन में विभाग ने लाखाें रुपए खर्च किए थे। शुरूअात में लाेगाें काे दिखाने के लिए मशीन चलाई, मगर कुछ ही दिनाें में इस बंद कर दिया। अब करीब चार सालाें से यहां पर एक्सरे मशीन बंद पड़ी है।

यहां पर न ताे काेई एक्सरे हाे रहा है अाैर न ही मशीन काे चालू किया जा रहा है। एेसे में अब जहां लाखाें रुपए की मशीन धूल फांक
रही है। शारीरिक चोट या फिर अन्य प्रकार की बीमारियां, इनके बारे में एक्स-रे टेस्ट में ही पता चलता है और उसके बाद ही चिकित्सक आगे का उपचार शुरू करते हैं। वहीं पीएचसी में अाने वाले लाेगाें काे भी एक्सरे करवाने के लिए 10 किलोमीटर दूर डीडीयू पहुंचना पड़ रहा है। इससे उनके समय अाैर पैसे दाेनाें की बर्बादी हाे रही है। सरकारी अस्पतालाें में एक्स-रे टेस्ट 50 रुपए में पड़ता है। वहीं, निजी क्लीनिकों में इसी एक टेस्ट के 120 से 150 रुपए तक लिए जाते हैं। वहीं अाॅटाेएनालाइजर में कई तरह के टेस्ट हाेते हैं, मगर वह मशीन भी बंद पड़ी है।

निजी क्लीनिक में 120 से 150 में पड़ता है टेस्ट

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक एक्स-रे टेस्ट 40 से 50 रुपए में पड़ता है। वहीं, निजी क्लीनिकों में इसी एक टेस्ट के 120 से 150 रुपए तक लिए जाते हैं। क्योंकि, यह टेस्ट जरूरी होता है, ऐसे में मरीजों को यह टेस्ट मजबूरी में करना ही पड़ता है। स्वास्थ्य महकमे ही लापरवाही के चलते मरीज निजी क्लीनिकों में सरेआम लुटने को मजबूर हैं। कभी-कभार लोग एक्स-रे
करवाने आईजीएमसी और रिपन भी पहुंच जाते हैं, लेकिन यहां पहले से मरीजों की तादाद अधिक होने से उन्हें लाइन में लंबा इंतजार करना पड़ता है। बस किराये समेत अन्य खर्च को जोड़कर आईजीएमसी, रिपन में ही यह टेस्ट महंगा ही
पड़ता है।

अाईजीएमसी में भी एक्सरे के बाहर हुआ हंगामा

अाईजीएमसी अस्पताल में भी शुक्रवार काे एक्सरे के बाहर हंगामा हुअा। यहां पर एक मशीन खराब है, जबकि दूसरी मशीन में टेस्ट हाे रहे थे। इस दाैरान यहां पर काफी भीड़ हाे गई। इस दाैरान लाेगाें ने अाराेप लगाया कि सिक्याेरिटी कर्मचारी अपने चेहताें काे भेज रहे हैं। इस पर काफी देर तक हंगामा हुअा। हालांकि बाद में उसे शांत करवा दिया गया। वहीं डीडीयू अस्पताल में भी एक्सरे मशीन खराब पड़ी है, जिससे लाेगाें काे परेशानी हाे रही है। यहां पर सरकारी मशीन के खराब हाेने से लाेगाें काे अस्पताल परिसर में पीपीपी माेड पर लगी मशीन में महंगे दामाें पर एक्सरे करवाने पड़ रहे हैं।

टुटू पीएचसी में रेडियाेग्राफर न हाेने से बंद पड़ी एक्सरे मशीन इन क्षेत्रों के लोगों को मिलता फायदा उपनगर टुटू के अलावा ढैंढा, धमून, बायचड़ी, जुब्बड़हट्‌टी, बडहरी सहित अन्य क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलना था। इन क्षेत्रों की करीब 20 हजार की आबादी है। एक्स-रे की सुविधा शुरू होने से लोग परेशान हैं। मरीजों को एक्स-रे या तो निजी क्लीनिकों में करवाने पड़ते हैं या फिर आईजीएमसी और रिपन आना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को एक एक्स-रे टेस्ट के दोगुने दाम अदा करने पड़ते हैं, परेशानी अलग से उठानी पड़ती है। उपनगर टुटू में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 29 अगस्त 2014 में खुला था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पीएचसी का विधिवत शुभारंभ किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीएचसी में तमाम सुविधाएं शुरू करवाने का आश्वासन लोगों को दिया था, लेकिन अभी तक यहां पर टेक्नीशियन नहीं है।



टुटू पीएचसी में लगी अाॅटाे एनालाइजर मशीन जाे बंद पड़ी है।

X
Shimla News - that is why there are crowds in hospitals many phcs like kainik tutu have machines no one running
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना