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पार्किंग बनकर रह गया है ठियोग का ऐतिहासिक पोटेटो मैदान

आजादी की लड़ाई के समय प्रजामंडल की गतिविधियों के केन्द्र रहे ठियोग नगर का ऐतिहासिक पोटेटो मैदान कार पार्किंग बनकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 02:10 AM IST

आजादी की लड़ाई के समय प्रजामंडल की गतिविधियों के केन्द्र रहे ठियोग नगर का ऐतिहासिक पोटेटो मैदान कार पार्किंग बनकर रह गया है। इस मैदान का महत्व इसलिए भी है कि यहां आजादी से पूर्व व बाद में कई दशकों तक ठियोग के मेहनती किसानों की आलू की फसल का व्यापार होता था। इस मैदान की मिट्टी में यहां के स्वतंत्रता सेनानियों व किसानों के पसीने की खुशबू को आज कारों के टायरों के तले रौंदा जा रहा है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने यहां नेहरू की मूर्ती लगाकर इसका नाम नेहरू मैदान रख दिया लेकिन ठियोग में वाहनों के लिए कई सालों से एक बड़ी पार्किंग का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है।

उपेक्षा का शिकार यह मैदान

इस मैदान पर कभी जिला प्रशासन तो कभी नगर परिषद अपना आधिपत्य जताते रहे हैं। यहां कुछ दशक पहले नगर परिषद ने एक भव्य मंच बनाया था जिसे ठियोग हाटकोटी सड़क के निर्माण के समय तोड़ दिया गया। बदले में मिले 28 लाख रुपयों का उपयोग भी अभी नहीं हो पाया है। मैदान का एक हिस्सा सड़क के लिए तोड़ा जा चुका है।

दो पार्किंगों का निर्माण अधूरा

प्रशासन की ओर से इस मैदान पार्किंग के लिए प्रयोग करने के पीछे कारण यह बताया जाता है कि ठियोग में पार्किंग न होने के कारण इसका प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन ठियोग में पिछले आठ नौ सालों से दो पार्किंगों का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। ठियोग नगर में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है लेकिन इस ओर न सरकार न नप का रवैया सकारात्मक है। पूर्व कांग्रेस सरकार ने ठियोग में पार्किंग कम शापिंग कांप्लेक्स का शिलान्यास 2013 में किया लेकिन आज उसका नामोनिशान नहीं है।

वाहनों की संख्या बढ़ रही

ठियोग में स्थानीय लोगों व बाहर से रोजाना यहां आने वालों की कारों की कुल संख्या इतनी अधिक हो जाती है कि ठियोग नगर में हर सड़क, रास्ते और खुली जगह पर कारें की कारें दिखाई देती हैं। लेकिन इस समस्या को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है। नप ठियोग की अध्यक्षा शांता शर्मा के अनुसार नप में ईओ का पद अक्सर रिक्त रहने के कारण पार्किंगों का निर्माण पूरा होने व अन्य काम लटक रहे हैं। उनका कहना है कि पोटेटो मैदान पार्किंग नहीं बननी चाहिए लेकिन अन्य कोई विकल्प फिलहाल नहीं है।

ठियोग नगर की ऐतिहासिक पहचान पोटेटो मैदान पार्किंग बन कर रह गया है।

एक और अग्निशमन कार्यालय बाकी बनी पार्किंग

इस मैदान में न बच्चों के खेलने का स्थान बचा है न अन्य गतिविधियां यहां हो पाती हैं। इस मैदान के एक ओर अग्निशमन विभाग के वाहन खड़े रहते हैं बाकि स्थान कारों ने घेर रखा है। यह मैदान केवल साल में ठियोग उत्सव के दौरान 15-20 दिनों के लिए खाली होता है उस समय भी यहां बाजार लगता है। जिससे प्रशासन को लाखों की आय होती है। इस मैदान के गौरव व सौंदर्य को बनाए रखने के लिए न तो प्रशासन न नप ही कोई रूचि दिखा रही है। लोगों ने यहां ठियोग के स्वतंत्रता सेनानियों का स्मारक बनाने की मांग की थी जो पूरी नहीं हुई।

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