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आईपीएच ठियोग उपमंडल में 88 योजनाओं को चला रहे 7 फीटर

आईपीएच विभाग के ठियोग उपमंडल में अधिकारियों व फील्ड स्टॉफ की भारी कमी के चलते पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं चल पा रही...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 28, 2018, 02:10 AM IST

आईपीएच विभाग के ठियोग उपमंडल में अधिकारियों व फील्ड स्टॉफ की भारी कमी के चलते पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं चल पा रही है। ठियोग उपमंडल में 14 उठाऊ और 74 साधारण पेयजल योजनाएं हैं लेकिन इन्हें चलाने के लिए मात्र सात फीटर विभाग के पास हैं। विभाग के पास चार कनिष्ठ अभियंताओं पद हैं लेकिन केवल दो जेई ही मौजूद हैं। उठाऊ पेयजल योजनाओं के पंप चलाने के लिए मात्र 11 आपरेटर हैं। ठियोग उपमंडल में विभाग को 37 फीटर, 105 बेलदार, 39 सहायकों और 21 पंप आपरेटरों की कमी है। चौकीदारों के 24 पद भरे जाने हैं। ठियोग में विभाग के पास नाममात्र का स्टॉफ होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की सुचारू देखभाल नहीं हो रही है।

कई पंचायतों में पेयजल समस्या

गर्मियां शुरू होते ही ठियोग के ग्रामीण इलाकों में हर साल पानी की समस्या आती है। पेयजल योजनाओं की सुचारू मरम्मत कर्मचारियों के अभाव में नहीं हो पाती। आजकल सरोग, बणी, धमांदरी, धरेच सहित कई पंचायतों की योजनाओं में पानी की कमी और वितरण के अभाव में लोग परेशान हैं। सरोग पंचायत की उपप्रधान मीरादेवी के अनुसार सरोग गांव को कई कई दिनों बाद पानी मिल रहा है उन्होंने टैंकरों से पानी की मांग की है।

ठियोग आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता रविकांत शर्मा का कहना है कि वे स्वयं मौके पर जाकर सभी योजनाओं का आकलन कर रहे हैं।

धरेच व सरोग पंचायतों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द बारिश नहीं होती है तो समस्या बढ़ सकती है। उनका कहना है कि स्टॉफ की कमी अधिकारियों के संज्ञान में है।

कार्यालय में सालों से नहीं बिल क्लर्क :ठियोग स्थित विभाग के उपमंडल कार्यालय में सालों से बिल काटने वाला क्लर्क नहीं है। ठियोग नगर में इस कारण कई सालों के बिल उपभोक्ताओं को मिलते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी 3-4 सालों से पानी के बिल नहीं मिले हैं। कार्यालय में अन्य स्टॉफ की भी कमी है।

पेयजल से सिंचाई की शिकायतें :कई गांवों में लोग पीने के पानी का इस्तेमाल सब्जियों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। ऐसी कई शिकायतें विभाग के पास भी आ रही हैं। लेकिन विभाग के पास फील्ड स्टॉफ न होने के कारण इस पर अंकुश नहीं लगाया जा पा रहा है। विभाग का एक फीटर कई कई योजनाओं को देख रहा है। इसी प्रकार उठाऊ पेयजल योजनाओं के पंप चलाने के लिए भी पर्याप्त स्टॉफ नहीं है। ठियोग में पिछले दो दशकों में कई नई योजनाएं बनी हैं लेकिन इनके लिए स्टॉफ की व्यवस्था नहीं की गई है।

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