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किसानों को नहीं मिल रहे फूलगोभी के अच्छे दाम

ठियोग के बेमौसमी सब्जी उत्पादक किसानों को इस साल उनकी तैयार की गई फूल गोभी के मूल्य बहुत कम मिलने से उनमें निराशा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
ठियोग के बेमौसमी सब्जी उत्पादक किसानों को इस साल उनकी तैयार की गई फूल गोभी के मूल्य बहुत कम मिलने से उनमें निराशा है। किसानों की गोभी की फसल चार से पांच रुपए प्रतिकिलो मंडियों में बिक रही है जबकि उनका लागत मूल्य इससे कहीं अधिक है। पंजाब व अन्य पड़ोसी राज्यों से सब्जियों की आवक के कारण ठियोग के किसानों को कम मूल्य मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि पहाड़ी इलाकों में सब्जियों का लागत मूल्य मैदानी इलाकों से कहीं अधिक होता है और उत्पादन भी कहीं कम हो पाता है।

सैंज बलग में तैयार है फसल

ठियोग निचले व मध्यम ऊंचाई के इलाकों में अप्रैल के प्रथम सप्ताह में फूल गोभी की फसल तैयार हो जाती है। हर साल किसानों को 12 से 15 रुपए प्रतिकिलो का मूल्य मिल जाता था लेकिन इस साल किसानों की फसल भूस के भाव बिक रही है। फूल गोभी को तैयार करने में किसानों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। सारा परिवार इसमें तीन चार महीने लगा रहता है।

मटर के रेट भी कम: ठियोग के किसानों की आजकल मटर की फसल भी तैयार है। मटर के रेट भी 35 रुपए किलो के आसपास हैं। किसानों के अनुसार मटर की फसल इस बार सूखे के कारण कम है। कई किसान तो दिसंबर में बुआई भी नहीं कर पाए। मटर के रेट भी पिछले साल की अपेक्षा कम हैं जबकि मटर उत्पादन में भी काफी मेहनत किसानों को करनी पड़ती है। बीज से लेकर खादों तक किसान अब खुले बाजार पर निर्भर हैं जहां काफी महंगाई है।

निराशा

चार से पांच रुपए किलो बिक रही मेहनत से तैयार फसल, लागत मूल्य से काफी कम दाम मिलने से किसान निराश

ठियोग में सब्जियों का सीजन शुरू होने के बाद फूल गोभी से लदी पिकअप मंडियों में पहुंच रही हैं।

सब्जियों का लागत मूल्य मिले : बलग के पंचायत प्रधान हरनाम सिंह का कहना है कि इस साल फूल गोभी के दाम काफी कम होने से किसान काफी निराश हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में किसानों की मदद करने व उन्हें फसल का लागत मूल्य उपलब्ध करवाने की मांग की है। उधर किसान सभा ठियोग ने भी किसानों की फसलों के सही दाम न मिलने पर चिंता जताई है और सरकार से सब्जियों का लागत मूल्य किसानों को देने की मांग की है। सभा के सचिव सुरेश वर्मा ने कहा है कि हर साल किसानों की हालत खराब हो रही है।

लागत काफी अधिक : किसानों के अनुसार फूल गोभी का हाईब्रीड बीज जो वे उगाते हैं काफी महंगा है। इसकी कीमत प्रति किलो 50 से 60 हजार रुपए है। इसके अलावा इस फसल को कीटों व बीमारियों से बचाने के लिए काफी मंहगे कीटनाशक व अन्य दवाएं इस्तेमाल होती हैं। खाद भी काफी महंगी है। किसानों को पहले फूल गोभी की नर्सरी तैयार करनी पड़ती है। उसके बाद रोपाई में भी काफी श्रम लगता है। बारिश न होने पर सुबह शाम सिंचाई में कई लोगो का श्रम लगता है। लेकिन जो कीमत उन्हें मिल रही है उससे उनकी दिहाड़ी तो दूर बीज खाद का खर्च भी नहीं पूरा हो रहा है।