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क्रशर मालिक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने में नारेबाजी

ठियोगकी माहौरी पंचायत के दींद गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को ठियोग पहुंचकर इस गांव के समीप चल रहे स्टोन क्रेशर...

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 02:15 AM IST
ठियोगकी माहौरी पंचायत के दींद गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को ठियोग पहुंचकर इस गांव के समीप चल रहे स्टोन क्रेशर मालिक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पुलिस थाने के बाहर नारेबाजी की। इन ग्रामीणों में गांव की महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीण पुलिस थाना में एसएचओ के कक्ष में पहुंच गए और उनसे अब तक क्रशर मालिक को गिरफ्तार करने का कारण पूछा।

ग्रामीणों के साथ मौजूद किसान सभा माकपा के पदाधिकारियों ने कहा कि जब क्रशर से 36 पेटी जलाटेन विस्फोटक बरामद किया गया है और क्रशर मालिक तीन दिनों से उसे रखने की परमिशन नहीं दिखा पाया है तो उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पर एसएचओ संतोष कुमार का कहना था कि पुलिस इस मामले में पूरी कारवाई के बाद ही आगे की कारवाई करेगी। उन्होंने कहा कि वे वीरवार को किसी अन्य केस में बाहर थे और आज की थाने पहुंचे हैं। उधर शुक्रवार को घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं।

कलतक का समय : उधरग्रामीणों किसान सभा ने पुलिस प्रशासन को इस मामले में शुक्रवार तक कारवाई की समय दिया है। किसान सभा सचिव सुरेश वर्मा, सदस्यों बालकिशन बाली, संदीप वर्मा, राकेश वर्मा आदि ने कहा कि यदि कानून के मुताबिक पुलिस ने क्रशर मालिक के विरुद्ध कारवाई की और इस मामले को दबाने का प्रयास किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इन लोगों का आरोप था के पुलिस इस मामले में ढीला रवैया अपना रही है और आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।

आजतक का समय दिया है : उधरठियोग का कार्यभार देख रहे डीएसपी बलबीर जसवाल ने कहा है कि पुलिस ने क्रशर में विस्फोटक बरामद होने, विस्फोट के कारण घरों में दरारें आने को लेकर क्रशर मालिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। विस्फोटक मिलने के मामले में क्रशर मालिक ने शुक्रवार शाम तक का समय मांगा है यदि वह परमिशन नहीं दिखाता है तो शनिवार को उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।

भूविज्ञानी करेंगे जांच : उधरएसडीएम टशी संडुप ने बताया कि उन्होंने भूविज्ञान विभाग के विशेषज्ञों से दीद गांव में जाकर वहां का भू सर्वे करने को कहा है ताकि वहां की भूमि की स्थिति का पता चल सके।

ग्रामीण महिलाएं बोली बंद हो क्रशर

उधरगांवों से आईं महिलाओं संध्या, शांता, मीना, मीरा, सुमन, आदि ने पत्रकारों को बताया कि वे चाहते हैं कि ये क्रशर बंद हो। इन महिलाओं ने बताया कि वे सब प्रदूषण शोर के कारण बीमार हो गई हैं। उनके बच्चे भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। उनके गांव में फसलें नहीं हो रही हैं। बार बार ब्लास्ट किए जाते हैं जिस कारण उनके घरों में दरारें पड़ गई हैं और धरती बार बार हिलती है। महिलाओं के अनुसार वे पहले भी इस क्रशर के विरोध में आवाज उठाती रही हैं लेकिन कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। रविवार शाम को हुए भारी विस्फोट के कारण उन लोगों में डर बैठ गया है। उन्होंने सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर क्रशर को बंद करने की मांग उठाई है।

ठियोग पुलिस थाना के सामने शुक्रवार को प्रदर्शन करते दीद गांव के ग्रामीण।