--Advertisement--

जराई स्कूल मुख्याध्यापक व शारीरिक शिक्षक के सहारे

ठियोग उपमंडल की क्लींड पंचायत के जराई में एक साल पहले पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से स्तरोन्नत किए गए हाई स्कूल में...

Dainik Bhaskar

May 08, 2018, 02:10 AM IST
ठियोग उपमंडल की क्लींड पंचायत के जराई में एक साल पहले पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से स्तरोन्नत किए गए हाई स्कूल में अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। ठियोग के दूरदराज क्षेत्र के इस हाई स्कूल में केवल एक मुख्याध्यापक व एक शारीरिक शिक्षक है। यहां कला, विज्ञान के टीजीटी नहीं हैं। शास्त्री अध्यापक चार सालों से नहीं है। एलटी भी नहीं है। अभिभावक रामानंद शर्मा ने बताया कि अध्यापक न होने के कारण सुबह विद्यार्थी स्कूल जाते हैं और शाम को लौट आते हैं। उन्होंने बताया कि यहां एक अध्यापक मार्च में तबादला करवाकर चला गया। उन्होंने कहा कि इस स्कूल का दर्जा तो बढ़ाया गया लेकिन अध्यापक नहीं भेजे गए। यहां तक कि मिडल स्कूल में जो अध्यापक थे वे भी अब जा चुके हैं।

उधर ठियोग के पूर्व विधायक राकेश वर्मा ने जराई सहित ठियोग के विभिन्न स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की मांग सरकार से की है।

उन्होंने कहा है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने कई स्कूलों का दर्जा बढ़ाया लेकिन उनमें स्टॉफ नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जराई के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर स्कूलों में शिक्षक न होने के कारण ग्रामीण विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है और गावों से लोगों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहरों में भेजना पड़ रहा है। उधर माकपा ने भी ठियोग क्षेत्र के सभी ग्रामीण स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों को भेजने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि ठियोग में एनएच व अन्य सड़क किनारे के स्कूलों में अध्यापकों की कमी नहीं है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापक नहीं हैं।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..