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भारत में पहली बार आयोजित होगी स्नो बोर्ड प्रतियोगिता

भारत में पहली बार स्नो बोर्ड अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन शिप का आयोजन रोहड़ू के समीप बर्फ से लदी चांशल घाटी में किया जा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 02:10 AM IST

भारत में पहली बार स्नो बोर्ड अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन शिप का आयोजन रोहड़ू के समीप बर्फ से लदी चांशल घाटी में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 30 मार्च से शुरू हो रही है जिसमें भारत के हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर राज्यों के खिलाड़ियों के अलावा पड़ोसी देशों भूटान, नेपाल और बांग्लादेश के स्नोबोर्ड खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में 60 से 70 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रदेश के खेल, परिवहन और वन मंत्री गोविंद ठाकुर 30 मार्च को एक बजे चांशल स्नो क्षेत्र में करेंगे।

प्रयोग के तौर पर प्रतियोगिता

स्नो बोर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज कश्यप ने बताया कि हिमाचल में स्कीइंग, आईस स्केटिंग आदि ही बर्फ के खेलों के तहत खेले जाते हैं। स्नो बोर्ड प्रतियोगिता पहली बार प्रयोग तौर पर करवाई जा रही है। मनाली में भी एसोसिएशन की ओर से राज्य स्तर पर यह प्रतियोगिता करवाई जा चुकी है।

हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर के अलावा भूटान, नेपाल और बांग्लादेश के स्नोबोर्ड खिलाड़ी भी ले रहे भाग

इस प्रकार खेला जाता है बर्फ पर स्नो बोर्ड खेल। (फाईल फोटो )

स्नो बोर्ड प्रतियोगिता में एक लाख होगा पुरस्कार

देवराज कश्यप ने बताया कि इस स्नो बोर्ड प्रतियोगिता में 100 से अधिक खिलाड़ी जुटने पर एक लाख का पहला पुरस्कार रखा गया है। यदि खिलाड़ियों की संख्या कम रही तो 80 हजार रुपए पुरस्कार राशि दी जाएगी। एसोसिएशन के अनुसार यह प्रतियोगिता ओपन आधार पर होगी और कोई भी स्नो बोर्ड खिलाड़ी इसमें भाग ले सकेगा। उन्होंने बताया कि इस खेल में खिलाड़ी समुद्र में सर्फिंग की तरह बर्फ की ढलान पर सर्फिंग करता है। यह काफी तेजी से किया जाता है। इसके लिए बड़े और लंबे स्लोप की जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ी बर्फानी ढलान पर स्नो बोर्ड पर फिसलते हुए अपने करतब दिखाते हैं।

मनाली के अलावा अन्य स्लोपों की खोज

एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार हिमाचल में अभी स्नो बोर्ड जैसे तेज खेल के लिए अच्छे स्लोप की खोज की जा रही है। इसमें मनाली, चांशल के अलावा कूपड़ स्थान पर भी प्रयोग किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शीत खेलों के आयोजन में स्नो बोर्ड को भी शामिल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

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