--Advertisement--

नगर परिषद की दुकानें सबलैट करने वालों पर होगी कार्रवाई

ठियोग नगर परिषद में कई दशक पूर्व दूकानें किराए पर लेकर उन्हें सबलैट करने वालों पर नप ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ...

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 02:10 AM IST
ठियोग नगर परिषद में कई दशक पूर्व दूकानें किराए पर लेकर उन्हें सबलैट करने वालों पर नप ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ समय पहले एसडीएम की अध्यक्षता में नगर परिषद की बैठक में सबलैटिंग के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय किया गया था। नप ने इसे लेकर सभी किराएदारों को नोटिस भेजकर उनसे पूरा ब्यौरा मांगा है। इस नोटिस में नप ने किराएदारों से रैंट डीड, सेल डीड, लीज डीड आदि कागजात की प्रतियां मांगी हैं। इसके लिए नप ने किराएदारों को 15 दिनों का समय दिया है। जिन लोगों के पास इस प्रकार के कागजात नहीं होंगे उनपर अनधिकृत रूप से नप की दुकानों पर कब्जा माना जाएगा और उसे छुड़ाने के लिए नप कानूनी कार्रवाई का सहारा लेगी।

नगर परिषद अध्यक्षा शांता शर्मा ने बताया कि नप की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार सबलैटिंग पर कार्रवाई शुरू की गई है। नप की दुकानों पर काबिज लोग यदि किराया, लीज के कागजात तय दिनों के भीतर नप कार्यालय में नहीं देते हैं तो इन दुकानों को खाली करवाने या नया एग्रीमैंट बनाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

दशकों से हो रही सबलैटिंग : ठियोग नप में नप की कई दुकानें कई दशकों से किराए पर हैं। जिनका किराया नाममात्र है। कई दुकानों का तो रिकार्ड भी नप के पास नहीं है कि उन दुकानों को किसने किराए पर लिया था। नप को इन दुकानों का नाममात्र का किराया मिल रहा है लेकिन उस दुकान पर आज कौन काबिज है इसे लेकर नप अंधेरे में है।

कई किराएदार कर रहे कमाई : नप क्षेत्र में कई किराएदार नप की दुकानों से घर बैठे अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। जिस दुकान का किराया नप को 300-400 रुपए प्रतिमाह मिल रहा है उसे किराएदारों ने आगे 10 हजार या इससे भी अधिक किराए पर सबलैट कर रखा है। और वे घर बैठे अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। कई दुकानें तो ऐसी हैं जो कई कई बार आगे से आगे सबलैट हुई हैं और उनके असली मालिक का भी पता नहीं है। नप की कई दुकानें तो पगड़ी पर देकर असली किराएदार गायब हो गए हैं।

कर रखे है अवैध कब्जे

कई किराएदारों ने नप की दुकानों की मंजिलें भी बढा ली हैं। जिस काम के लिए दुकान दी गई थी कई उससे अलग काम कर रहे हैं। दुकानों के आसपास के स्थानों पर भी कई लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इसके चलते नप को अपनी इन दुकानों से जितनी आय होनी चाहिए उतनी नहीं हो रही है। एक प्रकार से नप की संपत्ति की लूट पिछले कई सालों से जारी है। ठियोग बस स्टैंड, शालीबाजार, सहित सभी वार्डों में नप की संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है।