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अधिकारी न होने के कारण क्षेत्र में कई कृषि प्रसार केंद्र पड़े हैं बंद

पिछले चार दशकों से बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में अव्वल रहने वाले ठियोग विकास खंड के किसानों को कृषि विभाग की ओर...

Dainik Bhaskar

Apr 14, 2018, 02:10 AM IST
पिछले चार दशकों से बेमौसमी सब्जियों के उत्पादन में अव्वल रहने वाले ठियोग विकास खंड के किसानों को कृषि विभाग की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। ठियोग में विभाग के कार्यालय में केवल तीन अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। किसानों को यहां मक्की, टमाटर व कुछ कीटनाशकों के अलावा कुछ नहीं मिलता है। कृषि के कार्य में आने वाली आधुनिक मशीनों व अन्य उपकरणों की भी सप्लाई कभी कभार आती है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रसार केन्द्र बंद होने के कारण भी किसानों को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

हर साल करोड़ों की सब्जियों का उत्पादन

ठियोग की 50 पंचायतों में हर साल सैकड़ों करोड़ रुपए की सब्जियों का उत्पादन होता है। यह सब्जियां उस मौसम में होती हैं जब मैदानी इलाकों में इनका उत्पादन नहीं हो रहा होता है। लेकिन हर साल किसानों का लागत मूल्य बढ़ने से इस व्यवसाय में उन्हें घाटा भी उठाना पड़ रहा है। कुछ दशक पहले तक कृषि विभाग से किसानों को बीज व अन्य सामग्री उपदान पर मिलती थीं। ठियोग पंचायत समिति के अध्यक्ष मदनलाल वर्मा ने प्रदेश सरकार व कृषि विभाग से ठियोग में सब्जी उत्पादन को देखते हुए यहां विभाग में रिक्त पड़े सभी पद भरने की मांग की है।

ठियोग विकास खंड में 50 पंचायतें आती हैं। यहां पिछले 15 सालों से विभिन्न पंचायतों में कृषि प्रसार अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं जिस कारण ये केन्द्र भी बंद हैं। ठियोग में माहौरी, सैंज, पराला, चियोग, संधू, देहा, बलग आदि पंचायतें सब्जी उत्पादन में अग्रणी हैं और यहां पर विभाग ने एईओ की पोस्ट के साथ कृषि प्रसार केन्द्र खोले थे। लेकिन अधिकतर केन्द्र कई सालों से बंद पड़े हुए हैं। इन केन्द्रों में अधिकारी न होने के कारण इनका कोई लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।

कृषि बिक्री केन्द्र नही ख्ुला

विभाग के ठियोग स्थित विकास खंड कृषि कार्यालय में एक विषय विशेषज्ञ, एक एडीओ और एक एईओ की तैनात हैं। यहां कृषि विकास अधिकारी का पद भी खाली पड़ा हुआ है। पिछले दिनों कृषि मंत्री ने कुठार पंचायत के दौरे के दौरान वहां पर भी कृषि बिक्री केन्द्र खोलने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक उस मामले में भी कुछ नहीं हुआ है। ठियोग में कृषि प्रसार अधिकारियों के सात से अधिक पद खाली हैं जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए केन्द्रों का कोई लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है।

अपने बलबूते सब्जी उत्पादन : ठियोग में किसान अपने बलबूते पर बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। किसानों के अनुसार विभाग से न उन्हें अच्छे हाईब्रीड बीज मिलते हैं न अच्छे गुणवत्ता वाले कीटनाशक और अन्य उत्पाद। किसान खुले बाजार से ये सब वस्तुएं खरीदते हैँ जहां उन्हें मनमानी का सामना करना पड़ता है। मंहगे बीजों के अलावा अन्य सामग्री के दाम भी लगातार बढ़ने से किसान कठिनाई में हैं।

स्टॉफ की है कमी : डाॅ. प्रेम

कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. प्रेम प्रकाश मेहता ने बताया कि विभाग में स्टॉफ की कमी है जिसे सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डेपुटेशन के जरिए उपलब्ध अधिकारियों को भेजा जाता है।खुले बाजार में बीजों, कीटनाशकों आदि की गुणवत्ता भी समय समय पर जांची जाती है। उन्होंने बताया कि विभाग उन्हीं बीजों व कीटनाशकों को उपलब्ध करवाता है जिसकी सिफारिश कृषि विवि के वैज्ञानिक करते हैं।

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