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14 को माईपुल में बिशू सक्रांति पर हजारों श्रद्धालु करेंगे स्नान

ठियोग | ठियोग क्षेत्र में ग्रामीणों ने बिशू की संक्रांति की तैयारियां शुरू कर दी हैं। घरों को लीपा पोता गया है।...

Dainik Bhaskar

Apr 10, 2018, 02:10 AM IST
ठियोग | ठियोग क्षेत्र में ग्रामीणों ने बिशू की संक्रांति की तैयारियां शुरू कर दी हैं। घरों को लीपा पोता गया है। बिशू के दिन स्थानीय लोग नए साल का स्वागत करते हैँ। इस दिन घरों को बुरांश के फूलों व पत्तों से बनी मालाओं से सजाया जाता है। ग्राम देवता भी इस दिन मंदिर से बाहर आकर पूजा व स्नान आदि कर लोगों को दर्शन देते हैं। हर देवी देवता के कलैणे बिशू की साजी को मंदिर में जाकर देवी देवताओं का आर्शीवाद ग्रहण करते हैं। बुरांश की मालाएं एक खास तरह के घास से बनी रस्सियों से बनाई जाती है।

माईपुल में गिरी नदी में स्नान : बिशू का त्यौहार ठियोग में बड़ी धूमधाम व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन माईपुल में गिरी नदी के किनारे हजारों की संख्या में लोग बैसाखी स्नान के लिए पहुंचते हैं। यहां भूतेश्वर मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाएं की जाती हैं। इस दिन यहां पर भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। इस दिन सबसे पहने देवता का स्नान सुबह चार बजे होता है उसके बाद घाट श्रद्धालुओं के लिए खुलते हैं।

बिशू मेलों का आरंभ : ठियोग व सिरमौर के क्षेत्रों में बिशू की साजी के बाद एक माह तक बिशू मेलों का आयोजन भी शुरू हो जाता है। इस दौरान विभिन्न गावों में बिशू मेले आयोजित होते हैं जिनमें लोकक्रीड़ा ठोडा का खेल खेला जाता है। बिशू की साजी को लोग अपने खेतों व फसलों की भी पूजा करते हैं। साल भी की चार श्रेष्ठ संक्रातियों में बिशू भी एक है जिस दिन हर ग्रामीण अपने ग्राम देवी देवताओं के मंदिर जाता है।

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