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पुलिस कर्मी का परिवार प्रदेश में कहीं भी ले सकेगा कैंटीन में अपने कोटे का बचा हुआ सामान

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:26 AM IST

Shimla News - पुलिस विभाग में कार्यरत पुलिस कर्मियों का परिवार अब कैंटीन का सामान किसी भी पुलिस कैंटीन में ले सकेगा। पुलिस...

Shimla News - the family of the police personnel can take anywhere in the state the remaining luggage of the canteens
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पुलिस विभाग में कार्यरत पुलिस कर्मियों का परिवार अब कैंटीन का सामान किसी भी पुलिस कैंटीन में ले सकेगा। पुलिस कैंटीनों में हर माह पांच हजार रुपए की ग्रॉसरी व डेली नीड का सामान लेने की लिमिट है। ऐसे में अगर पुलिस कर्मी कुछ सामान अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर लेता है तो बाकी बचा हुआ सामान दूसरी जगह रहने वाला उसका परिवार घर के आसपास की कैंटीनों से ले सकेगा। विभाग जल्द ही इसकी सुविधा देगा।

प्रदेश में खुली किसी भी पुलिस कैंटीन से इसके सदस्य अब सामान खरीद सकेंगे। पुलिस विभाग इसकी सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद अब कहीं भी किसी भी जगह पर पुलिस कैंटीनों से इसके सदस्य और इसके परिवार सामान खरीद सकेंगे। इससे उन पुलिस कर्मियों को फायदा होगा जो अपने घर से दूर ड्यूटियां कर रहे हैं। इस सुविधा से इनका परिवार भी कैंटीन का सामान कहीं भी ले सकेगा। अभी तक यह संभव नहीं है क्योंकि प्रत्येक सदस्य के लिए हर माह ग्रॉसरी व अन्य दैनिक उपभोग के सामान की लिमिट पांच हजार तय की गई है। वहीं इलेक्ट्रानिक व अन्य नान-कंज्यूमेबल अाइटम की लिमिट एक लाख तीन साल के लिए रखी गई है। मौजूदा समय में जहां की कैंटीनों के कार्ड बने हैं, अभी वहां पर मैनुअली सामान की खरीद का रिकार्ड रखा जा रहा है। ऐसे में दूसरी जगह कैंटीन में अगर सामान खरीदना पड़े तो यह पता करना मुश्किल होता है कि खरीद की लिमिट खत्म हो गई है या नहीं। दूसरी जगह पर सामान लेना संभव नहीं है। लेकिन अब पुलिस विभाग अपनी कैंटीनों को ऑनलाइन करेगा। इससे यह पता आसानी से लग सकेगा कि इसके सदस्य ने एक कार्ड पर कितना सामान खरीदा है और कितना उसके हिस्से का सामान बचा है। इससे यह फायदा होगा कि अगर पुलिस कर्मी या अधिकारी का परिवार किसी दूसरी जगह रहा रहा है तो वहां परिवार भी कैंटीन से सामन खरीद सकेगा। अगर पुलिस कर्मी ने मानो एक हजार का सामान शिमला की कैंटीन में खरीद लिया है तो मंडी या धर्मशाला मेंं रह रहा उसका परिवार इसका बचा हुआ सामान खरीद सकेगा।

ऑनलाइन करने से होंगे कई फायदे पुुलिस विभाग द्वारा अपनी कैंटीनों को ऑनलाइन करने से कई फायदे होंगे। इसका फायदा होगा कि ये कैंटीनें सर्वर पर आ जाएंगी, जिससे कैंटीनों का रिकार्ड मैनुअली मेंटेन नहीं करना पड़ेगा। इससे कैंटीनों में खरीदने जाने वाले सामान का रिकार्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे अधिकारी भी अपने कार्यालयों में बैठकर कैंटीनों के सामान के स्टेटस जान सकेंगे। हर रोज कितना सामान सभी कैंटीनों में खरीदा गया है इसकी जानकारी एक क्लिक पर मौजूद रहेगी।

शिमला समेत चल रही हैं सात कैंटीन पुलिस विभाग ने करीब चार माह पहले पुलिस कैंटीनों की शुरुआत हिमाचल में की थी। 16 दिसंबर 2018 को पहले चरण में शिमला, मंडी, धर्मशाला और पीटीसी डरोह में एक साथ चार कैंटीनें खोली गई थीं। इसके बाद सिरमौर, ऊना व चंबा में भी नई कैंटीनें खोली जा चुकी हैं। इस तरह अभी तक सात कैंटीनें काम कर रही हैं। पुलिस विभाग इन कैंटीनों का विस्तार करेगा। इनमें कैंटीनों में कॉस्मैटिक्स, ग्रॉसरी एंड डेली यूज आइटम्स, फूड आइटम, टॉयलेटरीज, इलेक्ट्रानिक एंड इलेक्ट्रिक एप्लाइंसिस, होम एप्लांइसिस, लाइफ स्टाइल प्रोडक्टस, यूनिफार्मज, फुटवियर, हॉजरिज एंड टैक्सटाइल्स सहित अन्य सामान उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। खास बात ये सामान काफी सस्ती दरों पर मिलेगा। कैंटीन में उपलब्ध सामान एमआरपी से औसतन 20 फीसदी तक छूट पर मिल रहा है। इससे अब सामान जवानों और अधिकारियों को बाजार से ऊंचे दामों पर नहीं खरीदना पड़ रहा है। राज्य में करीब 17 हजार सेवारत जवान व अधिकारी हैं, इसका फायदा ले रहे हैं। इनके अलावा सैकड़ों रिटायर कर्मचारी भी हैं, वे भी इन कैंटीनों से सामान ले सकते हैं।

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