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31 मार्च तक बसाने हैं तहबाजारी, लिफ्ट के पास बिल्डिंग भी अधूरी, लिस्ट भी तैयार नहीं

एक वर्ष पहले
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शहर में तहबाजारियाें की समस्या अाम लाेगाें के लिए लगातार परेशानी का सबब बनती जा रही है। नगर निगम के काेर्ट के अादेशाें पर तीन माह पहले तहबाजारियाें हटाअाे अभियान ताे चलाया था लेकिन अब नगर निगम खुद ही इसमें ढील दे रहा है। नतीजा ये कि शहर के बाजाराें में दाेबारा तहबाजारी डेरा जमाने लगे हैं। बाजाराे के दाेनाें तरफ ये तहबाजारी डेरा जमाकर बैठे गए हैं अाैर इन पर कार्रवाई करने वाला काेई नहीं है। नगर निगम भी लगातार तहबाजारियाें की लिस्ट फाइनल िकए जाने के बाद ही इन्हें बसाने की बात कह रहा है लेकिन अभी इसमें कितना समय लगेगा इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। दावा िकया गया था कि 31 मार्च तक ये तहबाजारी हर हाल में बसा दिए जाएंगे लेकिन जिस बेकरी भवन में इन्हें बसाया जाना है वह अभी बनकर तैयार ही नहीं हुअा है। एेसे में कब तक इन तहबाजारियाें काे स्थायी ठिकाने मिलेंगे इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

टीवीसी की बैठक भी टलीः 11 मार्च काे तहबाजारियाें की लिस्ट फाइनल करने के लिए टीवीसी यानि टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक रखी गई थी लेकिन काेरम पूरा न हाेने के चलते यह बैठक हाे ही नहीं पाई। एेसे में टीवीसी के मेंबर भी इसके लिए ज्यादा गंभीर नहीं है। पिछले चार सालाें से लगातार यह मुददा बना है लेकिन स्थायी समाधान कब निकलेगा इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। पिछली बैठक में कमेटी ने 564 तहबाजारियों की वेरिफिकेशन कर इन्हें वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी करने का निर्णय लिया था। नगर निगम ने पंजीकृत 1067 तहबाजारियों में से 692 ने वेरिफिकेशन फार्म भरे थे। इसमें से कमेटी ने 408 तहबाजारियों को सही पाया था 156 में संशोधन होना था। इनके संशोधन के बाद अब 564 तहबाजारी ही निगम के पास बच गए थे। फार्म भरने वाले 55 तहबाजारियों पर टाउन वेंडिंग कमेटी ने आपत्ति दर्ज की थी। इसमें से कुछ तहबाजारी ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर शिमला से कहीं बाहर चले गए हैं और उनके स्थान पर कोई दूसरा व्यक्ति बैठ रहा है। इन 55 तहबाजारियों की लिस्ट को अगली टीवीसी की बैठक में रखा जाएगा। कमेटी ही इन तहबाजारियों पर निर्णय लेगी। तहबाजारियों को बसाने के लिए निगम पिछले चार सालों में नाकाम रहा है।

चार साल से लागू नहीं हाे पाया है स्ट्रीट वेंडर एक्ट स्ट्रीट वेंडर एक्ट काे आए चार सालों से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अभी तक शिमला शहर में तहबाजारी की समस्या से निपटा नहीं जा सका है। बाजार तहबाजारियों से भरे पड़े हैं जिसकी वजह से बाजार में खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं है लोअर बाजार में तहबाजारियों और अवैध रूप से दुकानें बाहर सजाने वालों पर हाईकोर्ट की अोर से भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रीट वेंडर एक्ट को लागू करने को लेकर कई बार निगम प्रशासन और सरकार की ओर से घोषणाएं और बयान जारी किए गए हैं लेकिन हकीकत में इसे इस साल भी लागू नहीं किया गया है। तहबाजारियों से ने केवल लोअर बाजार और रामबाजार में लोग परेशान हंै बल्कि उपनगरों में भी तहबाजारियों से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

लक्कड़ बाजार के शुक्रवार काे दुकान लगाकर बैठे तहबाजारी।
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