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डाॅक्टरों का आवास बना आवारा पशुआंे की पनाहगार

करसोग में करीब तीन दर्जन आवारा पशु लोगों की फसलों का खासा नुकसान कर रहे हैं। किसानों की फसलों को हररोज चाैपट कर रहे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 17, 2018, 02:10 AM IST

डाॅक्टरों का आवास बना आवारा पशुआंे की पनाहगार
करसोग में करीब तीन दर्जन आवारा पशु लोगों की फसलों का खासा नुकसान कर रहे हैं। किसानों की फसलों को हररोज चाैपट कर रहे हैं। आवारा पशुओं के खुला छोड़ने पर कई किसानों ने अपने खेतों में फसलों को उगाना भी बन्द कर दिया है। वहीं आवारा पशुओं को खुले छोड़ने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। देवभूमि में सरकार की ओर से गौवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सरकार के तमाम दावों के चलते गौ सदन बनाने को लेकर कई दावे तो किए जाते हैं लेकिन उसपर लगता है कि कोई अमल नहंी हो रहा है। हालात ये है कि आवारा पशुओं के रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने से लगातार आवारा पशुओं की संध्या बढने से किसानों का खासा भी नुकसान हो रहा है। वहीं यह आवारा पशु दिन में किसानों की फसल चाैपट करते हैं तो रात को उनका ठिकाना अस्पताल काॅलोनी रहता है। वहीं सिविल अस्पताल की अावासीय काॅलोनी आवारा पशुओं की पनाहगार बनी हुई हंै। जिसके कारण सरकारी आवास गंदगी से गुड गोबर हो रहेे हंै। िचकित्सकों के आवास पर आवारा पशुओं ने अपने लिए एक सुरक्षित पनाहगार बना लिया। हालांकि चिकित्सों ने अपने खर्चे से हाल ही में यहां कांटेदार तार से बाडबंदी भी कर दी हैं। बावजूद इसके कि अब आवारा पशु फिर भी इसी आवास के इर्द-गिर्द रूकते हैं। जिससे इस आवास की हालत खराब हो रही है और इसी आवास के दूसरे फलोर में डाॅक्टरों के लिए आवास बनाये गए हैं।

आवारा पशुओं से किसानों का भी हो रहा है नुकसान , फसलों को कर रहे चाैपट

डाॅक्टरांे के सरकारी आवास के बाहर खडे आवारा पशु।

वाहनों की टक्कर से घायल हो रहे सड़कों पर आवारा पशु

ठियोग | ठियोग व आसपास के इलाकों में एनएच पांच व अन्य सड़कों पर घूमते आवारा पशु आए दिन वाहनों की टक्कर से मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। ठियोग नगर, मतियाना, नारकंडा के अलावा छैला, सैंज पराला सहित कई इलाकों में बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों पर हैं। ठियोग नगर में पशुशाला में 25 आवारा पशुओं को रखा जा रहा है लेकिन नगर में आवारा पशुओं की संख्या इससे कहीं अधिक है। रोजना नगर के आसपास छोड़े जा रहे गाय, बैल व बछड़े बाजारों में घूमते पाए जाते हैं। दो पशुओं को टक्कर मारी- तीन दिन पूर्व नगर में छेईधाला के पास एक गाय किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से मारी गई जबकि एक बैल् दो दिन सड़क पर ही घायल अवस्था में पड़ा रहा। माकपा सदस्य राकेश गोलू ने बताया कि नगर में कई लोग गाय के नाम पर चंदा एकत्र करते हैं लेकिन इसके बावजूद आवारा व घायल पशुओं की देखभाल के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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