थियोग

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ठियोग में कांग्रेस को एकजुट करना होगी चुनौती

चार माह पूर्व विस चुनावों में करारी हार के बाद ठियोग कांग्रेस के कई खेमों में बंट गई है। इसके चलते अगले साल होने...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:10 AM IST
चार माह पूर्व विस चुनावों में करारी हार के बाद ठियोग कांग्रेस के कई खेमों में बंट गई है। इसके चलते अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले ठियोग में कांग्रेस के बिखरे कुनबे को एकजुट करने की चुनौती प्रदेश कांग्रेस के सामने रहेगी। कांग्रेस नेता स्टोक्स के राजनीति से हटने के बाद ठियोग में पार्टी पर बर्चस्व की जंग भी तेज हो गई है।

ठियोग विधानसभा क्षेत्र में दो मंडल

ठियोग विस क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को चलाने के लिए दो मंडल बनाए गए हैं। कुमारसैन व ठियोग तहसीलों में अलग अलग अध्यक्ष व कार्यकारिणी भी बनी हुई है। विस चुनावों में कांग्रेस के ठियोग में टिकट को लेकर चले लंबी नौटंकी के बाद यहां से चुनाव लड़ने वाले दीपक राठौर राहुल गांधी के खास बताए जाते हैं और वे आईसीसी के सदस्य हैं। चुनावों में दीपक राठौर की जमानत जब्त हो गई थी जो ठियोग के इतिहास में पहली बार हुआ। उन्होंने इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं को दोषी भी ठहराया था।

स्टोक्स की मौजूदगी में भिड़ गए थे कार्यकर्ता

पिछले दिनों ठियोग मंडल कांग्रेस की बैठक में स्टोक्स की मौजूदगी में ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यहां तक कि एक गुट ने बड़े नेताओं के विरूद्ध गाली गलौच से भी परहेज नहीं किया। इससे कार्यकर्ताओं व खेमों के बीच की दूरी और बढ़ गई है। दीपक की पार्टी हाईकमान में पहुंच के चलते वे संगठन पर पकड़ बनाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।

ठियोग के कई नेताओं पर विस चुनावों में माकपा के लिए वोट ट्रांस्फर करवाने का आरोप चुनाव परिणामों से ही लग रहा है। ऐसे में पार्टी आने वाले लोकसभा चुनावों में एकजुट होकर अपने प्रत्याशी के लिए काम करे इसके लिए नेताओं के प्रयास कितने कारगर रहते हैं वह समय बताएगा। फिलहाल ठियोग कांग्रेस में मचा घमासान विपक्षियों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

विस चुनावों में करारी हार के बाद कई खेमों में बंटा कुनबा

चुनाव प्रचार में ही खेमेबाजी

दीपक को हाईकमान से टिकट मिलने के विवाद के बाद चुनाव प्रचार के बीच ही पिछली वीरभद्र सरकार में औद्यौगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा को पार्टी से निष्काषित भी कर दिया गया था। अतुल वीरभद्र खेमे के हैं और ठियोग में स्टोक्स के बाद पार्टी की कमान अपने हाथों में लेना चाहते हैं। उनके साथ ठियोग युकां व अन्य कई समर्थक जुड़े हुए हैं। उधर दीपक राठौर अपने समर्थकों के साथ मिलकर ठियोग में अपना बर्चस्व चाहते हैं।

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