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बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के सरकार समान रूप से हटाए वन भूमि से अवैध कब्जे

जिला महासू भाजपा के प्रवक्ता एवं ठियोग उपमंडल नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान साधराम झराईक ने प्रदेश सरकार से पूरे...

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 02:10 AM IST
जिला महासू भाजपा के प्रवक्ता एवं ठियोग उपमंडल नंबरदार एसोसिएशन के प्रधान साधराम झराईक ने प्रदेश सरकार से पूरे प्रदेश में बिना किसी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप समान कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए निष्पक्ष कारवाई की मांग की है। झराईक ने अपने बयान में कहा है कि पूर्व सरकार के समय यह देखा गया है कि अवैध कब्जों को हटाने के मामले में राजनीतिक पहुंच व रसूख रखने वालों के विरुद्ध कारवाई नहीं हुई, बल्कि केवल छोटे व मझोले किसानों-बागवानों को ही अधिक झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सेब क्षेत्रों सहित प्रदेश में विभिन्न हिस्सों में असामाजिक तत्वों ने वन व राजस्व भूमि पर कब्जे किए हैं। जंगल काटकर उनपर सेब बागीचे लगाए गए और जंगलों के बीच ही आलू व अन्य फसलों की खेती प्रवासी मजदूरों के जरिए करवाई जाती रही।

इसके लिए ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण भी मिलता रहा है। राजनीतिक दलों कांग्रेस व भाजपा के आगे पीछे रहने वाले ऐसे लोगों को सबक सिखाने की जरूरत है। झराईक ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सरकार ने जिस प्रकार से प्रदेश में अवैध कब्जों को हटाने की मुहीम चलाई थी, टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसमें पुलिस, वन एवं राजस्व अधिकारियों को शामिल किया गया उसे आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए ग्राम सभाओं की मदद भी अवैध कब्जों को हटाने के लिए ली जाए। झराईक ने मांग की है कि न्यायालय ने जो मुहीम शुरू की थी उसे चलाए रखने के साथ साथ वर्तमान सरकार को कठोर कदम उठाते हुए और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध बिना भेदभाव से करवाई करे ।

किसानों के पास पांच बीघा से कम भूमि

एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश में जिन किसानों के पास पांच बीघा से कम भूमि है उसपर सरकार को तब कोई नीति बनाकर केन्द्र को भेजनी चाहिए जब सारी वन व राजस्व भूमि जबरन कब्जा करने वालों से मुक्त हो जाएगी। साधराम के अनुसार कुछ गरीब किसान बागवानों के बागीचे काटे जाने से समाज में आपसी सदभाव भी बिगड़ा है क्योंकि कुछ बड़े लोगों पर अभी तक कारवाई नहीं हुई है।

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