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देवी जयेश्वरी मां धरेच नगरकोटी यात्रा पर रवाना

ठियोग उपमंडल के धरेच व आसपास की पंचायतों की प्रसिद्ध ग्राम देवी जयेश्वरी मां 23 सालों के बाद कांगड़ा के नगरकोटी के...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 02:10 AM IST
देवी जयेश्वरी मां धरेच नगरकोटी यात्रा पर रवाना
ठियोग उपमंडल के धरेच व आसपास की पंचायतों की प्रसिद्ध ग्राम देवी जयेश्वरी मां 23 सालों के बाद कांगड़ा के नगरकोटी के लिए रवाना हो गई हैं। उनके साथ उनके देव भाई बखोग के देवता सोगू महाराज भी इस यात्रा पर निकले हैं। देवी देवता के साथ दोनों देवठियों के 72 कारदार व कलैणे हैं जो 20 दिन से अधिक की इस पैदल यात्रा में रहेंगे।

सैकड़ों लोगों ने दी विदाई : रविवार को धरेच, चियोग, टियाली व आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग अपने ईष्ट देवी देवताओं को विदा करने के लिए फागू तक पहुंचे। देव वाद्यों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी विदाई में फागू पहुंचीं। देवी की यह यात्रा शनिवार को धरेच के अपने मंदिर जिसे केलिया कहते हैं वहां से रवाना हुई थी। इस दौरान देव परंपरा के अनुसार देवी ने स्वयं गुर के जरिए यात्रा शुरू करने के संकेत दिए। इसी प्रकार बखोग देवठी से देवता सोगू महाराज ने भी प्रस्थान किया। शनिवार शाम को देवी चियोग के समीप डमोहर गांव में रूकीं जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।

रविवार शाम कुफरी में होगा ठहराव : देवी व देवता की इस यात्रा के दौरान रविवार को कुफरी के समीप पहला ठहराव होगा। फागू से देवी देवता के विदा कर यात्रियों के अलावा सभी कलैणे वापिस लौट गए। पूर्व शिक्षक मोहनलाल चंदेल ने बताया कि इस यात्रा का बड़ा महत्व है। इससे पहले देवी व देवता 1996 में कांगड़ा गए थे। इससे पहले यह यात्रा 1974 में हुई थी।

आस्था

देवी देवता के साथ दोनों देवठियों के 72 कारदार व कलैणे हैं जो 20 दिन से अधिक की इस पैदल यात्रा में रहेंगे

जयेश्वरी देवी धरेच की यात्रा के दौरान देव परंपरा का निर्वहन करने को रूके यात्री।

ये कारदार चलेंगे साथ : देवी व देवता को पुजारी अपनी गोद में लेकर चलते हैं। इस यात्रा में धरेच देवठी के वजीर सीताराम, जालमूराम, बाबा सीताराम, पुजारी रोशन व गुर दौलत राम व मेदराम के अलावा अन्य कारदार व कलैणे होंगे। बखोग देवठी से गुर ब्रह्मप्रकाश, यात्रा भंडारी राकेश, पुजारी नरेश, कारदार संदीप, केशवराम, मदन, जयकिशन,बेगाराम आदि के अलावा कई कलैणे इस यात्रा में रहेंगे। बीस या कुछ अधिक दिन की यात्रा के बाद वापिस लौटने पर दोनों देवठियों में देव समारोह आयोजित किए जाएंगे।

कुछ देवता जाते हैं केदारनाथ : ठियोग क्षेत्र के ग्राम देवी व देवता अलग अलग तीर्थों की यात्रा करते हैं। माना जाता है कि जिन देवठियों में बलि प्रथा रही है वे नगरकोटी कांगड़ा और जो देवता दूधाधारी हैं वे केदारनाथ की यात्रा पर जाते हैं। माना जाता है कि इन तीर्थों पर जाकर देवी देवता नई शक्तियां प्राप्त करते हैं ओर वापिस लौटकर अपने कलैणों का कल्याण करते हैं।

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देवी जयेश्वरी मां धरेच नगरकोटी यात्रा पर रवाना
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