थियोग

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ठियोग में कहीं ओलों से फसलों को नुकसान, कहीं उड़ी मकानों की छतें

ठियोग क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक मौसम का कहर कई पंचायतों पर टूटा। इससे कई पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई और कई...

Dainik Bhaskar

May 04, 2018, 02:05 AM IST
ठियोग में कहीं ओलों से फसलों को नुकसान, कहीं उड़ी मकानों की छतें
ठियोग क्षेत्र में बुधवार शाम अचानक मौसम का कहर कई पंचायतों पर टूटा। इससे कई पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई और कई स्थानों पर लोगों की छतों को नुकसान पहुंचा। विकास खंड ठियोग की बणी, शटैयां, चियोग, शिलारू पंचायतों के कई गावों में इतने ओले गिरे कि किसानों बागवानों की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई। सबसे अधिक नुकसार फागू क्षेत्र व शिलारू बैल्ट में हुआ। चिखड़ पंचायत के गोदन गांव में एक दलित मस्तराम के दो मंजिला मकान की छत उड़ कर दूर जा गिरी। इससे यह परिवार बेघर हो गया है। पंचायत प्रधान राकेश के अनुसार इस परिवार को प्रशासन की ओर से वीरवार को 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद व तिरपाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि तेज हवा के कारण पंचायत में पेड़ों को भी काफी नुकसान हुआ है।

हेलनेट भी हुए क्षतिग्रस्त

बणी पंचायत के बगनल गांव में बागवान विक्रांत व राजेश ने लाखों रुपए खर्च कर अपने बागीचे में सेब के पौधों को ओलों से बचाने के लिए हेलनैट लगाए थे लेकिन बुधवार शाम हुई भारी ओलावृष्टि से उनके हेलनैट टूट कर जमीन पर आ गिरे। नैट पर गिरे ओलों के कारण लोहे के पोल तक टूट गए। पंचायत प्रधान राजेन्द्र झीना ने बताया कि पंचायत में फूल गोभी, मटर, सेब की फसलें तबाह हो गई हैं और कई किसानों की सेब की नर्सरी भी बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि पंचायत के मखड़ोल, बगनल, चेयड़, गलु आदि में काफी नुकसान हुआ है। पंचायत ने वीरवार को एक प्रस्ताव के जरिए जिलाधीश शिमला से पंचायत में फसलों व मकानों और सड़कों को हुए नुकसान का आकलन करवाकर प्रभावित किसानों को मदद के लिए गुहार लगाई है।

उधर शिलारू पंचायत में भी सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। यहां कई बागीचों में बागवानों के हेलनैट जमीन पर टूट कर आ गिरे। बागवानों के अनुसार इस साल सेब की फसल पहले की कम है ऊपर से ओलों ने उनकी कमर तोड़ दी है। लाखों रुपए हेलनैट पर खर्च करने के बावजूद फसल को वे बचा नहीं पा रहे हैं।

उधर ठियोग के पूर्व विधायक राकेश वर्मा ने प्रदेश सरकार से ठियोग के किसान बागवानों पर मौसम की मार से हो रहे नुकसान का आकलन करने व उनकी मदद करने का आग्रह किया है। लाखों रुपए हेलनैट और करोड़ों रुपए एंटीहेलगनों पर खर्च करने के बावजूद बागवान किसान अपनी फसलें नहीं बचा पा रहे हैं। किसान सभा और ठियोग मंडल कांग्रेस ने भी सरकार से किसानों बागवानों की सुध लेने की मांग की है।

तूफान से चिखड़ पंचायत के गोदन में छत उड़ने के बाद घर के बाहर खड़ा मस्तराम का परिवार।

बणी पंचायत के गलु में खेत ओलों से भर गए।

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