अाईजीएमसी में राेजाना अा रहे तीन हजार मरीज पर बैठने के लिए एक बेंच तक नहीं

Shimla News - अाईजीएमसी में रिसेप्शन अाैर इमरजेंसी में एंट्री के लिए प्रशासन ने करीब एक साल पहले अलग-अलग दरवाजे किए थे। इसके लिए...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:26 AM IST
Shimla News - there is not even a bench to sit on the three thousand patients who are coming to the igmc
अाईजीएमसी में रिसेप्शन अाैर इमरजेंसी में एंट्री के लिए प्रशासन ने करीब एक साल पहले अलग-अलग दरवाजे किए थे। इसके लिए बाकायदा यहां पर दीवार तुड़वाई गई थी। एंट्री अलग-अलग करके प्रशासन ने भीड़ कम करने के लिए फार्मूला ताे निकाल लिया, मगर यहां पर ईलाज के लिए अाने वाले मरीजाें के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। अाईजीएमसी के रिसेप्शन काउंटर में अब एक भी कुर्सी मरीज काे बैठने के लिए नहीं है। रिसेप्शन के साथ ही पर्ची काउंटर भी है, जहां पर मरीज अाैर तीमारदार पर्चियां बनाने के लिए घंटाें कताराें में लगे रहते हैं। जबकि काेई सीरियर पेशेंट है ताे उसे बैठने तक काे जगह नहीं मिलती। अगर वह जमीन पर बैठना भी चाहें ताे उसे तुरंत सिक्याेरिटी कर्मचारी वहां से उठा देते हैं। राेजाना यह समस्या मरीजाें के साथ अाईजीएमसी में अा रही है।

रिसेप्शन अाैर इमरजेंसी की एंट्री अलग-अलग करने से पहले पर्ची काउंटर के पास प्रशासन ने मरीजाें के लिए कुर्सियां और बेंच लगा रखी थे। जब भी काेई सीरियस पेशेंट काे लेकर तीमारदार अाता था ताे वह मरीज काे इन कुर्सियाें पर बिठाकर खुद पर्ची की लाइन में खड़ा हाे जाता था। मगर अब परेशानी यह है कि मरीजाें काे उन्हें या ताे अाईजीएमसी गेट के पास बिठाकर पर्ची बनाने जाना पड़ता है या फिर मरीज काे भी यहां पर जब तक पर्ची न बने खड़े रहना पड़ता है।

गंदे फर्श पर बैठना मरीजों और उनके अटेंडेंट की बन गई मजबूरी

अाईजीएमसी में बैठने की जगह नहीं मिली ताे मजबूरन महिलाअाें काे फर्श पर बैठना पड़ा।

कई ऑर्थो के मरीज खड़े नहीं रह सकते, उन्हें ज्यादा मुश्किलअाईजीएमसी में राेजाना 3000 से ज्यादा अाेपीडी रहती है। पेशेंट दूर दराज के क्षेत्राें से इलाज के अाते हैं। अधिकांश पेशेंट काफी बीमार हाेते हैं जाे खड़े तक नहीं हाे पाते। मगर अाईजीएमसी परिसर में मरीजाें के लिए कहीं भी अाराम के लिए जगह नहीं है। जाे ग्रीन हाउस मरीजाें के अाराम के लिए बनाया गया था, उसमें अार्थाे अाेपीडी शिफ्ट कर दी गई थी। इसके अलावा परिसर के बाहर केवल गेट के पास मरीजाें के लिए बैठने काे जगह बनाई है। मगर वहां पर भी करीब 30 से ज्यादा मरीज नहीं बैठ पाते। ज्यादातर मरीजाें काे या ताे फर्श पर बैठना पड़ता है या फिर खड़े ही रहना पड़ता है, क्याेंकि परिसर में भी मरीजाें के लिए ज्यादा कुर्सियां नहीं है।


बैठें ताे कहां, उठा देता है सिक्याेरिटी स्टाफ सुन्नी से अपने पिता की जांच करवाने अाए सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उनके पिता काे तेज बुखार है। वह अाईजीएमसी पहुंचे ताे पर्ची काउंटर पर लंबी लाइने लगी थी। पर्ची बनने तक उन्हाेंने अपने पिता काे कहीं पर बिठाना था, मगर जगह नहीं मिली। एेसे में उन्हाेंने उन्हें पर्ची काउंटर के साथ, जमीन पर बिठा दिया, मगर कुछ ही देर में सिक्याेरिटी कर्मचारी उन्हें वहां से तुरंत उठा दिया। फिर उन्हें बाहर गेट के पास बिठाकर पर्ची बनाने अाना पड़ा। दूसरी अाेर महेश गुप्ता ने बताया कि उन्हें थकान के कारण बैठने काे जब जगह नहीं मिली ताे तीसरे फ्लाेर में जाकर वह कुर्सी पर बैठे।

X
Shimla News - there is not even a bench to sit on the three thousand patients who are coming to the igmc
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना