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टायलेट के बहाने स्कूल से निकलकर ढली पहुंची छठी क्लास की दो छात्राएं

ठियोग के डीएवी स्कूल से मंगलवार को छटी कक्षा की दो मासूम बच्चियां टायलेट के बहाने स्कूल से निकलकर ढली पहुंच गई और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 02:10 AM IST

ठियोग के डीएवी स्कूल से मंगलवार को छटी कक्षा की दो मासूम बच्चियां टायलेट के बहाने स्कूल से निकलकर ढली पहुंच गई और स्कूल प्रशासन को पता नहीं चला। स्कूल से डेढ़ बजे निकलकर यह दोनों बच्चियां बस एक निजी बस में बैठकर ढली पहुंच गईं और उतरकर शिमला की ओर पैदल चलना शुरू कर दिया। वहां किसी भले व्यक्ति ने उन्हें ट्रेफिक पुलिस कांस्टेबल अमित के हवाले किया जिन्होंने उन्हें ढली थाने में पहुंचा दिया।

मां को किया फोन

इनमें से एक बच्ची ने अपनी मां का नंबर बताया तब पुलिस ने 2 बजकर 55 मिनट पर बच्ची की बात मां से करवाई। जिसके बाद एक बच्ची के पिता प्यारेलाल ने ठियोग पुलिस थाने फोन किया। ठियोग से पुलिस का एक दल ढली पहुंचा और दोनों बच्चियों को लेकर शाम 6 बजे ठियोग थाने पहुंचा जहां बड़ी संख्या में अभिभावक एकत्र होकर स्कूल प्रिंसीपल के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे। बच्चियों को ठियोग पुलिस थाने लाया गया। उन्होंने बताया कि वे शिमला घूमने जा रही थीं जहां एक की मासी रहती है। उनमें से एक के पास 40 रुपए थे जिससे उन्होंने किराया दिया। अपने मां बाप से मिलकर बच्चियां बेतहाशा रो रही थीं जिस कारण उनसे अधिक पूछा नहीं जा सका।

स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

अभिभावकों प्यारेलाल, सुरेश वर्मा, बालकिशन बाली, पूजा कंवर, सीता चंदेल आदि ने बताया कि बच्चियों के लापता होने के बाद स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों और पुलिस तक को सूचित नहीं किया। यहां तक कि जब बच्चियों के माता पिता स्कूल पहुंचे तो उनसे भी ठीक से बात नहीं की। उनका कहना था कि छात्राओं के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। स्कूल में अव्यवस्थाओं पर भी अभिभावकों से सवाल उठाए। उनका कहना था कि शौचालय जंगल में है जहां फैंसिंग नहीं है और सुरक्षा गार्ड भी नहीं है। उधर प्रधानाचार्य आरएल पाठक ने बताया कि उन्हें तुरंत पता चल गया था और सभी अध्यापक छात्राओं को ढूंढ रहे थे।

प्रधानाचार्य ने बताया जैसे ही पता चला, सभी अध्यापक छात्राओं को ढूंढने निकल पड़े

पुलिस की गिरफ्त में प्रिंसीपल।

डीएवी स्कूल ठियोग में हैं कई खामियां

ठियोग के डीएवी स्कूल में कई खामियां पाई गई हैं। यहां पर बच्चों के लिए शौचालय जंगल के साथ है जहां से नीचे सड़क को रास्ता जाता है। वहां पर कोई फैंसिंग नहीं है। चारों और खुले रास्ते हैं। स्कूल में शिक्षकों के टॉयलेट कक्षा कमरों के साथ हैं जबकि बच्चों के दूर। स्कूल के लिए रास्ते भी ठीक नहीं हैं। कभी भी हादसा हो सकता है। कई कक्षा के कमरे शैड नुमा हैं। अभिभावकों के अनुसार बरसात होने पर मैदान में कीचड़ भर जाता है जिससे बच्चे लथपथ होकर घर पहुंचते हैं। इस स्कूल में आठ सौ बच्चे पढ़ते हैं लेकिन सुविधा न के बराबर हैं कई कमरे अंधेरे व बदबूदार हैं। सारा स्कूल किराए के भवन में चल रहा है। प्रधानाचार्य आरएल पाठक का कहना है कि फंड की कमी है स्कूल का नया भवन गजेड़ी के पास बन रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की अच्छी खासी आय है लेकिन सुविधाएं नहीं हैं। पहले भी कई बार स्कूल में अभिभावक विरोध जता चुके हैं।

देर शाम तक नारेबाजी :अभिभावक पहले स्कूल कार्यालय में और उसके बाद पुलिस थाने पहुंचकर प्रधानाचार्य को हिरासत में लेकर उसके विरुद्ध केस दर्ज करने की मांग करते रहे। शाम सात बजे तक भी थाने के समक्ष नारेबाजी जारी थी।

नियमानुसार होगी कार्रवाई

उधर डीएसपी आरएल बंसल ने बताया कि पुलिस ने प्रधानाचार्य को अपनी कस्टडी में लिया है। स्कूल अभिभावक संघ व अभिभावकों की ओर से एक शिकायत उनके विरुद्ध दर्ज करवाई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

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