रिज के टैंकों में भी हैं दरारें, भरने के लिए पेक की रिपाेर्ट का है इंतजार

Shimla News - एसजेपीएनएल की टीम ने की है निगम का सहयोग देने की बात, उनके विशेषज्ञों ने भरी इसकी हामी रिज के बाद इसके साथ ही बने...

Feb 14, 2020, 07:30 AM IST
Shimla News - there are also cracks in the ridge tanks waiting for peck39s report to fill
एसजेपीएनएल की टीम ने की है निगम का सहयोग देने की बात, उनके विशेषज्ञों ने भरी इसकी हामी

रिज के बाद इसके साथ ही बने सबसे बड़े वाटर स्टाेरेज टैंक काे रिपेयर करने के लिए पेक की रिपाेर्ट का इंतजार करना पड़ेगा। रिपाेर्ट अाने के बाद ही यह तय हाे पाएगा कि इसके भीतरी भागाें में दराराें काे भरने के लिए काैन सा मैटेरियल अाैर पार्ट यूज िकए जाए। उसके बाद ही इसे रिपेयर करने का काम शुरू हाे पाएगा। पानी के टैंक पर आई दरारों को रिपेयर करने के लिए सतलुज जल विद्युत निगम ने हामी भर दी है।

एसजेपीएनएल की टीम इस सप्ताह नगर निगम प्रशासन के साथ मिलकर टैंक का जायजा लेने के बाद इसकी रिपेयर करने के लिए पेक से संपर्क करेगी। पिछले साल जनवरी माह में टैंक की सफाई के दैारान एक चैंबर में दरारें देखी गई थी और इन दरारों की रिपेयर के लिए नगर निगम प्रशासन ने पेक अाैर अाईअाईटी दिल्ली काे पत्र लिखा था। हालांकि दोनों ही संस्थानों की ओर से इसके लिए हामी नहीं भरी है जबकि टैंक और डैम के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले एसजेपीएन की टीम ने निगम का सहयोग करने की बात कही है। एसई ग्रेटर वाटर सर्कल शिमला डॉ. धर्मेंद्र गिल ने कहा कि रिज टैंक में आई दरारों को ठीक करने के लिए एसजेपीएनएल की विशेषज्ञों टीम ने हामी भर दी है और टीम को टैंक का जायजा करवाया जाएगा और इसके बाद इसकी रिपेयर का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। जिसके बाद अब रिज के टैंकों में पड़ी दरारों के दुरूस्त होने की उम्मीद है। लेकिन अभी तक रिज के टैंकों की दरारे ठीक नहीं की गई तो आने वाले समय में ये सभी के लिए खतरे का कारण बन सकती है।

मालरोड, लोअर बाजार, रामबाजार, बस स्टैंड, कैथू, अनाडेल, कृष्णानगर, लक्कड़ बाजार को हाेती है पानी की सप्लाई

ऐतिहासिक रिज के नीचे बने पानी के स्टोरेज टैंक में आई बड़ी दरारें, जिससे इसके फटने का खतरा बना है।

भीतरी हिस्से में आईं है बड़ी दरारें, टैंक के फटने का भी है खतरा: बीते साल जनवरी में रिज टैंक की सफाई के दौरान टैंक के चैंबर में कुछ दरारें देखी गई थी। निगम के 45 कर्मचारियों ने 5 घंटे तक टैंक के 10 चैंबर की सफाई की थी। इस दौरान पूर्व मेयर कुसुम सदरेट, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश चौहान और एसई धर्मेंद्र गिल और एक्सीयन राजेश कश्यप, विजय गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी भी टैंक के अंदर मौजूद रहे थे और सफाई कार्य के साथ टैंक का निरीक्षण भी किया गया था। टैंक की सफाई के दौरान ही निगम प्रशासन ने दावा किया था कि 110 वर्ष पुराने इस टैंक की दरारों की जांच भी किसी स्पेशलिस्ट एजेंसी से करवाई जाएगी ताकि इस टैंक को बचाया जा सके। इस टैंक से लगभग अाधे शहर काे पानी की सप्लाई हाेती है।


रैलियां न हो इसके लिए प्रधानमंत्री को लिखा जा चुका है पत्र: रिज मैदान में कई बड़ी रैलियां होती रहती हैं। रिज के असतीत्व को बचाने के लिए माकपा के समय में पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा था। प्रधानमंत्री की रिज पर होने वाली रैली के दौरान भी उन्होंने इसके कमजोर होने का हवाला दिया था। इसके बावजूद भी रिज मैदान में दो बड़ी रैलियां का आयोजन हो चुका है। अाैर अभी भी इस पर राेक नहीं लगी है। ब्रिटिश काल में बने इस वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण 110 वर्ष पहले हुआ था। टैंक में आर्क आकार के 10 चैंबर बनाए गए हैं जिनमें पानी स्टोर किया जाता है। 10 मीटर ऊंचाई वाले इस टैंक के दस चैंबर में 5 एमएलडी यानी पचास लाख लीटर के करीब पानी स्टोर किया जा सकता है और यह शहर का दूसरा सबसे बड़ा वाटर स्टोरेज टैंक है। टैंक के पानी की निकासी रिवोली के पास होती है और रूल्दुभट्टा के नाले से होता हुआ पानी बाद में जाकर सतलुज में मिलता है। जबकि लोअर बाजार की ओर से पानी अश्वनी खड्ड में मिलने के बाद यमुना नदी में मिलता है। इस टैंक से मालरोड, लोअर बाजार, रामबाजार, बस स्टैंड, कृष्णानगर, कैथू, लक्कड़ बाजार, अनाडेल जैसे कोर एरिया में इसी टैंक से पानी की सप्लाई होती है।

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