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चालक परिचालक व सवारियां बारिश में भीगने पर मजबूर

ठियोग नगर में बस अड्डा न होने के कारण परिवहन निगम के कर्मचारी और सवारियां बारिश में भीगने को मजबूर हैं। बुधवार व...

Danik Bhaskar | Mar 23, 2018, 02:20 AM IST
ठियोग नगर में बस अड्डा न होने के कारण परिवहन निगम के कर्मचारी और सवारियां बारिश में भीगने को मजबूर हैं। बुधवार व वीरवार को बारिश के दौरान अपनी डयूटी देकर लौटने वाले निगम की बसों के चालक परिचालक प्रेमघाट में बने एक टिन के अस्थाई रूप से बनाए गए छोटे से शैड के बाहर भीगते हुए अपनी अगली डयूटी की प्रतीक्षा करते पाए गए। यह शैड काफी छोटा है और इसमें केवल अड्डा प्रभारी की ही कुर्सी लगी हुई है। ठियोग में विभिन्न रूटों 40 के आसपास रूटों पर प्रतिदिन 16 बसें आती जाती हैं। एक रूट से लौटने के बाद बसों को दूसरे रूटों पर भेजा जाता है।

प्रेमघाट में ठियोग की स्थानीय बसें चलती हैं। यहां पर सवारियों को बारिश या धूप से बचाने के लिए कोई शैड या भवन नहीं है। लिहाजा ठियोग के विभिन्न गावों को यहां से जाने वाले लोग बाहर खुले में बसों की प्रतीक्षा करते हैं। ठियोग के पुराने बस अड्डे पर जहां पिछले साल भवन गिर गया था वहां पर भी सवारियों को बारिश से बचने का कोई साधन नहीं है। इस पुराने बस अड्डे पर प्रतिदिन सैकड़ों बसें रूकती और चलती हैं। स्थान व भवन के अभाव में यहां स्कूली छात्र छात्राएं, वृद्ध और महिलाएं परेशान होते हैं। जनोगघाट में दो सालों से बस अड्डा बन रहा है लेकिन इसका कार्य धीमी गति से चल रहा है। पुराने बस अड्डे पर डंगा लगना है जिसकी औपचारिकताएं चल रही हैं। प्रेमघाट से स्थानीय बसें चलती हैं लेकिन विभिन्न गावों को जाने वाली सवारियां नगर के बीच पुराने अड्डे के स्थान पर ही खड़ी होती हैं। बस चालकों का कहना है कि उन्हें बसों को पुराने अड्डे पर ले जाकर मोड़ने की अनुमति भी नहीं दी जाती। जबकि निजी बसें वहीं से मुड़ती हैं। इसके अलावा गावों से ठियोग आने वाली ग्रामीण सवारियों को पुराने अड्डे पर उतारने पर भी उनका चालान कर दिया जाता है या चालक का लाइसेंस ले लिया जाता है। चालकों का कहना है कि अस्पताल, पुराने अड्डे आदि पर सवारियां उतरने की जिद करती हैं सो उन्हें उतारना पड़ता है।

ठियोग में पार्किंग के लिए स्थान न होने के कारण बसों को खड़ा करने की परेशानी है। प्रेमघाट में कोटखाई हाटकोटी रोड के चौक पर बसें खड़ी की जाती हैं जिससे वहां जाम लग जाता है। अड्डा प्रभारी सुभाष शर्मा के अनुसार चालक परिचालकों के अलावा यात्रियों को भी असुविधा हो रही है। बस यात्रियों व परिवहन निगम के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बस अड्डा नहीं बन जाता प्रशासन बसों की आवाजाही को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करे ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। पुराने बस अड्डे पर तुरंत डंगा लगाकर वहां यात्रियों के लिए शैड बनाया जाए।

प्रेमघाट में टीन की शैड में चल रहा निगम का कार्यालय, बसें खड़ी करने की परेशानी

बसों के चलने की प्रतीक्षा करते बारिश में भीगते गावों को जाने वाले यात्री।