शिमला के बाग गांव में विधि विधान से हुअा तुलसी और शालीग्राम का विवाह

Shimla News - शिमला ग्रामीण के बाग गांव में तुलसी विवाह का अायाेजन किया गया। जगत राम शर्मा के घर में यह तुलसी विवाह हुअा। इसमें...

Nov 10, 2019, 07:30 AM IST
शिमला ग्रामीण के बाग गांव में तुलसी विवाह का अायाेजन किया गया। जगत राम शर्मा के घर में यह तुलसी विवाह हुअा। इसमें उनके कुल पुराेहित के घर से भगवान विष्णु (शालीग्राम) की बारात अाई। पूरे विधि विधान के साथ विवाह प्रक्रिया हुई। दिनभर पूरे गांव के लाेगाें अाैर रिश्तेदाराें ने भजन कीर्तन गाए। दाेपहर बाद तुलसी की विदाई की गई। शादी की पूरी रस्में दाे दिन तक चली।

शास्त्राें के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु चार माह की लंबी निंद्रा के बाद जागते हैं और इसके साथ ही सारे शुभ मुहूर्त खुल जाते हैं। शादी से लेकर गृह प्रवेश तक जैसे सारे मांगलिक काम शनिवार से शुरु हो गए। विष्णु के स्वरूप शालिग्राम का विवाह तुलसी से कराया जाता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के दिन जो भी तुलसी का विवाह करवाता है और कन्यादान करता है उसे बेटी के जितना कन्यादान करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

बाग गांव में तुलसी और शालीग्राम विवाह की प्रक्रिया संपन्न करवाते पंडित।

इसलिए किया जाता है तुलसी, शालीग्राम का विवाह

तुलसी को वृंदा नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, तुलसी ने भगवान विष्णु को श्राप दिया था। जिस वजह से वो काले पड़ गए थे। तभी से शालीग्राम रुप में उन्हे तुलसी के चरणों में रखा जाता है। तभी से भगवान विष्णु की पूजा को तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी मनुष्य देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह करवाता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

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